जल शक्ति मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav g20-india-2023

बृहत्तर पन्ना भू-दृश्य परिषद का गठन किया गया

Posted On: 01 MAR 2023 5:54PM by PIB Delhi

सूखा प्रभावित बुंदेलखंड क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक समृद्धि के लिए परिवर्तनकारी केन-बेतवा लिंक परियोजना (केबीएलपी) के तहत पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वन्य जीवन और जैव विविधता के संरक्षण के लिए एक व्यापक एकीकृत भू-दृश्य प्रबंधन योजना (आईएलएमपी) तैयार की गई है। बृहत्तर पन्ना भू-दृश्य प्रबंधन योजना के व्यवस्थित और समयबद्ध कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सभी हितधारकों के सदस्यों के साथ बृहत्तर पन्ना भू-दृश्य परिषद (जीपीएलसी) का गठन किया गया है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पर्यावरण प्रबंधन योजना और एकीकृत भू-दृश्य प्रबंधन योजना के कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान निर्धारित किए गए हैं। यह मॉडल "विकास भी, पर्यावरण भी" के मोटो के साथ भविष्य के विकास के लिए एक खाका होगा।

. मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बृहत्तर पन्ना भू-दृश्य परिषद (जीपीएलसी का गठन किया गया)

. केन-बेतवा लिंक परियोजना का उद्देश्य समग्र परिदृश्य और वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित करते हुए बुंदेलखंड क्षेत्र में जल सुरक्षा प्रदान करना है

. बृहत्तर पन्ना भू-दृश्य में एकीकृत भू-दृश्य प्रबंधन योजना भारत के संरक्षण इतिहास में एक प्रमुख और अनूठा उपाय है

. जीपीएल का लक्ष्य संतुलित दृष्टिकोण के आधार पर विकास प्रक्रिया के साथ एकीकरण के माध्यम से संरक्षण के लिए "लाभदायक" स्थिति सुनिश्चित करना है

जीपीएल और परिषद का लक्ष्य एक संतुलित दृष्टिकोण के आधार पर विकास प्रक्रिया के साथ एकीकरण के माध्यम से संरक्षण के लिए "लाभकारी" स्थिति सुनिश्चित करना है और विविध हिस्सेदारी पर विचार करना है। इसका व्यापक उद्देश्य प्रमुख प्रजातियों जैसे बाघ, गिद्ध और घड़ियाल के लिए आवास, संरक्षण और प्रबंधन की बेहतरी को सक्षम करना है; स्थानिक प्राथमिकता और वन पर निर्भर समुदायों की भलाई के माध्यम से समग्र जैव विविधता संरक्षण के लिए परिदृश्य को मजबूत करना; और फीडबैक लूप और अनुकूली प्रबंधन विकल्पों के संदर्भ में एकीकृत भूदृश्य प्रबंधन के तहत प्रजाति-विशिष्ट और स्थल-विशिष्ट निगरानी रणनीतियां प्रदान करना।

केन-बेतवा लिंक परियोजना (केबीएलपी), कार्यान्वयन के लिए ली गई राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (एनपीपी) के तहत नदियों को जोड़ने वाली पहली परियोजना है, जो बार-बार सूखे की स्थिति का सामना करने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक समृद्धि के लिए एक परिवर्तनकारी कदम साबित होगी। परियोजना का उद्देश्य न केवल बुंदेलखंड में जल सुरक्षा प्रदान करना है बल्कि क्षेत्र के समग्र संरक्षण और विशेष रूप से बाघ, गिद्ध और घड़ियाल जैसे परिदृश्य पर निर्भर प्रजातियों के संरक्षण को सुनिश्चित करना है। अनुमोदित पर्यावरण प्रबंधन योजना के अनुसार उपाय करने के अलावा, भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) ने न केवल पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बल्कि में आसपास के क्षेत्रों भी वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण के लिए एक व्यापक एकीकृत परिदृश्य प्रबंधन योजना (आईएलएमपी) तैयार की है। बृहत्तर पन्ना भू-दृश्य (जीपीएल) में एकीकृत भू-दृश्य प्रबंधन योजना भारत के संरक्षण इतिहास में शुरू किए जा रहे प्रमुख और अद्वितीय संरक्षण उपायों में से एक है।

*****

एमजी/एमएस/एआर/केसीवी/एसएस



(Release ID: 1903502) Visitor Counter : 313


Read this release in: English , Urdu , Punjabi