इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
"नवाचार का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है": राजीव चंद्रशेखर
“केवल कड़ी मेहनत, धैर्य और जुनून ही आज सफलता के निर्धारक तत्व हैं, आपको प्रभावशाली उपनामों की आवश्यकता नहीं है”: राजीव चंद्रशेखर
राजीव चंद्रशेखर ने अपनी गुजरात यात्रा के दूसरे दिन सीवीएम विश्वविद्यालय, आनंद और एमएसयू, वडोदरा का दौरा किया
छात्रों और स्टार्टअप्स ने न्यू इंडिया के टेकेड ऑफ ऑपर्च्युनिटीज पर केंद्रीय राज्य मंत्री से प्रश्न पूछे
प्रविष्टि तिथि:
28 JUN 2022 6:34PM by PIB Delhi
केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने सीवीएम विश्वविद्यालय, आणंद और एमएसयू, वडोदरा के छात्रों और स्टार्टअप्स के साथ बातचीत करते हुए कहा, "इनोवेशन का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है और निकट भविष्य में भारत में हजारों यूनिकॉर्न होंगे।" मंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि भारत बदलाव के दौर में है और देश की आगे बढ़ने की गति भी तेज है, क्योंकि कोविड के बाद देश बेहतर व सहनशील राष्ट्र के रूप में उभरा है तथा यहाँ दुनिया का सबसे जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम मौजूद है।

भारतीय अर्थव्यवस्था, कोविड के दौरान शुरुआत में गिरावट दर्ज करने के बाद, अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। इसने सबसे अधिक एफडीआई (80 बिलियन डॉलर से अधिक) प्राप्त किया है और वस्तु निर्यात (400 बिलियन डॉलर) और सेवाओं के निर्यात (254 बिलियन डॉलर) के नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। आज, भारत ने 100 यूनिकॉर्न का आंकड़ा पार कर लिया है और सिर्फ वर्ष 2021 में 42 यूनिकॉर्न निर्मित हुए हैं। स्टार्टअप और यूनिकॉर्न में आयी इस तेजी पर प्रकाश डालते हुए, मंत्री ने उल्लेख किया कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने पिछले 8 वर्षों में एक सक्षम वातावरण बनाने के लिए कई कदम उठाये हैं, जिनमें प्रमुख हैं - पुराने कानूनों को खत्म करना; व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करना, एनपीए को ख़त्म करने के साथ बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में सुधार शुरू करना, 80 करोड़ लोगों तक इंटरनेट का विस्तार, अर्थव्यवस्था और शासन के लगभग सभी क्षेत्रों का तेजी से डिजिटलीकरण आदि। इन सभी कदमों से एक जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण में सहायता मिली है।
2014 से पहले की स्थिति के बारे में मंत्री ने एक क्रेडिट सुइस रिपोर्ट, ‘हाउस ऑफ डेट’ का हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि भारत की बैंकिंग प्रणाली की कुल संपत्ति का लगभग 98 प्रतिशत भारत में 9 या 10 बड़े परिवार के स्वामित्व वाले व्यवसायों के पास है।

आज कड़ी मेहनत, धैर्य और जुनून ही सफलता के निर्धारक हैं। अधिकांश यूनिकॉर्न और स्टार्टअप पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं और उनके पास प्रभावशाली उपनाम नहीं हैं।
स्टार्टअप्स और छात्र न्यू इंडिया के टेकेड ऑफ अपॉर्चुनिटीज विषय पर मंत्री का साक्षात्कार ले रहे थे, इसलिए मंत्री ने पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए। मंत्री ने उन्हें योगदान देने के साथ-साथ न्यू इंडिया की विकास यात्रा से लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
मंत्री ने शाम में उद्योग जगत के प्रमुख व्यक्तियों, उद्योग संघों, शिक्षाविदों और वडोदरा के पेशेवरों से मुलाकात की, जिन्होंने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि कैसे न्यू इंडिया डिजिटल उत्पादों और सेवाओं में दुनिया के लिए एक विश्वसनीय प्रौद्योगिकी भागीदार बन रहा है। सभी ने अनुकूल नीतियों के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया।
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एमजी/एएम/जेके
(रिलीज़ आईडी: 1838473)
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