श्रम और रोजगार मंत्रालय

देश भर का प्रत्येक जिला ईएसआईसी के दायरे में आएगा

ईएसआईसी अस्पताल में किसी बीमारी के इलाज की विशेषज्ञता नहीं होने पर पैनल में शामिल निजी अस्पतालों को ऑटो-रेफरल प्रदान किया जाएगा

ई-श्रम असंगठित क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित होगा : श्री भूपेंद्र यादव

Posted On: 10 SEP 2021 11:30PM by PIB Delhi

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री, श्री भूपेंद्र यादव ने श्री रामेश्वर तेली, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री की उपस्थिति में आज हरिद्वार में प्रस्तावित 300 बिस्तर वाले ईएसआईसी अस्पताल का निरीक्षण किया।

इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान ईएसआईसी ने अपनी सुविधाओं को आम जनता के लिए खोलकर लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है और कोविड-19 राहत योजना की घोषणा करके ईएसआईसी बीमा धारक व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में उसके आश्रितों को उस कर्मचारी के औसत दैनिक वेतन के 90 प्रतिशत हिस्से के बराबर दिया जाता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऋषिकेश में ईएसआईसी की 185वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जहां भी ईएसआईसी अस्पतालों में इन-हाउस बीमारी के इलाज की विशेषज्ञता उपलब्ध नहीं है, मरीजों को पैनल में शामिल निजी अस्पताल के सेवा प्रदाताओं के लिए ऑटो रेफर किया जाएगा और जहां कहीं भी ईएसआई सुविधा की दूरी आईपी (बीमाकृत व्यक्ति) से 10 किमी से अधिक की दूरी पर, मरीज इलाज के लिए सीधे सूचीबद्ध अस्पतालों से संपर्क कर सकते हैं।

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श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि ईएसआईसी पहले ही हरिद्वार में प्रस्तावित 300 बिस्तरों के अस्पताल के लिए 297 करोड़ रुपये मंजूर कर चुका है। इसके अलावा देहरादून और काशीपुर में दो अस्पताल स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि देहरादून और काशीपुर के अस्पतालों के लिए जल्द ही जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि कोटद्वार और खतीमा में ईएसआईसी अस्पतालों के प्रस्तावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रुद्रपुर में ईएसआईसी अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए चिकित्सा पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए उत्तराखंड सरकार को सभी सहायता प्रदान की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि श्रम कानूनों को चार संहिताओं में समेकित और सरल बनाने के अलावा, सरकार ने ई-श्रम पोर्टल के रूप में एक बड़े बदलाव लाने वाली पहल शुरू की है। यह केंद्रीकृत डेटाबेस 38 करोड़ से अधिक असंगठित कार्यबल की मदद करने वाला है। यह केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लागू की जा रही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतिम छोर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

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श्रम एवं रोजगार और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली ने कहा कि 300 बिस्तरों वाला ईएसआईसी अस्पताल 5 एकड़ में फैला होगा, इसमें नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी जैसी 50 विशिष्टताओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। मंत्री ने कहा कि ईएसआईसी वर्तमान में 3 करोड़ से अधिक बीमित लोगों और उनके माध्यम से 13 करोड़ से अधिक आश्रितों की सेवा कर रहा है। ईएसआईसी की देश भर के 577 जिलों में मौजूदगी है। उन्होंने कहा कि अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत महामारी के दौरान नौकरी गंवाने वालों को मजदूरी का 50% मुआवजा दिया जा रहा है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री. पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून और काशीपुर में ईएसआईसी अस्पतालों के लिए भूमि जल्द आवंटित करने का भरोसा दिया। श्री नरेश बंसल, सांसद, उत्तराखंड के श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री हरक सिंह रावत और उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री श्री धन सिंह रावत इस अवसर पर उपस्थित थे।

एमजे/एमएम/एके



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