वित्त मंत्रालय
भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक ने मेघालय में जलवायु अनुकूल जल संचयन परियोजना के लिए 50 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए
यह परियोजना मेघालय के 12 जिलों में 532 छोटे जल-भंडारण स्थलों के निर्माण में सहायता करेगी और साथ ही किसानों को भरोसेमंद सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए 3,000 हेक्टेयर कमान क्षेत्र का विकास भी करेगी
परियोजना के तहत गारो, जैंतिया तथा खासी क्षेत्रों में जलवायु संबंधी आंकड़ों के एकत्रीकरण एवं निगरानी के लिए 50 मौसम केंद्र और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियां भी स्थापित की जाएंगी
प्रविष्टि तिथि:
05 DEC 2024 4:51PM by PIB Delhi
भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने आज 50 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य जल-संचयन प्रणालियों का निर्माण करके जल सुरक्षा को बढ़ाना है, ताकि जल तक पहुंच में सुधार हो और मेघालय में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति सामुदायिक अतिसंवेदनशीलता कम हो।
मेघालय में जलवायु-अनुकूलन समुदाय-आधारित जल-संचयन परियोजना के लिए ऋण समझौते पर भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री जूही मुखर्जी और एशियाई विकास बैंक की ओर से बैंक के लिए भारत में मिशन की कंट्री डायरेक्टर सुश्री मियो ओका ने हस्ताक्षर किए।
सुश्री मुखर्जी ने ऋण समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि यह परियोजना मेघालय राज्य जल नीति (एमएसडब्ल्यूपी) 2019 के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य सहभागी दृष्टिकोण के माध्यम से राज्य के जल संसाधनों का सतत विकास, प्रबंधन व उपयोग करना, अतिसंवेदनशीलता को कम करना और एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
सुश्री मियो ओका ने कहा कि वित्तपोषण के अलावा, एशियाई विकास बैंक के मूल्य संवर्धन में एमएसडब्ल्यूपी के कार्यान्वयन में राज्य की सहायता करना और जल सुरक्षा योजनाओं में जलवायु अनुकूलन उपायों को एकीकृत करने पर मार्गदर्शन प्रदान करना प्रस्तावित है। इसमें आर्थिक विकास के लिए कृषि, मत्स्य पालन, बागवानी, जल आपूर्ति तथा अन्य उत्पादक आजीविकाओं को सहयोग देने के उद्देश्य से जल संचयन प्रणालियों (डब्ल्यूएचएस) की रूपरेखा तैयार करना भी शामिल है।
यह परियोजना सूक्ष्म जलग्रहण क्षेत्रों और आपदा जोखिम प्रबंधन पर विचार करते हुए राज्यव्यापी डब्ल्यूएचएस मास्टर प्लान विकसित करने में मदद करेगी। इससे गांव स्तर पर जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण में मार्गदर्शन मिलेगा, जिसका प्रबंधन ग्राम रोजगार परिषदों, वाटरशेड प्रबंधन समितियों तथा जल उपयोगकर्ता संघों द्वारा किया जाएगा।
इस परियोजना से 12 जिलों में 532 छोटे जल-भंडारण स्थलों के निर्माण में सहायता मिलेगी। इन जल सुविधाओं में मॉनसून के मौसम में मूसलाधार वर्षा और अचानक आने वाली बाढ़ को रोकने एवं प्रबंधित करने के लिए जलवायु-अनुकूल प्रणालियों को शामिल किया जाएगा। इससे संग्रहित हुआ पानी शुष्क मौसम के दौरान जल सुरक्षा में सुधार करेगा। इस परियोजना के तहत किसानों को भरोसेमंद सिंचाई क्षेत्र उपलब्ध कराने के लिए 3,000 हेक्टेयर कमान क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसके तहत गारो, जैंतिया और खासी क्षेत्रों में जलवायु संबंधी आंकड़ों को एकत्र करने और निगरानी करने तथा सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के लिए 50 मौसम केंद्र स्थापित किए जाएंगे। परियोजना के अंतर्गत तीन जल विद्युत संयंत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा सूक्ष्म जल विद्युत का प्रायोगिक परीक्षण भी किया जाएगा।
एशियाई विकास बैंक जल प्रबंधन, संचालन व प्रबंधन में मेघालय राज्य जलग्रहण एवं बंजर भूमि विकास एजेंसी तथा मृदा और जल संरक्षण विभाग की क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा। इसके अलावा, इस परियोजना के माध्यम से किसानों, विशेषकर महिलाओं को बागवानी एवं मत्स्य पालन तकनीकों जैसे सिंचित कृषि में आजीविका उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
एशियाई विकास बैंक समृद्ध, समावेशी, लचीले व टिकाऊ एशिया और प्रशांत क्षेत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही यह अत्यधिक गरीबी उन्मूलन के अपने प्रयासों को भी जारी रखे हुए है। वर्ष 1966 में स्थापित इस संगठन के स्वामित्व में 69 सदस्य हैं, जिनमें से 49 सदस्य इसी क्षेत्र से हैं।
एमजी/केसी/एनके
(रिलीज़ आईडी: 2081310)
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