श्रम और रोजगार मंत्रालय
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दत्तोपंत ठेंगड़ी नेशनल बोर्ड ऑफ वर्कर्स एजुकेशन एंड डेवलपमेंट (डीटीएनबीडब्ल्यूईडी) ने औपचारिक प्रशिक्षण न रखने वाले श्रमिकों के कौशल की पहचान पर बैठक की

Posted On: 07 DEC 2021 6:00PM by PIB Delhi

दत्तोपंत ठेंगड़ी नेशनल बोर्ड ऑफ वर्कर्स एजुकेशन एंड डेवलपमेंट (डीटीएनबीडब्ल्यूईडी) के संचालक मंडल की 178 वीं बैठक 4 दिसंबर, 2021 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक में चर्चा का मुख्य फोकस बिंदु औपचारिक प्रशिक्षण रखने वाले श्रमिकों के कौशल की पहचान करना था। बैठक का उद्घाटन केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने किया। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली और श्रम एवं रोजगार सचिव श्री सुनील बर्थवाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों सहित अधिकतम श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करने की योजना पर काम कर रहा है। मंत्री ने आगे कहा कि श्रमिकों की शिक्षा और विकास की दो अवधारणाएं हैं, शिक्षा और विकास। विकास की अवधारणा में समग्र दृष्टिकोण होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे देश के श्रमिकों को हमारे संविधान के अनुसार एक सम्मानजनक जीवन मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय श्रमिक शिक्षा और विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र की प्रगति श्रमिकों के विकास और योगदान पर निर्भर करती है। भारत सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने और विभिन्न योजनाओं जैसे की प्रधानमंत्री आत्मानिर्भर योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना आदि के बारे में जानकारी कार्यबल की विभिन्न श्रेणियों तक पहुंचने में नेशनल बोर्ड ऑफ वर्कर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

श्री सुनील बर्थवाल, सचिव, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कहा कि श्रमिक 10वीं या 12वीं कक्षा पास करने के बाद किसी कारखाने/कार्यशाला में शामिल होकर कमाना शुरू करते हैं, और वे अपने कौशल का विकास केवल अनुभव से करते हैं। लगभग 46 करोड़ श्रमिक हैं जिनमें से 38 करोड़ असंगठित क्षेत्र में हैं। कुछ पॉलिटेक्निक या आईटीआई संस्थानों में औपचारिक शिक्षा के माध्यम से कौशल हासिल करते हैं लेकिन बड़ी संख्या में श्रमिक अपने नौकरी के दौरान उन कौशलों को सीखा है।

उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि डीटीएनबीडब्ल्यूईडी द्वारा ऐसे कौशल वाले श्रमिकों को भी पूर्व शिक्षा (पीएल) के आधार पर प्रमाण पत्र प्रदान किए जा सकते हैं। न्यूनतम वेतन के लिए वेतन संहिता में कौशल यानी अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और अत्यधिक कुशल श्रमिकों के साथ जोड़ने का प्रावधान है। कौशल सेट का प्रमाण पत्र प्राप्त करके श्रमिक अधिक कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड ई-लर्निंग पाठ्यक्रमों के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के कामगारों के बीच जागरूकता पैदा कर सकता है। डीटीएनबीडब्ल्यूईडी को नए अधिनियमित श्रम संहिताओं और उनके लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करनी चाहिए।

समग्र दृष्टिकोण के लिए कौशल विकास मंत्रालय के साथ जुड़ने के लिए संचालक मंडल के साथ विस्तार से चर्चा की गई।

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