रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

औषध  (फार्मास्यूटिकल्स) विभाग 15,000 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ फार्मास्यूटिकल्स के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना लागू कर रहा है


यह योजना छह वर्ष  की अवधि के लिए तीन श्रेणियों के अंतर्गत पहचाने गए उत्पादों के निर्माण के लिए 55 चयनित आवेदकों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है

प्रविष्टि तिथि: 02 AUG 2024 4:55PM by PIB Delhi

औषध (फार्मास्यूटिकल्स)  विभाग 15,000 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ औषधियों (फार्मास्यूटिकल्स) के लिए उत्पादन से जुडी  प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लागू कर रहा है इस योजना का कार्यकाल वित्त वर्ष 2027-28 तक है। यह योजना छह वर्ष की अवधि के लिए तीन श्रेणियों के अंतर्गत पहचाने गए उत्पादों के निर्माण के लिए 55 चयनित आवेदकों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है। उत्पाद श्रेणी 1 में जैव-औषधियां (बायो-फार्मास्यूटिकल्स), जटिल जेनेरिक, जीन थेरेपी दवाएं, जटिल एक्सीसिएंट्स, दुर्लभ  औषधियां (ऑर्फ़न ड्रग्स) आदि जैसी दवाएं शामिल हैं। दुर्लभ औषधियां (ऑर्फ़न ड्रग्स) वे दवाएं हैं जिनका उपयोग दुर्लभ बीमारियों के उपचार  के लिए किया जाता है। योजना के अंतर्गत  कुल 8 दुर्लभ  औषधियां (ऑर्फ़न ड्रग्स) के निर्माण की मंजूरी दी गई है। फार्मास्यूटिकल्स के लिए पीएलआई योजना के तहत अनुमोदित ऑर्फ़न ड्रग्स इस प्रकार हैं:

क्र.सं.

उत्पाद का नाम

प्रयोग

1

निटिसिनोन

वंशानुगत टायरोसिनेमिया प्रकार 1 का उपचार

2

नुसीनर्सन

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी का उपचार

3

रूफिनामाइड

लेनोक्स-गैस्टोट सिंड्रोम का उपचार।

4

सोडियम फिनाइल ब्यूटायरेट

यूरिया चक्र विकार का उपचार

5

टियोप्रोनिन

सिस्टीन नेफ्रोलिथियासिस की रोकथाम

6

ट्राइएंटाइन हाइड्रोक्लोराइड

विल्सन रोग का उपचार

7

एलीग्लस्टैट

गौचर रोग का उपचार

8

कैनबिडिओल

ड्रेवेट-लेनोक्स गैस्टॉट सिंड्रोम का उपचार

यह जानकारी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी है ।

*****

एमजी/एआर/एसटी/एजे


(रिलीज़ आईडी: 2040962) आगंतुक पटल : 145
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: Tamil , English , Urdu , Hindi_MP