शिक्षा मंत्रालय

13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के भाग के रूप में आईआईटी बॉम्बे ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालयों की कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि जैव ईंधन और कम लागत वाली बैटरी तकनीक से भारत में परिवहन क्षेत्र तेजी से बदल रहा है

श्री गडकरी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों से नवीन प्रौद्योगिकी में अनुसंधान करने का आह्वान किया जिससे ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आ सकते हैं

Posted On: 16 JUN 2021 7:44PM by PIB Delhi

आईआईटी बॉम्बे में आज इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विषय पर ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) नेटवर्क विश्वविद्यालयों के तीन दिवसीय वर्चुअल सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता के दौरान शिक्षा स्ट्रीम के तहत भारत द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के 18 विशेषज्ञ अगले तीन दिनों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विभिन्न पहलुओं जैसे ट्रैफिक मैनेजमेंट, हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी, हाइब्रिड वाहन, लिथियम-आयन बैटरी के साथ-साथ ई-मोबिलिटी और आजीविका के बीच संबंध के बारे में बात करेंगे। सम्मेलन में पांच सदस्य देशों के ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालयों के 100 से अधिक छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों के भाग लेने की उम्मीद है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री नितिन गडकरी ने अपने भाषण में कहा कि भारत में परिवहन क्षेत्र जैव ईंधन के इस्तेमाल के साथ तेजी से बदल रहा है। ट्रकों से लेकर सभी प्रकार के ई-वाहनों जैसे रिक्शा, साइकिल, ई-कार्ट और ई-फूड स्टॉल में जैव ईंधन का उपयोग बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश ने कम लागत वाली बैटरी तकनीक के मामले में भी काफी प्रगति की है। यह परिवर्तन न केवल पर्यावरण की स्थिरता और स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि देश में नई आजीविका के द्वार भी खोल रहा है। श्री गडकरी ने देश में आईआईटी से नवीन प्रौद्योगिकी में अनुसंधान करने का आह्वान किया जो ई-गतिशीलता में और क्रांति ला सकता है। मंत्री ने इस क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच अधिक से अधिक अनुसंधान सहयोग का भी आह्वान किया।

भारत सरकार के उच्च शिक्षा सचिव श्री अमित खरे ने आशा व्यक्त की कि ब्रिक्स देशों के सर्वश्रेष्ठ लोगों के बीच इन संवादों से निकले ज्ञान से एक उपयोगी निकाय का निर्माण होगा जिसका फायदा हर सदस्य देश को सतत और समावेशी विकास के साझा लक्ष्य को प्राप्त करने में मिलेगा। उन्होंने ब्रिक्स शिक्षा स्ट्रीम के तहत निर्धारित आगामी कार्यक्रमों के बारे में भी बताया जिसमें इस महीने की 29 तारीख को ब्रिक्स एनयू के गवर्निंग बोर्ड की बैठक, 2 जुलाई को शिक्षा से जुड़े ब्रिक्स के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक और ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की 6 जुलाई को एक बैठक शामिल है।

ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय पांच ब्रिक्स सदस्य देशों के उच्च शिक्षा संस्थानों का एक संघ है। इसका गठन शैक्षिक सहयोग, विशेष रूप से अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में, बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय के लिए आईआईटी बॉम्बे भारत का प्रमुख संस्थान है।

***

एमजी/एएम/पीके/एसएस



(Release ID: 1727846) Visitor Counter : 587


Read this release in: Marathi , English , Urdu