पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुजरात के अलंग में पूर्व-आईएनएस विराट को भावपूर्ण विदाई दी
विराट की सेवाएं यहीं खत्म नहीं होतीं, अलंग में हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा: श्री मंडाविया
प्रविष्टि तिथि:
28 SEP 2020 10:38AM by PIB Delhi
केंद्रीय रसायन और उर्वरक तथा जहाज़रानी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनसुख मंडाविया ने आज गुजरात के अलंग में एक समारोह में पूर्व-आईएनएस विराट युद्धपोत को भावपूर्ण विदाई दी। 30 साल तक अपनी शानदार सेवाऐं देने के बाद आईएनएस विराट अब भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हो चुका है और इसे रीसाइक्लिंग के लिए अलंग लाया गया है।

श्री मनसुख मंडाविया ने इस विमान वाहक पोत को विदाई देने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा है कि, विराट सबसे लम्बी सेवाएं देने वाला युद्धपोत है, जिसने 30 साल तक भारतीय नौसेना का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि, विराट की सेवाएं यहीं पर समाप्त नहीं होती हैं, क्योंकि विराट को दुनिया के सबसे बड़े जहाज़ निस्ताकरण कारखानों में से एक यानी अलंग लाया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, यहां पर विराट हजारों लोगों को रोजगार प्रदान करेगा। श्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि आईएनएस विराट को एक संग्रहालय में परिवर्तित करने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन यह न तो किसी व्यवसायिक संघ के अध्ययन पर आधारित था और न ही यह आर्थिक रूप से अनुकूल था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस समय पहले से ही योजना बना रही है ताकि भविष्य में जब भी कोई आईएनएस जहाज़ विघटन के लिए लाया जायेगा, तो उसे संग्रहालय में परिवर्तित किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने हड़प्पा सभ्यता के इतिहास को फिर से सामने लाने के लिए लोथल में कला समुद्री संग्रहालय बनाने की बात भी दोहराई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युद्धपोतों के पुनर्चक्रण उद्योग के लिए बड़ा बाजार बनाने को ध्यान में रखकर, भारत ने 28 नवंबर 2019 को हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन-2009 'जहाज़ों का सुरक्षित और पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल पुनरावर्तन' में हिस्सा लिया और 'जहाजों का पुनर्चक्रण विधेयक 2019' पारित किया। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा हांगकांग सम्मेलन में हिस्सा लेना और जहाज़ों के पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019 को लागू करने से ही पर्यावरण के अनुकूल तथा सुरक्षा के प्रति सचेत होने से हमारे जहाज़ रीसाइक्लिंग उद्योग की रूपरेखा तैयार हुई है और इससे युद्धपोत के पुनर्चक्रण बाजार के अग्रणी नेता के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करने का एक लंबा रास्ता भी तय होगा। श्री मंडाविया ने कहा कि, यह रोजगार और व्यापार के अवसरों को बढ़ाने के साथ-साथ यार्ड के श्रमिकों की पर्याप्त सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।
शिक्षा मंत्री, गुजरात सरकार श्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा, विधायक श्रीमती विभाविरेन दवे और एनएम नवल कमांडिंग ऑफिसर पोरबंदर श्री पूरवीर दास सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
आईएनएस विराट के बारे में
द्वितीय सेंटॉर-श्रेणी का विमानवाहक पोत आईएनएस विराट भारतीय नौसेना में 30 साल और इससे पहले रॉयल नेवी में 27 साल बिताने के बाद 6 मार्च, 2017 को सेवानिवृत्त हो गया था। आईएनएस विराट ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले युद्धपोत होने का गौरव हासिल किया है। भारतीय ध्वज के तले, इस पोत ने पिछले तीन दशकों में विभिन्न विमानों द्वारा 22,622 से अधिक उड़ान घंटे देखे हैं और समुद्र में नौकायन करते हुए लगभग 2252 दिन बिताए हैं। विराट ने 5,88,287 समुद्री मील लगभग (10,94,215 किलोमीटर) की यात्रा तय की है। इसका तात्पर्य यह है कि आईएनएस विराट ने समुद्र में सात साल चलते हुए बिताए हैं जोकि पृथ्वी के 27 चक्कर लगाने के बराबर है।। अपनी स्थापना से लेकर अब तक इस युद्धपोत के बॉयलर कुल 80,715 घंटे चले हैं। नौसेना में आईएनएस विराट को ‘माँ’ जैसा माना गया है और वर्ष 1987 से लेकर सेवानिवृत्ति तक 22 कप्तानों ने इसकी कमान संभाली थी। अपनी शुरुआत से ही इसने नौसेना की फ्लैगशिप होने का तमगा हासिल कर लिया था। नौसेना प्रमुख के पांच प्रमुखों सहित लगभग 40 एडमिरल अधिकारीयों को आईएनएस विराट ने अपनी छत्र-छाया में तैयार किया।
अलंग के बारे में
गुजरात का अलंग दुनिया के सबसे बड़े जहाज़ रीसाइक्लिंग यार्डों में से एक है, जहाँ लगभग 30% वैश्विक जहाजों (250-280) का प्रतिवर्ष पुनर्नवीनीकरण किया जाता है। अलंग ओड़िशा, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, गुजरात और अन्य राज्यों के करीब 30,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। इसके अलावा यह अन्य कारोबारी गतिविधियों के जरिये 3.5 लाख लोगों की अप्रत्यक्ष तरीके से सहायता करता है।
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एमजी/एएम/एनके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 1660047)
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