रक्षा मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

छावनी बोर्डों के 194 स्कूलों में 'स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम' की शुरुआत

प्रविष्टि तिथि: 30 SEP 2022 4:25PM by PIB Delhi

छावनी क्षेत्रों के निवासियों के लिए 'ईज ऑफ लिविंग' को सक्षम करते हुए, 15 राज्यों में 62 छावनी बोर्डों के प्रबंधन के तहत 194 स्कूलों में एक डिजिटल प्लेटफॉर्म- स्कूल प्रबंधन प्रणाली (स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम- एसएमएस) लागू की गई है। रक्षा मंत्रालय के रक्षा संपदा महानिदेशालय (डीजीडीई)  ने इन-हाउस एसएमएस विकसित किया है, जिससे 61,943 छात्र और 1,965 शिक्षक लाभान्वित हुए हैं और छावनी तथा आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को सेवा प्रदान कर रहे हैं। वर्तमान में यह प्रणाली अंग्रेजी माध्यम में काम करती है तथा स्थानीय भाषाओं में सेवाएं देने के लिए इसे और विकसित किया जा रहा है।

एसएमएस माता-पिता को स्कूल में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने, अपने बच्चों की प्रगति की निगरानी, ​​​​शिकायत, डिजिटल मोड में फीस का भुगतान करने आदि में सक्षम बनाता है। एसएमएस पहल उपयोगकर्ता के अनुकूल है जो छावनी के निवासियों के लिए "सेवाओं में आसानी" को सक्षम करती है। अभिभावकों के लिए ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया को भी आसान बना दिया गया है।

स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम में निम्नलिखित ऑनलाइन सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं:

· पंजीकरण और प्रवेश

· स्थानांतरण प्रमाणपत्र जारी करना

· होमवर्क और असाइनमेंट

· शिकायत और घटना की रिपोर्टिंग

· फीस जमा करना

· छात्रों का शैक्षणिक प्रदर्शन और ग्रेड

· समय सारिणी और उपस्थिति

· ग्रेड और रिपोर्ट कार्ड

· अधिसूचनाएं और स्कूल गतिविधि परिपत्र

· माता-पिता को उनके बच्चों के प्रदर्शन और प्रगति के बारे में एसएमएस तथा ईमेल के माध्यम से सूचना

एसएमएस को अभिभावकों, शिक्षकों, छात्रों और अन्य हितधारकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। माता-पिता की सुविधा के लिए, छावनी बोर्डों द्वारा एक हेल्पडेस्क सुविधा भी प्रदान की गई है। यह एक ही प्लेटफॉर्म पर पेश किया जाने वाला सबसे अनूठा यूजर फ्रेंडली सिस्टम बन गया है।

छावनी बोर्ड देश में 62 छावनियों में 20 लाख से अधिक निवासियों को रक्षा मंत्रालय के रक्षा संपदा महानिदेशालय (डीजीडीई) की ई-छावनी परियोजना के माध्यम से विभिन्न ऑनलाइन नागरिक सेवाएं प्रदान करते हैं।

****

 एमजी/एएम/पीके/वाईबी


(रिलीज़ आईडी: 1863936) आगंतुक पटल : 384
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu