मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
अंतर्देशीय मछली उत्पादन
प्रविष्टि तिथि:
12 DEC 2023 1:34PM by PIB Delhi
पिछले नौ वर्षों के दौरान देश में अंतर्देशीय मछली उत्पादन में 8.78 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई। इसी तरह 2022-23 में 131.13 लाख टन का उच्चतम अंतर्देशीय मछली उत्पादन दर्ज किया गया। पिछले नौ वर्षों के दौरान वर्षवार अंतर्देशीय मछली उत्पादन का ब्योरा इस प्रकार है:-
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क्र.सं
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वर्ष
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अंतर्देशीय मछली उत्पादन (लाख टन में)
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1
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2014-15
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66.91
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2
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2015-16
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71.62
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3
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2016-17
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78.06
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4
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2017-18
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89.48
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5
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2018-19
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97.2
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6
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2019-20
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104.37
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7
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2020-21
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112.49
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8
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2021-22
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121.21
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9
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2022-23
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131.13
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भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य पालन विभाग ने देश में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलें और कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनमें शामिल हैं- (i) केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) का कार्यान्वयन: नीली क्रांति: एकीकृत विकास और 2015-16 से 2019-20 की अवधि के दौरान मत्स्य पालन का प्रबंधन, जिसकी कुल लागत 3000 करोड़ रुपये होगी। (ii) प्रमुख योजना "प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) - भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत और जिम्मेदार विकास के माध्यम से नीली क्रांति लाने की योजना" का कार्यान्वयन। इस मद में वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षों की अवधि के लिए 20,050 करोड़ रुपये का निवेश होगा तथा इसके दायरे में सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को रखा जाएगा। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) का उद्देश्य भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना, बेहतर मछली उत्पादन, प्रजातियों के विविधीकरण, निर्यात-उन्मुख प्रजातियों को बढ़ावा देना, ब्रांडिंग, मानक और प्रमाणन, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, मत्स्य उत्पादन के बाद के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए सहायता प्रदान करना है। निर्बाध शीत श्रृंखला और मछली पकड़ने के आधुनिक बंदरगाहों और मछली लैंडिंग केंद्रों के विकास पर जोर, (iii) 7522.48 करोड़ रुपये के कुल निधि आकार के साथ मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (एफआईडीएफ) का कार्यान्वयन, जिसकी अवधि 2018 से पांच साल की होगी, यानी 2018-19 से 2023-24 तक। इसके तहत रियायती दरों पर वित्तपोषण किया जाएगा, (iv) मछुआरों और मछली पालकों को उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए वर्ष 2018-19 में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सुविधा का विस्तार।
2014 के बाद से देश में अंतर्देशीय मछली उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है, जो 2014-15 में 66.91 लाख टन से बढ़कर 2022-23 में 131.13 लाख टन हो गया है, जो इस अवधि के दौरान कुल अंतर्देशीय मछली उत्पादन में 95.9 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्शाता है।
यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला ने दी।
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एमजी/एआर/एकेपी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 1985380)
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