सहकारिता मंत्रालय
देश में पीएसीएस का डिजिटलीकरण
Posted On:
27 NOV 2024 4:40PM by PIB Delhi
केंद्र सरकार पहले से ही सहकारी बैंकों में नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ई-बैंकिंग आदि जैसे आधुनिक बैंकिंग कामों में सुधार के लिए कार्यवाही कर रही है।
राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) को 2015 तक अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने की अनुमति नहीं थी। एसटीसीबी/ डीसीसीबी की ओर से डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए, आरबीआई ने 05 नवंबर 2015 की अधिसूचना के जरिए एसटीसीबी और डीसीसीबी को इंटरनेट बैंकिंग सुविधा प्रदान करने हेतु आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कुछ नियामक पात्रता मानदंडों को पूरा करने के लिए अनुमति दी। साथ ही, कुछ पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले एसटीसीबी और डीसीसीबी को 08 अक्टूबर 2008 से मोबाइल बैंकिंग सुविधा प्रदान करने की अनुमति दी गई है।
इंटरनेट बैंकिंग सुविधा प्रदान करने वाले एसटीसीबी और डीसीसीबी की संख्या की जानकारी नीचे दी गई तालिका में संक्षेपित है:
क्रम संख्या
|
बैंक श्रेणी
|
बैंकों की कुल संख्या
|
31 मार्च 2024 तक सुविधा देने वाले बैंकों की संख्या
|
लेनदेन सुविधा के साथ इंटरनेट बैंकिंग
|
मोबाइल बैंकिंग
|
1
|
एसटीसीबी
|
34
|
4
|
21
|
2
|
डीसीसीबी
|
351
|
8
|
113
|
कुल
|
385
|
12
|
134
|
स्रोत: एनश्योर पोर्टल, नाबार्ड
|
एसटीसीबी/ डीसीसीबी के व्यापक नेटवर्क के जरिए ग्रामीण इलाकों में डिजिटल बैंकिंग के प्रसार के आगे बढ़ावा देने और वर्तमान में अपने ग्राहकों को लेनदेन सुविधा के साथ इंटरनेट बैंकिंग की पेशकश करने वाले एसटीसीबी/ डीसीसीबी की कम संख्या को ध्यान में रखते हुए, आरबीआई से आरआरबी की ओर से लागू संशोधित मानदंडों की तर्ज पर एसटीसीबी/डीसीसीबी के लिए पात्रता मानदंडछूट देने का अनुरोध किया गया है।
नाबार्ड ने सभी आरसीबी को कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) प्लेटफॉर्म पर लाने की प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया और सुविधाजनक बनाया। इस संबंध में एक विशेष पहल ने 16 राज्यों और 03 केंद्र शासित प्रदेशों की 6,953 शाखाओं वाले 201 आरसीबी (14 एसटीसीबी और 187 डीसीसीबी) को "सहकारिता में सीबीएस के लिए नाबार्ड द्वारा शुरू की गई परियोजना" में शामिल होने की सुविधा प्रदान की। यह पहल आरसीबी के लिए क्लाउड-आधारित एप्लिकेशन सेवा प्रदाता (एएसपी) मॉडल का इस्तेमाल करके पूरी की गई थी।
नाबार्ड ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए एक साझा सेवा इकाई (एसएसई) स्थापित करने की दिशा में भारत सरकार के एमओसी के साथ भी काम कर रहा है ताकि पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा सके और तेज गति से आरसीबी में टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन की सुविधा प्रदान की जा सके।
शहरी सहकारी बैंकों के लिए राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त और विकास निगम (एनयूसीएफडीसी) नामक एक बड़े संगठन की स्थापना शहरी सहकारी बैंकों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए, आधुनिकीकरण में सहायता करने और सभी यूसीबी में बैंकिंग समाधान के साथ उन्नत डिजिटल कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय बिंदु के रूप में कार्य करने के लिए की गई है। इस संगठन का लक्ष्य यूसीबी को एकीकृत कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) से एनयूसीएफडीसी की ओर से विकसित एकीकृत प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करना है। इससे यूसीबी डिजिटल बैंकिंग, मोबाइल सेवाएं और ऑनलाइन लेनदेन की पेशकश करने में सक्षम होंगे, जिससे दक्षता, मापनीयता और ग्राहक अनुभव में सुधार होगा। यह परिचालन को सुव्यवस्थित करेगा, लागत कम करेगा, पारदर्शिता बढ़ाएगा और नई प्रौद्योगिकियों के आसान एकीकरण की अनुमति देगा।
कार्यात्मक प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) के कम्प्यूटरीकरण के तहत कुल 865.8 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं और 617.92 करोड़ रुपए का उपयोग राज्यों और नाबार्ड द्वारा किया गया है। बीते तीन वर्षों में आवंटित, वितरित और उपयोग की गई धनराशि का राज्यवार विवरण अनुलग्नक I के अनुसार है।
अनुलग्नक I
भारत सरकार के शेयरों के संबंध में वर्षवार आवंटन जारी और उपयोग (राशि करोड़ में)
|
वर्ष 1 (2022-23)
|
वर्ष 2 (2023-24)
|
वर्ष 3 (2024-25)
|
क्रम संख्या
|
प्रदेश/ केंद्र शासित प्रदेश
|
वित्त वर्ष 2022-23 के लिए आवंटित राशि
|
वित्त वर्ष 2022-23 में जारी की गई राशि
|
वित्तीय वर्ष 2022-23 में उपयोग की गई राशि
|
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आवंटित राशि
|
वित्त वर्ष 2023-24 में जारी की गई राशि
|
वित्तीय वर्ष 2023-24 में उपयोग की गई राशि
|
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आवंटित राशि
|
वित्त वर्ष 2024-25 में जारी की गई राशि
|
वित्तीय वर्ष 2024-25 में उपयोग की गई राशि
|
1
|
महाराष्ट्र
|
87.95
|
87.95
|
0
|
134.58
|
33.65
|
71.88
|
27.81
|
0
|
2.58
|
2
|
राजस्थान
|
23.78
|
23.78
|
0
|
78.06
|
43.3
|
44.05
|
52.42
|
0
|
10.15
|
3
|
गुजरात
|
0
|
0
|
0
|
106.7
|
58.3
|
7.39
|
44.37
|
22.19
|
46.96
|
4
|
उतार प्रदेश
|
11.28
|
11.28
|
0
|
43.87
|
42.3
|
24.1
|
50.88
|
0
|
10.92
|
5
|
कर्नाटक
|
40.25
|
40.25
|
0
|
61.58
|
15.39
|
36.67
|
21.17
|
0
|
1.21
|
6
|
मध्य प्रदेश
|
33.23
|
33.23
|
0
|
50.85
|
25.42
|
43.47
|
0
|
0
|
5.78
|
7
|
तमिलनाडु
|
33.2
|
33.2
|
0
|
49.84
|
12.48
|
25.78
|
24.95
|
0
|
3.45
|
8
|
बिहार
|
32.95
|
32.95
|
0
|
50.41
|
0
|
4.48
|
29.32
|
0
|
28.47
|
9
|
पश्चिम बंगाल
|
30.54
|
30.54
|
0
|
46.73
|
0
|
6.45
|
40.49
|
0
|
6.35
|
10
|
पंजाब
|
25.52
|
25.52
|
0
|
39.05
|
0
|
10.2
|
13.32
|
0
|
7.06
|
11
|
आंध्र प्रदेश
|
14.93
|
14.93
|
0
|
22.84
|
3.74
|
0
|
18.12
|
0
|
13.04
|
12
|
छत्तीसगढ
|
14.86
|
14.86
|
0
|
22.75
|
0
|
4.51
|
20.41
|
10.21
|
10.45
|
13
|
हिमाचल प्रदेश
|
9.56
|
9.56
|
0
|
14.64
|
7.32
|
13.13
|
6.18
|
0
|
3.05
|
14
|
झारखंड
|
10.99
|
10.99
|
0
|
16.83
|
0
|
5.45
|
15.1
|
7.55
|
5.55
|
15
|
हरयाणा
|
4.85
|
4.85
|
0
|
8.33
|
2.44
|
0
|
3
|
0
|
6.9
|
16
|
उत्तराखंड
|
0
|
0
|
0
|
0
|
3.69
|
0
|
7.03
|
0
|
0.12
|
17
|
असम
|
6.41
|
6.41
|
0
|
9.81
|
2.45
|
6.41
|
6.6
|
3.3
|
2.27
|
18
|
जम्मू एवं कश्मीर
|
5.25
|
5.25
|
0
|
8.03
|
1.52
|
5.25
|
3.71
|
1.85
|
1.52
|
19
|
त्रिपुरा
|
2.95
|
2.95
|
0
|
4.5
|
1.13
|
3.55
|
3.03
|
1.52
|
2.04
|
20
|
मणिपुर
|
2.55
|
2.55
|
0
|
3.9
|
0
|
0
|
3.86
|
0
|
0.11
|
21
|
नगालैंड
|
0.36
|
0.36
|
0
|
0.56
|
2.46
|
0.64
|
3.2
|
0
|
1.64
|
22
|
मेघालय
|
1.23
|
1.23
|
0
|
1.13
|
0
|
1.03
|
1.97
|
0
|
0.23
|
23
|
सिक्किम
|
1.18
|
1.18
|
0
|
1.8
|
0.9
|
1.59
|
0.79
|
0
|
0.31
|
24
|
गोवा
|
0.32
|
0.32
|
0
|
0.5
|
0.13
|
0.3
|
0.44
|
0
|
0.12
|
25
|
एएनआई
|
0
|
0
|
0
|
1.33
|
0.69
|
0
|
0.84
|
0
|
0.62
|
26
|
पुदुचेरी
|
0.44
|
0.44
|
0
|
0.67
|
0.17
|
0.41
|
0.29
|
0
|
0
|
27
|
मिजोरम
|
0.27
|
0.27
|
0
|
0.43
|
0
|
0.21
|
0.44
|
0.44
|
0.06
|
28
|
अरुणाचल प्रदेश
|
0.15
|
0.15
|
0
|
0.24
|
0.12
|
0.21
|
0.09
|
0
|
0.05
|
29
|
लद्दाख
|
0
|
0
|
0
|
0.31
|
0.12
|
0.12
|
0.04
|
0
|
0
|
30
|
दादरा और नगर हवेली
|
0
|
0
|
0
|
0
|
0
|
0
|
0.12
|
0.12
|
0
|
31
|
नाबार्ड
|
100
|
100
|
0
|
187.97
|
40.91
|
96.16
|
100
|
25
|
33.48
|
|
कुल
|
495
|
495
|
0
|
968.24
|
298.62
|
413.42
|
500
|
72.18
|
204.5
|
यह बात सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कही।
*******
एमजी/केसी/एमएम
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