आयुष
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा की आयुष प्रणालियों के बारे में जागरूकता एवं रुचि को बढ़ावा देने और मजबूत करने हेतु आयुष से संबंधित अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की योजना
बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, लातविया और मलेशिया में आयुष से संबंधित कार्यात्मक शैक्षणिक पीठ
Posted On:
17 DEC 2024 5:47PM by PIB Delhi
आयुष मंत्रालय ने आयुष से संबंधित अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने हेतु केन्द्रीय क्षेत्र की एक योजना विकसित की है। इस योजना का उद्देश्य आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा एवं होम्योपैथी के अंतरराष्ट्रीय प्रचार, विकास तथा मान्यता को सुविधाजनक बनाने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुष के हितधारकों की बातचीत एवं बाजार विकास को बढ़ावा देने, आयुष प्रणालियों के प्रचार व प्रसार के लिए विशेषज्ञों एवं सूचनाओं के अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का समर्थन करने, वैश्विक स्तर पर आयुष उत्पादों/सेवाओं/शिक्षा/अनुसंधान/प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और विदेशों में आयुष शैक्षणिक पीठों की स्थापना के माध्यम से शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुष चिकित्सा प्रणालियों के बारे में जागरूकता एवं रुचि को बढ़ावा देना और मजबूत करना है।
इस योजना के तहत मंत्रालय आयुष से संबंधित उत्पादों एवं सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु भारतीय आयुष दवा निर्माताओं/आयुष सेवा प्रदाताओं को सहायता प्रदान करता है; आयुष चिकित्सा प्रणालियों के अंतरराष्ट्रीय प्रचार, विकास तथा मान्यता को सुविधाजनक बनाता है; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हितधारकों की बातचीत और आयुष के बाजार विकास को बढ़ावा देता है; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुष चिकित्सा प्रणालियों के बारे में जागरूकता एवं रुचि को बढ़ावा देने और मजबूत करने हेतु विदेशों में आयुष शैक्षणिक पीठों की स्थापना और प्रशिक्षण कार्यशाला/संगोष्ठियों के आयोजन के माध्यम से शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देता है।
आयुष मंत्रालय ने रोगों के अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण (आईसीडी-10 और 11) में ‘पारंपरिक चिकित्सा के अध्याय को शामिल करने; वैज्ञानिक अनुसंधान का समर्थन करने; आयुष निर्यात संवर्धन परिषद (आयुषईएक्ससीआईएल) की स्थापना करने; पारंपरिक चिकित्सा से संबंधित विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैश्विक केन्द्र के निर्माण; दुनिया भर में योग और आयुर्वेद दिवस मनाने आदि की पहल की है।
इसके अलावा, आयुष मंत्रालय ने आयुष चिकित्सा प्रणालियों के अंतरराष्ट्रीय प्रचार, विकास और मान्यता की दिशा में निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
• दूसरे देशों के साथ पारंपरिक चिकित्सा और होम्योपैथी के क्षेत्र में सहयोग के लिए 24 देश-दर-देश समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
• विदेशों में आयुष से संबंधित शैक्षणिक पीठों की स्थापना हेतु अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ 15 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
• सहयोगात्मक अनुसंधान/शैक्षणिक सहयोग हेतु विदेशी संस्थानों के साथ संस्थान स्तर के समझौता ज्ञापनों पर नियमित रूप से हस्ताक्षर किया है।
• 38 देशों में 42 आयुष सूचना कक्षों की स्थापना में सहयोग किया।
• अंतरराष्ट्रीय आयुष फेलोशिप/छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत भारत में मान्यता प्राप्त आयुष संस्थानों में आयुष पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने हेतु विदेशी नागरिकों को छात्रवृत्ति प्रदान करता है।
आयुष मंत्रालय के अधीन बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, लातविया और मलेशिया में आयुष से संबंधित कार्यात्मक शैक्षणिक पीठ हैं। विदेशी संस्थानों में आयुष से संबंधित पीठ की पहल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुष चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने के भारत के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है। विदेशी विश्वविद्यालयों में आयुष से संबंधित पीठों की स्थापना अंतरराष्ट्रीय सहयोग व अनुसंधान को बढ़ावा देने और आयुष के लाभों को बढ़ावा देने से जुड़ी एक महत्वपूर्ण रणनीति है। पीठ का लक्ष्य आमतौर पर आयुष के बारे में अकादमिक आदान-प्रदान, अनुसंधान एवं सार्वजनिक जागरूकता को आगे बढ़ाना तथा मेजबान देश में इसकी मान्यता एवं स्वीकृति में योगदान देना है।
आयुष से संबंधित पीठ की स्थापना या तो द्विपक्षीय प्रयासों या आयुष से संबंधित पीठ की मेजबानी हेतु किसी विदेशी संस्थान की इच्छा का परिणाम है। इसके बाद विदेशी विश्वविद्यालय और आयुष मंत्रालय के तहत एक संस्थान के बीच एक पीठ से संबंधित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाते हैं। इसके बाद, अपेक्षित योग्यता वाले एक आयुष विशेषज्ञ का चयन किया जाता है। फिर अध्यक्ष को विदेशी विश्वविद्यालय में प्रतिनियुक्त किया जाता है। आयुष मंत्रालय वेतन एवं यात्रा लागत प्रदान करता है, जबकि मेजबान विदेशी विश्वविद्यालय अध्यक्ष को किराया-मुक्त आवास एवं स्थानीय आतिथ्य प्रदान करता है। यह अध्यक्ष प्रारंभ में एक वर्ष के लिए नियुक्त किया जाता है और इसे तीसरे वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
आयुष मंत्रालय ने विभिन्न देशों के साथ देश के स्तर और संस्थान के स्तर पर समझौते किए हैं, जिसमें विशेषज्ञों और सूचनाओं के आदान-प्रदान का उद्देश्य शामिल है। इस संबंध में, मंत्रालय विभिन्न व्यापार मेलों, सम्मेलनों, द्विपक्षीय/बहुपक्षीय बैठकों, तकनीकी प्रशिक्षणों में इस योजना के तहत विशेषज्ञों को तैनात करता है और इसी तरह अन्य देश भी भारत में आयोजित बैठकों/कार्यक्रमों में अपने विशेषज्ञों को भेजते हैं।
यह जानकारी केन्द्रीय आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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एमजी/केसी/आर
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