जल शक्ति मंत्रालय

राष्ट्रपति ने स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 प्रदान किए


राष्ट्रपति ने "जल शक्ति अभियान: बारिश को थाम लो"- 2023 की "पीने ​​के पानी की स्रोत स्थिरता" विषय के साथ शुरूआत की

Posted On: 04 MAR 2023 5:05PM by PIB Delhi

ग्रामीण जल और स्वच्छता क्षेत्र की महिला चैंपियनों को सम्मानित करने के लिए जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित "स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023", की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने शोभा बढ़ाई। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी), जल जीवन मिशन (जेजेएम), जल शक्‍ति अभियान: बारिश को थाम लो(जेएसए-सीआर) के कार्यान्वयन में महिलाओं द्वारा जमीनी स्तर पर किए जा रहे असाधारण और अनुकरणीय कार्यों को सम्मानित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। 36 महिला वॉश चैम्‍पियन को भारत की राष्ट्रपति और केन्‍द्रीय जल शक्ति मंत्री द्वारा 'स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023' से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में जल शक्ति अभियान – बारिश को थाम लो 2023 का शुभारंभ और राष्ट्रीय जल मिशन (एनडब्‍ल्‍यूएम) के एसओपी को जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत द्वारा स्रोत स्थिरता पर जारी किया गया। केन्‍द्रीय मंत्री ने राष्ट्रपति को 'स्वच्छ सुजल शक्ति की अभिव्यक्ति' की पहली प्रति भी भेंट की जो एसबीएम (जी), जेजेएम और एनडब्ल्यूएम पर मानक संचालन प्रक्रियाओं के मामलों के अध्‍ययन का सार-संग्रह है। संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह जेसिंहभाई चौहान ने एनडब्ल्यूएम के लिए एक अनुकूलित 'माई स्टैम्प' जारी की, जिसकी पहली प्रति उन्होंन राष्ट्रपति को भेंट की।

अपने संबोधन में, राष्ट्रपति ने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय के सभी 3 मिशनों में महिलाएं सबसे आगे हैं, 'हम स्वयं सहायता समूहों और समुदाय आधारित संगठनों में महिलाओं के प्रयासों को पहचानते हैं जिन्होंने जल संरक्षण, जल प्रबंधन और स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और जल शक्ति अभियान' की सफलता में सहायक रहे हैं। राष्‍ट्रपति ने कहा कि यह एसबीएम (जी) और जेजेएम कार्यक्रमों में महिला नेतृत्व के कारण 11 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में पाइप से जलापूर्ति हुई है और 2 लाख से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस करने में कामयाबी हासिल की है। प्रमुख मिशनों के समग्र लाभों पर प्रकाश डालते हुए, श्रीमती मुर्मू ने कहा, "नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल क्रेमर ने अपने अध्ययन में बताया है कि नल कनेक्शन और सुरक्षित स्वच्छता संबंधी कार्य प्रणालियों के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल प्रदान करके ग्रामीण भारत में हर साल पांच साल से कम उम्र के 1.36 लाख बच्चों की जान बचाई जा सकती है।

महिला चैंपियन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हम सभी ने देखा है कि बिहार की बबीता गुप्ता को आज कैसे प्लास्टिक कचरे को सजावटी उत्पादों में बदलने के लिए सम्मानित किया गया, ओडिशा की सलिला जेना को ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए, झारखंड की मुन्नी देवी को घरों में नल का पानी उपलब्ध कराने के लिए और नीलम सिंह को सामुदायिक सहयोग के माध्यम से गाँव को ओडीएफ प्लस बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया। अपने समापन भाषण में राष्ट्रपति ने कहा, "ये महिलाएं मेरे विश्वास को मजबूत करती हैं कि उनके समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ, भारत जल प्रबंधन और स्वच्छता में दुनिया के सामने एक उदाहरण पेश करेगा।"मैं यहां उपस्थित सभी पुरस्कार विजेताओं से कहना चाहूंगी कि जब आप अपने गांवों में वापस जाएं तो लोगों को देश भर में स्वच्छता और जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में बताएं, उन्हें पर्यावरण के अनुकूल कार्यों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। मुझे विश्वास है कि आज का पुरस्कार आपको और अधिक समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेगा और आपको देखकर अन्य लोग भी सीखेंगे और स्वच्छता, जल और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देंगे।

डीडीडब्‍ल्‍यूएस केन्‍द्र सरकार के दो प्रमुख कार्यक्रमों यानी स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (एसबीएम-जी) और जल जीवन मिशन (जेजेएम) को लागू कर रहा है। एसबीएम-जी को 2 अक्टूबर 2014 को खुले में शौच को रोकने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। देश के सभी गाँव 02 अक्टूबर, 2019 को खुद को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया। इसके बाद, एसबीएम-जी 2.0 को गांवों की ओडीएफ स्थिति को बनाए रखने और ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर में सुधार करने के लिए शुरू किया गया, जिससे गाँव ओडीएफ प्लस बन सकें। आज देश के 2 लाख से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है। 15 अगस्त 2019 को, प्रधानमंत्री द्वारा जल जीवन मिशन की शुरुआत की गई थी। शुरूआत के समय केवल 3.23 करोड़ ग्रामीण परिवारों की नल के पानी के कनेक्‍शन तक पहुंच थी राज्य और केन्‍द्र शासित प्रदेशों की साझेदारी में मिशन द्वारा जमीनी स्तर पर किए गए अथक प्रयासों से आज 11 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल के माध्यम से पीने योग्य पानी मिल रहा है।

पानी से हर किसी का संबंध बनाने के लिए 2019 में  एक राष्ट्रीय आह्वान, जल शक्ति अभियान (जेएसए) शुरू किया गया था, जिसमें जल संरक्षण और पुनर्भरण के प्रयासों में लाखों लोग शामिल थे। इस अभियान ने सार्वजनिक भागीदारी और समुदायों की सक्रिय भागीदारी के साथ 6 लाख से अधिक जल संबंधी संरचनाओं का निर्माण और कायाकल्प किया। जेएसए 2019 के बाद जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर ध्यान केन्‍द्रित करते हुए 2020 मे " बारिश को थाम लो" अभियान का शुभारंभ हुआ। कोविड के दौरान भी इस अभियान से मिली भारी प्रतिक्रिया ने मंत्रालय को इसे एक वार्षिक कार्यक्रम बनाने के लिए प्रोत्साहित किया, जो मानसून के मौसम से पहले शुरू होता है और अगले छह महीनों तक जारी रहता है। एक वार्षिक कार्यक्रम, जो मानसून के मौसम से पहले शुरू होता है और अगले छह महीनों तक जारी रहता है। इसलिए, जल शक्ति अभियान: बारिश को थाम लो 2021 और 2022 में अखिल भारतीय कार्यान्वयन के लिए विस्तारित दायरे के साथ शुरू किया गया था। अभियान एक के साथ शुरू किया गया था 2021 और 2022 में अखिल भारतीय कार्यान्वयन के लिए विस्तारित गुंजाइश। ये अभियान जल संरक्षण और जल प्रबंधन पर काम कर रहे सभी हितधारकों को एक साथ लाने में तालमेल बनाने में सक्षम रहे। सफलता से उत्साहित, राष्ट्रपति ने 'जल शक्ति अभियान: बारिश को थाम लो-2023' की 'पेयजल के लिए स्रोत स्थिरता'  विषय के साथ शुरूआत की, जो इस श्रृंखला में चौथी है। जेएसए के कार्यों पर ध्‍यान केन्द्रित करते हुए: सीटीआर-2023 में गतिविधियों का समेकन शामिल है, यानी (1) जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन(2) सभी जल निकायों की गणना, भू-टैगिंग और सूची बनाना, इसके आधार पर जल संरक्षण के लिए वैज्ञानिक योजना तैयार करना (3) सभी जिलों में जल शक्ति केन्‍द्रों की स्थापना (4) सघन वनीकरण और (5) जागरूकता सृजन हैं।

  1. जल शक्ति मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, 2023 मनाया।
  2. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और 'स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान' पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया।  
  3. देश भर की 36 महिला वॉश चैम्‍पियंस को मिला स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023'
  4. केन्‍द्रीय जल मंत्री श्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत ने राष्ट्रपति को 'स्वच्छ सुजल शक्ति की अभिव्यक्ति' की पहली प्रति भेंट की
  5. संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह जेसिंहभाई चौहान द्वारा राष्ट्रपति को राष्ट्रीय जल मिशन के अनुरूप 'माई स्टैम्प' भेंट की गई
  6. केन्‍द्रीय जल शक्‍ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जल शक्ति अभियान: बारिश को थाम लो-2023 का शुभारंभ किया

एकत्र जनसमूह को संबोधित करते हुए केन्‍द्रीय जल शक्ति मंत्री, श्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और देश में जल और स्वच्छता प्रयासों का हिस्सा बनने वाली प्रत्येक महिला को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के जल संचयन के मंत्र से प्रेरित होकर जल शक्ति अभियान 2019 में शुरू किया गया था और मुझे आपको यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि अब तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 46 लाख से अधिक जल संरक्षण और जल संचयन कार्य किए जा चुके हैं। 36 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। 43 हजार से अधिक प्रशिक्षण अभियान और कृषि मेले आयोजित किए जा चुके हैं। 374 जल शक्ति केन्‍द्र स्‍थापित किए गए हैं। यह सब हमारी महिलाओं के योगदान के बिना संभव नहीं होता।'' उन्होंने कहा कि हमारी बहनों ने नए भारत के निर्माण में जो काम किया है वह अमूल्य है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने जल और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट मिसाल कायम की है। जल शक्‍ति मंत्री ने कहा, हम जानते हैं और समझते हैं कि एक महिला का सशक्तिकरण एक परिवार और उससे परे पूरे समाज और देश के परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करता है। मैं इस अवसर पर देश की करोड़ों महिलाओं की पीड़ा को समझने, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे ऐतिहासिक अभियानों को शुरू करने के लिए प्रेरित करने और विश्व के सामने महिलाओं के सशक्तिकरण का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए अपने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। इससे आज हम दो लाख से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित कर चुके हैं और 11.30 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है।" .

जल शक्ति और जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री श्री बिश्वेश्वर टुडू ने अपने भाषण में महिला चैंपियनों की सराहना की और बताया कि कैसे महिलाएं सभी सरकारी कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जल शक्ति अभियान: बारिश को थाम लो ने जल संरक्षण के महत्व के बारे में जनता के बीच अत्यधिक जागरूकता पैदा की है और जल संरक्षण और पुनर्भरण के लिए एक जन आंदोलन में सभी हितधारकों को एक साथ लाया है।

जल शक्ति और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने अपने भाषण में सभी से "स्वच्छता" को संकल्प और अपने जीवन का लक्ष्य बनाने और इस कार्यक्रम में सम्मानित महिला वॉश नायिकाओं से सबक लेने का आह्वान किया, उन्‍होंने कहा, " नारी शक्ति के बिना जल शक्‍ति नहीं हो सकती"। राज्य मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे वाटर प्रबंधन के महत्व पर बल दिया।

एसबीएम-जी, जेजेएम और एनडब्ल्यूएम के तहत राष्ट्रपति और केन्‍द्रीय जल शक्ति मंत्री ने निम्नलिखित श्रेणियों में कुल 36 पुरस्कार प्रदान किए:

  1. स्वच्छ भारत मिशन - ग्रामीण (एसबीएम-जी)
    • गांव को ओडीएफ प्लस मॉडल बनाना
    • गोबर धन/जैव-निम्नीकरणीय अपशिष्ट और/या प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन
    • ग्रेवाटर प्रबंधन और/या मल कीचड़ प्रबंधन
  2. जल जीवन मिशन (जेजेएम)
    • पाइप जलापूर्ति के संचालन एवं रख-रखाव की श्रेणी में बदलाव लाने वाली महिलाएँ
  3. राष्ट्रीय जल मिशन (एनडब्‍ल्‍यूएम)
    • जल शक्ति अभियान - बारिश को थाम लो
    • जल योद्धा

विजेताओं की सूची देखने के लिए यहां क्लिक करें

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की सचिव श्रीमती विनी महाजन ने कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और महिला वॉश चैम्पियनों को बधाई दी। सुश्री महाजन ने कहा कि दो लाख से अधिक ओडीएफ प्लस गांवों की उपलब्धि और 11 से अधिक ग्रामीण परिवारों को पाइप से जलापूर्ति महिलाओं के नेतृत्व और प्रतिबद्धता से ही संभव हो पाई है। सुश्री महाजन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि "चाहे वह रानी मिस्त्री हों, जीविका दीदी हों, स्वच्छाग्रही हों, आशा दीदी हों, आंगनबाड़ी दीदी हों, जल सहिया हों, किशोरी समिति दीदी हों और असंख्य अन्य भूमिकाएं हों, यह महिलाएं ही हैं जिन्‍होंने अपने नेतृत्व और समर्पण से देश की सभी विकास योजनाओं और कार्यक्रमों की सफलता में इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस अवसर की शोभा बढ़ाने वालों में संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह जेसिंहभाई चौहान और श्री श्रवण कुमार, बिहार सरकार में ग्रामीण विकास और संसदीय कार्य मंत्री शामिल थे। इस कार्यक्रम में राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के गणमान्य लोगों, जिनमें केन्‍द्रीय/राज्य मंत्री, केन्‍द्र/राज्‍य/केन्‍द्र शासित प्रदेश के सरकारी अधिकारी, जमीनी स्तर के वॉश कार्यकर्ता, सेक्टर पार्टनर्स, डेवलपमेंट पार्टनर्स, रूरल वॉश पार्टनर फोरम (आरडब्‍ल्‍यूपीएफ) के सदस्य, प्रमुख संसाधन केन्‍द्र (केआरसी), सिविल सोसाइटी संगठनों और वॉश सेक्टर की महिला प्रतिनिधि आदि शामिल थे, ने भाग लिया।

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