पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

राष्ट्रीय हरित भारत मिशन वन आवरण की सुरक्षा, उसकी बहाली व संवर्द्धन और जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत उल्लिखित आठ मिशनों में से एक है

प्रविष्टि तिथि: 21 DEC 2023 4:45PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय हरित भारत मिशन (जीआईएम) जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत उल्लिखित आठ मिशनों में से एक है। इसका उद्देश्य चयनित भू-क्षेत्रों के तहत वन और गैर-वन क्षेत्रों में वृक्षारोपण गतिविधियों को शुरू करके भारत के वन आवरण की रक्षा करना, उसे फिर से बहाल करना व बढ़ाना और जलवायु परिवर्तन का सामना करना है। जीआईएम से संबंधित गतिविधियां वित्तीय वर्ष 2015-16 में शुरू की गई थीं। इसके तहत अब तक 17 राज्यों यानी आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश व एक केंद्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को शामिल किया गया है।

मंत्रालय ने केरल को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए अनुमोदित वार्षिक संचालन योजना के अनुसार गतिविधियों को कार्यान्वित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान केंद्रीय हिस्सेदारी के रूप में 16.32 करोड़ रुपये जारी किए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 तक राज्य की ओर से इस निधि का पूर्ण उपयोग किया जा चुका है।

वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक जीआईएम के तहत आवंटित/वितरित/जारी और उपयोग की गई राज्य-वार धनराशि का विवरण अनुबंध में दिया गया है।

अनुलग्नक

क्रम संख्या

राज्य

कुल आवंटित/जारी धनराशि (करोड़ रुपये में)

उपयोग की गई कुल धनराशि

1

आंध्र प्रदेश

2.02

2.74

2

अरुणाचल प्रदेश

34.71

10.56

3

छत्तीसगढ़

12.82

9.31

4

हरियाणा

9.55

8.32

5

हिमाचल प्रदेश

17.09

6.55

6

जम्मू और कश्मीर

32.22

19.70

7

कर्नाटक

11.94

11.13

8

केरल

16.32

15.74

9

मध्य प्रदेश*

66.87

78.72

10

महाराष्ट्र*

-

1.78

11

मणिपुर

26.28

26.28

12

मिजोरम

86.83

86.83

13

ओडिशा

66.41

61.81

14

पंजाब

9.24

9.38

15

सिक्किम

19.66

19.48

16

उत्तराखंड*

90.28

97.09

17

पश्चिम बंगाल

10.19

10.18

कुल

 

512.43

475.63

 

* उपयोग की गई निधि में पिछले वर्षों की रिलीज से राज्यों के पास उपलब्ध अव्ययित धनराशि का उपयोग भी शामिल है।

यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

***

एमजी/एआर/एचकेपी/डीए


(रिलीज़ आईडी: 1989331) आगंतुक पटल : 1005
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu