जल शक्ति मंत्रालय
मिजोरम ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत वार्षिक कार्य योजना प्रस्तुत की
राज्य की 2022-23 तक ‘हर घर जल’ वाला राज्य बनने के लिए 100 प्रतिशत कनेक्शन देने की योजना
प्रविष्टि तिथि:
28 APR 2021 4:49PM by PIB Delhi
मिजोरम ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए संतृप्ति योजना के विवरण के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी जल जीवन मिशन वार्षिक कार्ययोजना पेश की, जिससे राज्य में हर ग्रामीण घर को नल से जल कनेक्शन सुनिश्चित किया जा सके। मिशन के ‘हर घर जल’ लक्ष्य के साथ काम करते हुए, मिजोरम ने 2022-23 तक राज्य के हर ग्रामीण घर में शत-प्रतिशत नल कनेक्शनों का प्रस्ताव किया है। राज्य में 1.27 लाख ग्रामीण घरों में से 59 हजार (46 प्रतिशत) ग्रामीण घरों में जल की आपूर्ति नल से की जाती है। राज्य ने 2021-22 में 40 हजार नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। राज्य सरकार ने 2020-21 के दौरान कुल 34 हजार नल कनेक्शन उपलब्ध कराए थे।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों की वार्षिक कार्य योजना (एएपी) को आगे बढ़ाने की दिशा में सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में सचिव की अध्यक्षता वाली और विभिन्न मंत्रालयों/ विभागों के साथ-साथ नीति आयोग के सदस्यों वाली एक राष्ट्रीय समिति ने व्यापक कार्य किया है। इसके बाद, त्रैमासिक प्रगति और समय समय पर होने वाले खर्च के आधार पर साल भर धनराशि जारी की जाती है। राज्य को उसका ‘हर घर जल’ का लक्ष्य हासिल करने में सहायता के लिए विस्तृत योजना की कवायद की गई है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत, मनरेगा, एसबीएम, पीआरआई को 15वें वित्त आयोग का अनुदान, कैम्पा कोष, स्थानीय क्षेत्र विकास कोष आदि विभिन्न कार्यक्रमों को मिलाकर सभी उपलब्ध संसाधनों के बीच सामंजस्य कायम करने के प्रयास किए गए हैं। समिति ने सुझाव दिया कि राज्य को जल गुणवत्ता निगरानी और पेयजल स्रोतों का निगरानी परीक्षण व डिलिवरी बिंदुओं के लिए अपनी धनराशि का इस्तेमाल करना चाहिए। दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए गांवों में जल आपूर्ति प्रणालियों में नियोजन, कार्यान्वयन, प्रबंधन, परिचालन और रखरखाव में स्थानीय ग्रामीण समुदाय/ ग्राम पंचायतों और या उपयोगकर्ता समूहों को जोड़ने पर जोर दिया था, जिससे पेयजल सुरक्षा हासिल करे में मदद मिले।
राज्य से समर्थन गतिविधियों और सामुदायिक योगदान हासिल करने पर जोर देने का अनुरोध किया गया था। समिति ने ग्राम पंचायत की उप समिति के रूप में ग्राम कार्य योजनाओं और ग्राम जल और स्वच्छता समिति/ पानी समिति तैयार करने पर भी जोर दिया था, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत महिला सदस्य हों। यह समिति गांव के भीतर जल आपूर्ति अवसंरचना की योजना, डिजाइन, कार्यान्वयन और परिचालन व रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगी। सभी गांवों में, जल जीवन मिशन को आगे बढ़ाने के लिए सामुदायिक एकजुटता के साथ आईईसी अभियान वास्तव में एक जनांदोलन होगा।
समिति ने राज्य को तत्काल राज्य की सभी 27 प्रयोगशालाओं के लिए एनएबीएल संबद्धता/ मान्यता लेने की सलाह दी है। साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर, आंगनवाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में एफटीके परीक्षण सुनिश्चित करने की गतिविधियों की आवश्यकता पर जोर दिया है।
जेजेएम केन्द्र सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य 2024 तक नल कनेक्शन के माध्यम से हर ग्रामीण परिवार को पेयजल उपलब्ध कराना है। 2021-22 में जल जीवन मिशन के लए 50,000 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया था। इसके अलावा, 15वें वित्त आयोग के अनुदानों के तहत आरएलबी/ पीआरआई में जल एवं स्वच्छता के तहत राज्य के समान हिस्सेदारी और बाह्य सहायतित परियोजनाओं के लिए 26,940 करोड़ रुपये की सुनिश्चित धनराशि उपलब्ध है। इस प्रकार, 2021-22 में, ग्रामीण घरों में नल से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए देश में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश की योजना है। इस भारी भरकम निवेश से विनिर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार पैदा होंगे, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
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एमजी/एएम/एमपी/डीवी
(रिलीज़ आईडी: 1714695)
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