अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की पांच पूर्ववर्ती कौशल एवं सशक्तिकरण योजनाओं को एकीकृत करता है
प्रविष्टि तिथि:
11 DEC 2024 5:59PM by PIB Delhi
नयी रोशनी योजना, जिसे 2012-13 में शुरू किया गया था, के तहत लगभग 4.35 लाख अल्पसंख्यक महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करके, और 'नेतृत्व विकास', स्वास्थ्य और स्वच्छता, महिलाओं के कानूनी अधिकार, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, स्वच्छ भारत, जीवन कौशल और सामाजिक एवं व्यवहारिक बदलावों के लिए वकालत के माध्यम से सशक्त और आत्मविश्वासी बनाना है।
योजनाओं के कार्यान्वयन में जो चुनौतियां सामने आईं, वे मुख्यतः लक्षित समूह के बीच जागरूकता के स्तर, प्रशिक्षण प्रदाताओं की क्षमता निर्माण, योजना के विस्तार और विभिन्न हितधारकों के माध्यम से इसकी आपूर्ति से संबंधित थीं। इन चुनौतियों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, नयी रोशनी योजना को एकीकृत योजना प्रधान मंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) में शामिल कर लिया गया है। यह योजना मंत्रालय की पांच पूर्ववर्ती कौशल विकास और सशक्तिकरण योजनाओं को एकीकृत करती है और सामुदायिक स्तर की आकांक्षाओं और चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्हें मुख्यधारा में लाने और आधुनिक प्रासंगिक कौशल के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार का प्रयास करती है।
पीएम विकास योजना का नेतृत्व और उद्यमिता उप-घटक अल्पसंख्यक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने पर केंद्रित है, ताकि उन्हें स्थायी आर्थिक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें और उन्हें वित्तीय संस्थानों जैसे कि एनएमडीएफसी, बैंक, एनबीएफसी आदि के साथ संपर्क स्थापित कर, उद्यम/स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिल सके।
यह जानकारी केंद्रीय अल्पसंख्यक एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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एमजी/केसी/जीके
(रिलीज़ आईडी: 2083397)
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