मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

नीली क्रांति एवं तटीय अवसंरचना विकास

प्रविष्टि तिथि: 03 DEC 2024 6:12PM by PIB Delhi

कर्नाटक सरकार ने रिपोर्ट किया  है कि मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित की गई नीली क्रांति योजना ने पिछले दस वर्षों में दक्षिण कन्नड़ जिले में मत्स्य पालन क्षेत्र पर काफी प्रभाव डाला है। इस योजना के तहत, मछुआरों को विभिन्न गतिविधियों जैसे कि केज कल्चर, बायो-फ्लोक तालाब, रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम, मत्स्य परिवहन के लिए इंसुलेटेड वाहन, रेफ्रिजरेटेड वाहन, टू वीलर और थ्री वीलर, आइस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज जैसी कोल्ड चेन सुविधाओं का निर्माण आदि के लिए सहायता प्रदान की गई है। यह भी बताया गया है कि जिले के मछुआरे पारंपरिक लकड़ी की नावों से फाइबर री इन्फोर्स्ड़  प्लास्टिक (एफआरपी) नावों पर शिफ्ट हुए हैं, ट्रॉलिंग से गिलनेट फिशिंग और डीप सी फिशिंग की ओर बढ़ गए हैं। इस योजना ने विशेष रूप से मत्स्य  उत्पादन में वृद्धि, खाद्य सुरक्षा में वृद्धि, आर्थिक विकास, रोजगार के अवसरों का सृजन, टिकाऊ (ससटेनेबल) मत्स्यन प्रथाओं को बढ़ावा देने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने, निर्यात में वृद्धि और जिले में वैश्विक बाजारों तक पहुंच में बहुविध प्रभाव पैदा किए हैं।

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार केंद्रीय योजनाओं के तहत दक्षिण कन्नड़ जिले सहित राज्य में फिशेरीस इनफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास और उन्नयन के लिए कर्नाटक सरकार को सपोर्ट  दे रही है। मैंगलोर, मालपे, गंगोली, अमदल्ली और करवा में दस फिशिंग हारबर (एफएच) और कर्नाटक के तट के साथ विभिन्न स्थानों पर 13 फिश लैंडिंग सेन्टेर्स (एफएलसी) केंद्रीय सहायता से विकसित किए गए हैं। इसके अलावा, मत्स्यपालन विभाग, भारत सरकार ने हाल ही में 505.76 करोड़ रुपए की कुल लागत पर कर्नाटक सरकार के प्रस्तावों को मंजूरी दी है और इन परियोजनाओं में नए फिशिंग हारबर्स का विकास, मौजूदा  हारबर्स / लैंडिंग केंद्रों का आधुनिकीकरण और मेन्टेनेन्स ड्रेजिंग शामिल है। मैंगलोर और कुलाई नामक दो फिशिंग हारबर दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थित हैं इसके अलावा, मत्स्यपालन विभाग, भारत सरकार ने पिछले 10 वर्षों के दौरान 134.96 करोड़ रुपए  की कुल लागत से 177 आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज  के निर्माण और 122 मौजूदा आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज  के आधुनिकीकरण/नवीनीकरण में सहायता की है।

कर्नाटक सरकार द्वारा सूचित राज्य में मत्स्य संसाधनों के स्थायी (ससटेनेबल) प्रबंधन के लिए उठाए गए कदम हैं (i) नई मेकेनाईज्ड फिशिंग बोट्स की  पर प्रतिबंध, (ii) नई पर्स सीन नौकाओं, बुल ट्रॉलिंग, लाइट फिशिंग पर प्रतिबंध, (iii) इंजन होर्स पावर को 350 एचपी तक सीमित करना, (iv) गैर पारंपरिक फिश एग्रीगेटिंग डिवाईज़, (v) गिल नेट  में कछुआ टर्टल एक्सक्लूशन डिवाईज (टीईडी) की शुरूआत, (vi) फिशिंग बोट्स का अनिवार्य पंजीकरण और फिशिंग के लिए लाइसेंस प्राप्त करना, (vii) प्रति वर्ष  1 जून से 31 जुलाई तक मेकेनाईज्ड फिशिंग बोट्स पर  फिशिंग को  प्रतिबंधित  करना, (viii) ट्रॉल बोट  मछुआरों को मुफ्त में जाल प्रदान करके स्क्वेयर मेष  कॉड एंड नेट के उपयोग को प्रोत्साहित करना, (ix) कर्नाटक मरीन फिशिंग रेगुलेशन एक्ट का अधिनियमन, (x) फिशिंग हारबर्स (एफएच) और फिश लेंडिंग सेन्टर्स (एफएलसी) का विकास, (xi) जिले में 12 स्थानों पर आर्टिफ़िशियल रीफ़्स  की स्थापना और (xiii) मौजूदा हारबर्स  का विस्तार और उन्नयन, फिशिंग हारबर्स  और फिश  लैंडिंग सेन्टर्स  की नौगम्यता (नेविगेटि बिलिटी) में सुधार के लिए मेन्टेनेन्स  ड्रेजिंग।

मत्स्यपालन विभाग,  भारत सरकार नीली अर्थव्यवस्था और नीली वृद्धि पहल को साकार करने के लिए कर्नाटक सहित देश में मात्स्यिकी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विभिन्न पहल कर रहा है। कर्नाटक सरकार द्वारा रिपोर्ट की गई दक्षिण कन्नड़ जिले में की गई कुछ प्रमुख पहलों में छोटे पैमाने के मछुआरों  की कैच  में सुधार के लिए कर्नाटक तट के साथ 56 स्थानों पर आर्टिफ़िशियल रीफ़्स  स्थापित करना, डीप सी फिशिंग को बढ़ावा देना, पोस्ट हार्वेस्ट और कोल्ड चेन इनफ्रास्ट्रक्चर  सुविधाओं का विकास, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत फिश मार्केटिंग इनफ्रास्ट्रक्चर  और कोल्ड चेन सुविधाओं को मजबूत करना आदि शामिल हैं।

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अनुबंध- I

 

मत्स्यपालन विभाग, भारत सरकार द्वारा विभिन्न  मात्स्यिकी  विकास योजनाओं के अंतर्गत कर्नाटक में स्वीकृत फिशिंग हारबर्स /फिश लैंडिंग सेन्टर्स की  परियोजनाओं का विवरण

 

क्रम सं.

परियोजना का नाम

योजना

राज्य

 

ज़िला/

गांव/स्थान

परियोजना लागत

(रुपए करोड़ में)

केंद्रीय शेयर

(रुपए करोड़ में)

1.

मैंगलोर फिशिंग हारबर  का आधुनिकीकरण और उन्नयन

पीएमएमएसवाई

कर्नाटक

दक्षिण कन्नड़

37.47

22.48

2.

माल्पे फिशिंग हारबर  का आधुनिकीकरण

पीएमएमएसवाई

कर्नाटक

उडुपी

12.52

7.51

3.

गंगोली फिशिंग हारबर  का आधुनिकीकरण

पीएमएमएसवाई

कर्नाटक

उडुपी

22.18

13.30

4.

अमादल्ली फिशिंग हार्बर पर रखरखाव ड्रेजिंग

पीएमएमएसवाई

कर्नाटक

 

उत्तर कन्नड़

5.61

3.36

5.

हरवाड़ा और बेलेकेरी फिश लैंडिंग सेन्टर्स  पर रखरखाव ड्रेजिंग

पीएमएमएसवाई

कर्नाटक

उत्तर कन्नड़

4.14

2.48

6.

ताडारी फिशिंग हार्बर पर ड्रेजिंग कार्य

पीएमएमएसवाई

कर्नाटक

उत्तर कन्नड़

2.65

1.59

7.

कुलाई फिशिंग हारबर  का विकास

बीआर

कर्नाटक

मैंगलोर मंगलुरु , दक्षिण कन्नड़

196.51

186.68**

8.

हेजमाडी का विकास कोडी फिशिंग हार्बर

बीआर

कर्नाटक

उडुपी

138.60

69.30*

9.

अल्वेकोडी और तेंगिनागुंडी फिश लैंडिंग सेन्टर्स में ट्रेनिंग दीवारें

बीआर

कर्नाटक

उत्तर कन्नड़

86.08

43.04

 

                                                                                        कुल

505.76

349.74

*इसमें मत्स्य पालन विभाग, भारत सरकार और पत्तन, पोत और जलमार्ग मंत्रालय का हिस्सा शामिल है

**जल शक्ति मंत्रालय और न्यू मैंगलोर पोर्ट अथॉरिटी का हिस्सा शामिल है ।

 

यह जानकारी मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

 

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