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केन्‍द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर ने दूरसंचार नेटवर्क सुरक्षा के लिए नेटवर्क संचालन केन्‍द्र का उद्घाटन किया


श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके 5जी कॉल का परीक्षण किया

केन्‍द्र का उद्देश्य दूरसंचार नेटवर्क में साइबर खतरों और दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों की पहचान और निगरानी करना है

सीडॉट सक्रिय रूप से सुरक्षित दूरसंचार समाधानों सहित स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने में काम कर रहा है

प्रविष्टि तिथि: 02 AUG 2024 7:31PM by PIB Delhi

संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर के साथ सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (सी-डॉट) दिल्ली परिसर में नेटवर्क संचालन केन्‍द्र का उद्घाटन किया।

देश में दूरसंचार नेटवर्क में साइबर खतरों की पहचान और निगरानी के लिए केन्‍द्र स्वदेशी तरीके से तैयार सुरक्षा अवसंरचना है। मैलवेयर, रैनसमवेयर, डीओएस, डीडीओएस, डीएनएस एम्पलीफिकेशन, दुर्भावनापूर्ण डोमेन संचार आदि जैसी विभिन्न दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों की अब सक्रिय रूप से पहचान की जा सकती है।

संचार मंत्री ने बीएसएनएल के लाइव नेटवर्क में पायलट 5जी कॉल भी की। यह 5जी कॉल स्वदेशी रूप से विकसित 5जी रेडियो और 5जी कोर (एनएसए) का उपयोग करके की गई थी।

उन्होंने सी-डॉट सेंटर ऑफ इनोवेशन और सी-डॉट परिसर स्थित आईटीयू एरिया ऑफिस का भी दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने सी-डॉट द्वारा सहायता प्राप्‍त उद्यमियों से भी बातचीत की।

मंत्रियों ने सी-डॉट के अन्य चल रहे स्वदेशी प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों की समीक्षा की, जिनमें 4जी/5जी, क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (क्यूकेडी), पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (पीक्यूसी), साइबर सुरक्षा समाधान, आपदा प्रबंधन सेल प्रसारण समाधान, ऑप्टिकल और उन्नत सुरक्षा परियोजनाएं शामिल हैं। श्री सिंधिया ने दूरसंचार प्रौद्योगिकियों के डिजाइन और विकास में शामिल युवा इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के साथ बातचीत की। सी-डॉट के इंजीनियरों ने कई प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाओं में मंत्री के समक्ष विभिन्न नवीन दूरसंचार प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया।

श्री सिंधिया और डॉ. शेखर ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके पूरी तरह से विकसित एंड-टू-एंड 4जी/5जी प्रणाली सहित कई स्वदेशी दूरसंचार उत्पादों और समाधानों को बनाने में सी-डॉट की टीमों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस उपलब्धि को सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को प्राप्त करने की दिशा में एक ठोस कदम बताया और अनुसंधान और नवाचार को समर्थन और प्रोत्साहन का आश्वासन दिया।

सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने अत्याधुनिक दूरसंचार प्रौद्योगिकियों और समाधानों को विकसित करने के लिए सी-डॉट की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।

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एमजी/एआर/आरपी/केपी


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