रक्षा मंत्रालय

वायु सेना उपप्रमुख ने सीएडब्ल्यू, डीआरडीओ हैदराबाद और वायु सेना अकादमी का दौरा किया

प्रविष्टि तिथि: 22 JAN 2021 8:04PM by PIB Delhi

परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, वायु सेना उपप्रमुख (वीसीएएस) एयर मार्शल एचएस अरोड़ा ने 21 जनवरी से 22 जनवरी 2021 तक कॉलेज ऑफ एयर वारफेयर (सीएडब्ल्यू), डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स डीआरडीओ हैदराबाद और वायु सेना अकादमी का दौरा किया।

वायु सेना स्टेशन बेगमपेट पहुंचने पर, कॉलेज ऑफ एयर वारफेयर के कमांडेंट ने उनकी अगवानी की और उन्हें सीएडब्ल्यू में संचालित किए जाने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी दी।

सीएडब्ल्यू की अपनी यात्रा के दौरान, वीसीएएस ने प्रतिष्ठित उच्च वायु कमान पाठ्यक्रम (एचएसीए) के अध्ययनरत अधिकारियों से समसामयिक स्थिति पर वार्तालाप किया। उन्होंने निर्देशन कर्मचारियों से भी चर्चा करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों के भावी नेतृत्व की कारवाई से जुड़ी तत्परता और अपेक्षाओं पर भी  ज़ोर दिया।

एयर मार्शल ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स, डीआरडीओ, हैदराबाद का भी दौरा किया। प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और मिसाइल एवं रणनीतिक प्रणालियों के महानिदेशक, श्री एमएसआर प्रसाद, डीआरडीएल के निदेशक डॉ दशरथ राम और आरसीआई के निदेशक श्री बीएचवीएस नारायण मूर्ति ने भारतीय वायुसेना से संबंधित डीआरडीओ परियोजनाओं की प्रगति के बारे में नवीनतम जानकारी दी।

आरसीआई के विभिन्न प्रौद्योगिकी केंद्रों की अपनी यात्रा के दौरान, एयर मार्शल ने एमआरएसएएम प्रणाली की समीक्षा की, जिन्हें शीघ्र ही भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाना है। उन्होंने आरसीआई और डीआरडीएल के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ भी वार्ता की। उन्होंने मिसाइलों और हथियार प्रणालियों की स्वदेश में और मिशन मोड विकास आवश्यकताओं पर जोर दिया। उन्होंने डीआरडीओ के स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास प्रयासों में भारतीय वायुसेना से पूर्ण सहयोग और समर्थन देने का आश्वासन भी दिया।

वायु सेना अकादमी में, वायु सेना के उप प्रमुख का वायसेना मेडल कमांडेंट एयर मार्शल आईपी विपिन द्वारा स्वागत किया गया। उन्हें अकादमी में जारी प्रशिक्षण गतिविधियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई।

एएफए की अपनी यात्रा के दौरान, वीसीएएस ने एएफए में विकसित की जा रही विभिन्न महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं की प्रगति का निरीक्षण एवं समीक्षा की। उन्होंने पिलाटस पीसी-7 ट्रेनर विमान और हॉक विमान पर उड़ान भी भरी। पिलाटस पीसी-7 ट्रेनर और हॉक विमानों ने भारतीय वायु सेना में पायलटों के के उड़ान प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण रूप से बदलाव किया है। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू पायलटों को प्रशिक्षण देने के अलावा, हॉक विमान का उपयोग भारतीय वायुसेना की एरोबेटिक टीम सूर्यकिरण द्वारा भी किया जाता है।

एयर मार्शल ने युवा कैडेटों को पेशेवर सक्षम सैन्य अधिकारियों में बदलने की प्रक्रिया में वायु सेना अकादमी के अधिकारियों और वायुसैनिकों के अथक प्रयासों एवं कठिन परिश्रम की सराहना की।

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एमजी/एएम/एसएस


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