रक्षा मंत्रालय
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11x गोला बारूद के साथ टारपीडो सह मिसाइल (एसीटीसीएम) परियोजना के अंतर्गत बनने वाली, गोला बारूद सह टारपीडो सुविधा युक्त मिसाइल बार्ज नौका एलएसएएम 18 (यार्ड 128) को एनएडी (करंजा) के लिए 28 मार्च, 2024 को मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में सौंपा गया

प्रविष्टि तिथि: 29 MAR 2024 11:30AM by PIB Delhi

भारतीय नौसेना के लिए 11x गोला बारूद के साथ टारपीडो सह मिसाइल (एसीटीसीएम) परियोजना के अंतर्गत ठाणे के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम शिपयार्ड, मेसर्स सूर्यदिप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित गोला बारूद सह टारपीडो सुविधा युक्त मिसाइल बार्ज नौका एलएसएएम 18 (यार्ड 128) को एनएडी (करंजा) के लिए 28 मार्च, 2024 को मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में सौंपा गया। इस महत्वपूर्ण समारोह की अध्यक्षता कमोडोर विक्रम बोरा, एनडी (एमबीआई)/जीएम (टेक) ने की थी।

11x गोला बारूद के साथ टारपीडो सह मिसाइल (एसीटीसीएम) परियोजना के अंतर्गत गोला बारूद सह टारपीडो सुविधा युक्त मिसाइल बार्ज नौका एलएसएएम 18 (यार्ड 128) के निर्माण के उद्देश्य से अनुबंध पर रक्षा मंत्रालय और ठाणे के मेसर्स सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच 05 मार्च, 2021 को हस्ताक्षर किए गए थे। इन नौकाओं के भारतीय नौसेना में शामिल किये जाने से नौसेना की परिचालन क्षमताओं एवं कर्तव्यों को पूरा करने में गति मिलेगी, जिससे बांधों व घाटों और बाहरी बंदरगाह दोनों स्थानों पर भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए सामान/गोला-बारूद के परिवहन, लदान तथा चढ़ाने-उतारने की सुविधा मिलेगी।

ये छोटे जहाज प्रासंगिक नौसेना नियमों और भारतीय शिपिंग रजिस्टर के विनियमन के तहत स्वदेशी रूप से तैयार तथा निर्मित किए गए हैं। डिजाइन चरण के दौरान बार्ज नौकाओं का मॉडल परीक्षण विशाखापत्तनम की नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला में किया गया था। ये बार्ज नौकाएं भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल की गौरवशाली ध्वजवाहक हैं।

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एमजी/एआर/एनके


(रिलीज़ आईडी: 2016629) आगंतुक पटल : 330
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