गृह मंत्रालय
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फोरेंसिक सुविधाओं का आधुनिकीकरण

प्रविष्टि तिथि: 06 FEB 2024 5:49PM by PIB Delhi

सरकार देश में फोरेंसिक विज्ञान के लिए इको-सिस्टम सहित जांच और अभियोजन की क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। देश में फोरेंसिक सुविधाओं को मजबूत करने की प्रक्रिया एक सतत और निरंतर प्रक्रिया है, जो अंतर-विश्लेषण और मांग के मूल्यांकन पर निर्भर है। भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत 'पुलिस' और 'सार्वजनिक व्यवस्था' राज्य के विषय हैं। कानून और व्यवस्था बनाए रखने, जांच, अपराध तथा अपराधियों पर मुकदमा चलाने और संबंधित फोरेंसिक विज्ञान सुविधाओं सहित नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारियां संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की हैं। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो द्वारा प्रकाशित पुलिस संगठन रिपोर्ट, 2022 के आंकड़ों के अनुसार, राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 32 राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं (राज्य एफएसएल), 106 क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं और 552 मोबाइल फोरेंसिक विज्ञान वाहन हैं। इनके अलावा, देश में 7 केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं हैं, जो अन्य बातों के अलावा, राज्यों/केंद्रीय एजेंसियों द्वारा उन्हें भेजे गए अपराध प्रदर्शनों के फोरेंसिक विश्लेषण के कार्य को पूरा करती हैं, और फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास संबंधी गतिविधियां भी करती हैं।

गृह राज्य मंत्री श्री अजय कुमार मिश्रा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

देश में फोरेंसिक क्षमताओं के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार द्वारा निम्नलिखित कदम को देखने के लिए यहां क्लि करें-

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एमजी/एआर/एसकेएस


(रिलीज़ आईडी: 2003238) आगंतुक पटल : 230
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