वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

नमक आयुक्त संगठन अमृत महोत्सव के तहत दांडी मार्च मार्ग पर सामान्य स्वास्थ्य एवं नेत्र संबंधी जागरूकता शिविर का आयोजन करेगा

प्रविष्टि तिथि: 25 MAR 2021 7:39PM by PIB Delhi

आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा अनेक आयोजनों की श्रृंखला 'अमृत महोत्सव' मनाई जा रही है ।  इस महोत्सव की शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री ने दिनांक 12 मार्च, 2021 को की है । नमक ने हमारे राष्ट्र के इतिहास का रुख मोड़ने में महती भूमिका निभाई है । नमक वाले क्षेत्रों में कामगार नमक उत्पादन के लिए लगातार कड़ी मेहनत करते रहे हैं एवं इस तरह भारत के विकास में योगदान देते है।

आजादी से पहले के दौर में भारतीयों को बहुत अधिक कीमत पर आयातित नमक खरीदने के लिए मजबूर किया जाता था और उन्हें स्थानीय स्तर पर नमक का उत्पादन या बिक्री करने से रोक दिया जाता था। महात्मा गांधी द्वारा दांडी मार्च भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नमक उत्पादक देश है और दुनिया भर में नमक का निर्यात करता है । नमक उत्पादन 30 मिलियन टन तक पहुंच चुका है (स्वतंत्रता पूर्व के दौर में 2 मिलियन टन से कम था), इस उत्पादन क्षमता से सभी मानवीय तथा औद्योगिक आवश्यकताएं पूरी होने के अलावा विदेशों को 5 मिलियन टन का दुनिया भर में निर्यात भी होता है । 

नमक पोषक तत्वों की पूरकता (आयोडीन और आयरन) के एक वाहन के तौर पर प्रभावी साबित हुआ है क्योंकि हमने आयोडीन नमक की पहुंच लगभग पूरी आबादी की तक बनाने में सफलता पाई है, जैसा करना आयोडीन की कमी से जुड़े विकारों का मुकाबला करने में प्रभावी रहा है।

'अमृत महोत्सव' के तहत एक सामान्य स्वास्थ्य एवं नेत्र संबंधी जागरूकता अभियान भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार मंत्रालय (डीपीआईआईटी) के अंतर्गत नमक आयुक्त संगठन (एससीओ) द्वारा गुजरात के भरूच ज़िले के मग्नाद में दांडी मार्च के रास्ते पर इस इलाके के आसपास रहने वाले नमक श्रमिकों के लिए आयोजित किया जा रहा है।

इस शिविर का उद्देश्य स्वास्थ्य से संबंधित सभी संभव मुद्दों के लिए नमक श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों की चिकित्सा जांच करना और दवाएं प्रदान करना है । चूंकि नमक श्रमिकों को नमक क्षेत्रों में उनके काम करने से जुड़े व्यावसायिक खतरे के कारण आंखों और त्वचा से संबंधित समस्याओं का खतरा है, इसलिए नेत्र और त्वचा विशेषज्ञों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा का महत्व है और तदनुसार इस शिविर में व्यवस्था की जा रही है । आयुष चिकित्सकों की सेवा की व्यवस्था से इस स्वास्थ्य शिविर का दायरा बढ़ेगा।

इस क्षेत्र में देवला, मालपुर, नाडा, असारा, तनकरी, जम्बूसर, गंधार और दहेज़ से लेकर आयोजन स्थल के आसपास के लगभग 250 नमक कामगारों एवं उनके परिवार के सदस्यों के भाग लेने की संभावना है । जांच के बाद यदि आवश्यक पाया जाता है तो लाभान्वितों को आगे के उपचार के लिए सलाह दी जाएगी । इस शिविर में भरूच के राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल एवं जम्बूसर के तालुका स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों एवं विशेषज्ञों की टीम इस शिविर का हिस्सा होगी । डॉक्टरों की टीम में नेत्र विशेषज्ञ, त्वचा विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जनरल फिजिशियन, होम्योपैथिक चिकित्सक और आयुर्वेदिक फिजिशियन शामिल हैं ।

नमक आयोडाइजेशन, नमक उद्योग आदि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जा रहा है । कोविड 19 के लिए भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पालन भी किया जाएगा।

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