सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
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पंजीकृत मोटर वाहन

प्रविष्टि तिथि: 05 DEC 2024 5:58PM by PIB Delhi

केन्द्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 118 के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (1988 का 59) की धारा 41 की उप-धारा (4) के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित प्रत्येक परिवहन वाहन, जैसा इसमें प्रावधान है, के सिवाय, और 1 अक्टूबर, 2015 को या उसके बाद निर्मित, वाहन निर्माता द्वारा विनिर्माण चरण में या डीलरशिप चरण में, समय-समय पर संशोधित मानक एआईएस 018/2001 के अनुरूप 80 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम पूर्व-निर्धारित गति वाले स्पीड गवर्नर (गति सीमित करने वाला उपकरण या गति सीमित करने वाला कार्य) से सुसज्जित या फिट किया जाएगा।

बशर्ते कि परिवहन वाहन जो-

  1. दो पहिया वाहन;
  2. तिपहिया वाहन;
  3. क्वाड्रिसाइकिल;
  4. अग्निशमन वाहन;
  5. एम्बुलेंस;
  6. पुलिस वाहन;
  7. नियम 126 में निर्दिष्ट परीक्षण एजेंसी द्वारा सत्यापित और प्रमाणित, जिनकी अधिकतम निर्धारित गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं है; उन्हें स्पीड गवर्नर (गति सीमित करने वाला उपकरण या गति सीमित करने वाला कार्य) से सुसज्जित या फिट किए जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

30 नवंबर, 2024 तक 2.18 करोड़ परिवहन वाहनों में से 10.70 लाख परिवहन वाहनों में गति सीमा उपकरण (एसएलडी) लगे हुए हैं।

30 नवंबर, 2024 तक, मोटर वाहनों के राष्ट्रीय रजिस्टर यानी वाहन 4.0 के अनुसार, पंजीकृत मोटर वाहनों की कुल संख्या लगभग 38.51 करोड़ है। ड्राइविंग लाइसेंस के राष्ट्रीय रजिस्टर यानी सारथी 4.0 के अनुसार, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और वैध लर्नर लाइसेंस की कुल संख्या क्रमशः 18.20 करोड़ और 95.79 लाख है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस में वाहनों की कई श्रेणियां जोड़ी जा सकती हैं। इसके अलावा, कोई व्यक्ति या कंपनियां, गैर सरकारी संगठन, सरकार, स्थानीय निकाय आदि जैसी संस्थाएं अपने नाम पर एक से अधिक मोटर वाहन रख सकती हैं।

वाहन 4.0 पर बीमा सूचना ब्यूरो (आईआईबी) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बीमित मोटर वाहनों की कुल संख्या 17,54,37,351 है। इसके अलावा, मोटर वाहनों के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) की कुल संख्या 5,34,30,822 है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115 के उप-नियम (7) के अनुसार, नए मोटर वाहन जिन्होंने अपने प्रारंभिक पंजीकरण की तारीख से एक वर्ष पूरा नहीं किया है, उन्हें पीयूसीसी से गुजरना आवश्यक नहीं है। इसके अलावा, केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115 के उप-नियम (1) और (2) के अनुसार, बैटरी चालित वाहनों और गैर-स्व-चालित वाहनों (ट्रेलर, आदि) को प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) से छूट दी गई है।

केन्द्र सरकार की भूमिका मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में निहित प्रावधानों के अनुसार केन्द्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत नियमों/विनियमों को अधिसूचित करना है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केन्द्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के प्रावधानों का कार्यान्वयन राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के संबंधित प्राधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आता है।

ई-चालान पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 1 जनवरी, 2019 से 31 दिसंबर, 2023 तक जारी किए गए ई-चालान की संख्या और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार को छोड़कर, जहां ई-चालान को उक्त अवधि में लागू नहीं किया गया) को प्राप्त राजस्व का राज्यवार ब्यौरा निम्नानुसार है:

 

क्रम संख्या

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

जारी किए गए चालान की संख्या

राजस्व संग्रह (रुपये में)

1.

तमिलनाडु

5,57,62,916

7,55,58,16,274

2.

उत्तर प्रदेश

4,40,03,150

24,95,18,72,926

3.

केरल

1,88,35,738

6,90,92,02,912

4.

हरियाणा

1,03,90,665

14,65,17,51,846

5.

दिल्ली

90,22,711

5,71,43,38,802

 

क्रम संख्या

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

जारी किए गए चालान की संख्या

राजस्व संग्रह (रुपये में)

6.

राजस्थान

58,55,678

13,93,47,99,915

7.

ओडिशा

54,11,511

5,00,06,47,690

8.

बिहार

43,41,219

14,03,85,98,368

9.

हिमाचल प्रदेश

36,06,736

3,81,74,53,286

10.

पश्चिम बंगाल

33,44,857

3,18,46,88,520

11.

गुजरात

33,31,209

6,80,31,93,071

12.

महाराष्ट्र

30,91,878

9,44,11,27,057

13.

गोला

25,86,910

78,30,56,228

14.

चंडीगढ़

22,90,051

1,49,99,55,378

15.

मध्य प्रदेश

20,19,408

69,21,38,896

16.

असम

18,08,274

3,51,13,99,862

17.

जम्मू और कश्मीर

17,62,845

50,38,34,565

18.

उत्तराखंड

14,30,163

1,65,34,12,974

19.

त्रिपुरा

8,24,362

26,80,74,243

20.

झारखंड

6,71,941

50,07,44,416

21.

छत्तीसगढ़

4,93,068

33,79,34,672

22.

पंजाब

4,07,691

31,53,48,085

23.

आंध्र प्रदेश

3,87,676

77,49,215

24.

पुडुचेरी

2,90,868

6,29,94,200

25.

कर्नाटक

2,79,957

5,28,61,700

26.

मेघालय

70,531

6,58,82,600

27.

दादरा और नगर हवेली और दमन और

दीव

57,985

3,51,64,187

28.

मिजोरम

15,709

1,38,12,800

29.

मणिपुर

7,128

4,25,99,12

30.

सिक्किम

1,564

73,03,090

31.

लद्दाख

651

2,96,625

कुल

18,24,05,050

1,26,31,97,14,315

यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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एमजी/केसी/वीएस


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