पर्यटन मंत्रालय
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पर्यावरण आधारित पर्यटन इको टूरिज्म को बढ़ावा देना

प्रविष्टि तिथि: 01 AUG 2024 3:20PM by PIB Delhi

पर्यटन मंत्रालय अपनी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से भारत को समग्र रूप से बढ़ावा दे रहा है। वर्तमान में चल रही योजनाओं के भाग के रूप में; उत्तराखंड सहित सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में पर्यावरण आधारित पर्यटन यानी कि इको टूरिज्म को बढ़ावा देने का भी कार्य किया जा रहा है। पर्यटन मंत्रालय अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया पर प्रचार कार्यक्रमों के माध्यम से नियमित रूप से इको टूरिज्म को बढ़ावा देता रहता है। पर्यटन मंत्रालय ने देश में पर्यावरण आधारित पर्यटन के विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से इको टूरिज्म के विकास के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति तैयार की है।

पर्यटन मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत इको टूरिज्म गंतव्यों सहित अन्य गंतव्य स्थलों में पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विभिन्न राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) प्रदान की गई है। केंद्रीय वित्तीय सहायता को स्वीकार्य दिशानिर्देशों के अनुसार तथा राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर बढ़ाया जाता है। मंत्रालय ने अपनी स्वदेश दर्शन योजना के तहत विषयगत सर्किटों में से एक के रूप में इको सर्किट की पहचान की है और उत्तराखंड राज्य में इस सर्किट के तहत स्वीकृत परियोजना का विवरण अनुबंध में दिया गया है। स्वदेश दर्शन 2.0 योजना, पर्यटन और गंतव्य केंद्रित दृष्टिकोण के अलावा टिकाऊ तथा विख्यात गंतव्य स्थल विकसित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

अनुलग्नक

उत्तराखंड राज्य में स्वदेश दर्शन योजना के इको सर्किट के तहत स्वीकृत परियोजना

(रुपये करोड़ में)

 

क्रम संख्या

परियोजना का नाम

स्वीकृत राशि

जारी की गई राशि

उपयोग की गई राशि

1.

नए गंतव्य के रूप में टिहरी झील और आसपास के विकास के लिए इको-पर्यटन, साहसिक खेल और संबद्ध पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे का एकीकृत विकास-जिला टिहरी

69.17

69.17

69.20

 

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एमजी/एआर/एनके


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