पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित भव्य समारोह में भाग लिया, कोलकाता बंदरगाह के लिए मल्टी-मोडल विकास परियोजनाओं का शुभांरभ किया
प्रधानमंत्री ने ‘बंदरगाह गान’ लॉन्च किया
हमारे तट आर्थिक विकास के द्वार हैं: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया
प्रधानमंत्री ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के कर्मचारियों के पेंशन फंड के लिए 501 करोड़ रुपये का चेक सौंपा
प्रधानमंत्री ने सुंदरबन की आदिवासी छात्राओं के लिए कौशल विकास केंद्र और प्रीतिलता छात्रा आवास का उद्घाटन किया
कोलकाता बंदरगाह के आधुनिकीकरण के साथ-साथ बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विकास और बेहतर रेल कनेक्टिविटी पर 1200 करोड़ रुपये से भी अधिक की राशि खर्च की गई है : श्री मनसुख मांडविया
प्रविष्टि तिथि:
12 JAN 2020 5:53PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में भाग लिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री जगदीप धनखड़ भी उपस्थित हैं।
प्रधानमंत्री ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट (केओपीटी) के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मूल पोर्ट जेटी के स्थल पर पट्टिका का अनावरण किया।
श्री मोदी ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में शामिल होने को अपना सौभाग्य बताते हुए इसे देश की जल शक्ति का एक ऐतिहासिक प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह बंदरगाह भारत के विदेशी शासन से आजाद होने जैसे देश के कई ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी रहा है। इस बंदरगाह ने सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह तक देश को बदलते देखा है। इस बंदरगाह ने न केवल अनगिनत माल भेजने वालों, बल्कि ज्ञान के वाहक भी देखे हैं जिन्होंने देश और दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी है। कोलकाता का यह बंदरगाह एक तरह से औद्योगिक, आध्यात्मिक और आत्मनिर्भरता के लिए भारत की आकांक्षा का प्रतीक है।’
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बंदरगाह गान को भी लॉन्च किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात के लोथल बंदरगाह से कोलकाता बंदरगाह तक भारत का लंबा तटीय क्षेत्र न केवल व्यापार और व्यवसाय में लगा रहा, बल्कि दुनिया भर में सभ्यता और संस्कृति के प्रसार का भी काम करता रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार मानती है कि हमारे तट आर्थिक विकास के द्वार हैं। यही कारण है कि सरकार ने बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और बंदरगाहों को जोड़ने के काम में सुधार के लिए सागरमाला परियोजना शुरू की है। इस योजना के तहत 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 3600 परियोजनाओं की पहचान की गई है। इनमें से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 200 से अधिक परियोजनाओं पर काम जारी है और लगभग 125 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। कोलकाता बंदरगाह दरअसल नदी जलमार्गों के निर्माण की बदौलत पूर्वी भारत के औद्योगिक केंद्रों से जुड़ा हुआ है। इससे नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जैसे देशों के साथ व्यापार करना आसान हो गया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पश्चिम बंगाल के कोलकाता में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर स्मारक डाक टिकट जारी करते हुए। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री जगदीप धनखड़ और शिपिंग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया भी उपस्थित हैं।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट ट्रस्ट
प्रधानमंत्री ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखने की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘बंगाल के पुत्र डॉ. मुखर्जी ने देश में औद्योगीकरण की नींव रखी और चित्तरंजन लोकोमोटिव फैक्ट्री, हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट फैक्ट्री, सिंदरी फर्टिलाइज़र फैक्ट्री और दामोदर वैली कॉरपोरेशन जैसी परियोजनाओं के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुझे बाबा साहेब का भी स्मरण हो रहा है। डॉ. मुखर्जी और बाबा साहेब ने स्वतंत्रता के बाद के भारत को एक नया दृष्टिकोण दिया।’
150 साल के इस सफर दौरान पोर्ट ने बंगाल राज्य और देश के अर्थतंत्र को मजबूती दी है। देश की प्रथम आधुनिक उद्योग साहसिकता की नीव इस पोर्ट से ही रखी गई थी। कोलकाता पोर्ट ने लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार दिए है: @mansukhmandviya #150YearsOfKolkataPort pic.twitter.com/MO0qolUr1g
— Ministry of Shipping (@shipmin_india) January 12, 2020
श्री मांडविया ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में पहली बार इस साल कोलकाता पोर्ट ने मुनाफा कमाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और उनकी दूरदर्शितापूर्ण सागरमाला परियोजना के तहत पिछले 5 वर्षों के दौरान कोलकाता बंदरगाह के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विकास एवं बेहतर रेल कनेक्टिविटी पर 1200 करोड़ रुपये से भी अधिक की राशि खर्च की गई है।
5 साल के बाद कोलकाता पोर्ट ने, 15 सालों में पहली बार इस साल प्रोफ़िट किया है। बीते पाँच साल में हमने क़रीब ₹1200 करोड़ से ज़्यादा का ख़र्च करके पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर ठीक किया है, रेल कनेक्टिविटी दुरस्त की है, पोर्ट को आधुनिक बनाया है: @mansukhmandviya#150YearsOfKolkataPort
कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के पेंशनभोगियों का कल्याण
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के सेवानिवृत्त और मौजूदा कर्मचारियों के पेंशन फंड में कमी को पूरा करने के लिए अंतिम किस्त के रूप में 501 करोड़ रुपये का चेक भी सौंपा।
प्रधानमंत्री ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के दो सबसे पुराने पेंशनभोगियों श्री नगीना भगत (105 वर्ष) और श्री नरेश चंद्र चक्रबर्ती (100 वर्ष) को अभिनंदन भी किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पश्चिम बंगाल के कोलकाता में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के सेवानिवृत्त और मौजूदा कर्मचारियों के पेंशन फंड में कमी को पूरा करने के लिए अंतिम किस्त के रूप में 501 करोड़ रुपये का चेक सौंपते हुए। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री जगदीप धनखड़ भी उपस्थित हैं।
प्रधानमंत्री ने सुंदरबन की 200 आदिवासी छात्राओं के लिए कौशल विकास केंद्र और प्रीतिलता छात्रा आवास का उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल, विशेषकर यहां के गरीबों, सुविधाओं से वंचितों और शोषितों के विकास के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार आयुष्मान भारत योजना और पीएम किसान सम्मान निधि योजना को मंजूरी देगी, यहां के लोगों को भी इन योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष ड्राई डॉक में कोचीन कोलकाता जहाज मरम्मत इकाई की उन्नत जहाज मरम्मत इकाई का भी उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री ने फुल रेक हैंडलिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया और कार्गो की सुचारू आवाजाही और जहाज पर माल लादने एवं उतारने की प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने के लिए केओपीटी के कोलकाता डॉक सिस्टम की उन्नत रेलवे अवसंरचना को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के बर्थ नंबर 3 के मशीनीकरण और प्रस्तावित रिवरफ्रंट विकास योजना का भी शुभारंभ किया।
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आरकेमीणा/आरएनएम/एएम/आरआरएस/एसके-5250
(रिलीज़ आईडी: 1599282)
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