कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय

28 अक्‍तूबर से 2 नवम्‍बर, 2019 तक सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह मनाया जाएगा


सतर्कता जागरूकता का विषय है "ईमानदारी-एक जीवनशैली"

प्रविष्टि तिथि: 25 OCT 2019 11:59AM by PIB Delhi

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) 28 अक्टूबर से 2 नवंबर,  2019 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मना रहा है। यह सप्‍ताह हर साल सरदार वल्‍लभभाई पटेल की जयंती (31 अक्‍टूबर) वाले सप्‍ताह के दौरान मनाया जाता है। सतर्कता सप्‍ताह नागरिकों की भागीदारी के माध्‍यम से ईमानदारी और सत्‍यनिष्‍ठा को प्रोत्‍साहन देने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

आयोग की ओर से इस वर्ष के सतर्कता जागरूकता का विषय "ईमानदारी-एक जीवनशैली"चुना गया है। ईमानदारी और नैतिकता किसी भी राष्ट्र के मूलभूत स्तंभों का निर्माण करते हैं और राष्ट्रीय विकास तभी संभव होता है जब व्यक्ति एवं संगठन मूलभूत मूल्य के तौर पर ईमानदारी के लिए प्रतिबद्ध होते हैं। भ्रष्टाचार का मुकाबला करना केवल कानून बनाने और संस्थानों के सृजन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय मूल्यों और व्यक्तियों के नैतिकता में गहराई से रचा-बसा है। नए भारत के निर्माण के लिए नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना आवश्यक है।

आयोग का मानना है कि यह विषय समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं का ध्यान ईमानदार, भेदभावरहित और भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण में नैतिक आचरण के महत्व की ओर आकर्षित करने में मददगार होगा।

आयोग ने सभी केंद्र सरकार के मंत्रालयों/संगठनों से अनुरोध किया है कि वे अपने संगठन के भीतर इस विषय के अनुरूप गतिविधियों और जनता /नागरिकों के लिए निम्‍नलिखित आउटरीच गतिविधियों का संचालन करें:

संगठन के भीतर की जाने वाली गतिविधियों में सभी कर्मचारियों द्वारा ईमानदारी की शपथ लेना, निवारक सतर्कता गतिविधियों के बारे में पैम्फेलेट/ हैंडआउट का वितरण, भ्रष्‍टाचार को उजागर करने की व्‍यवस्‍था और भ्रष्टाचार विरोधी अन्य उपाय, कर्मचारियों अन्य हितधारकों के लिए नीतियों/ संगठन की प्रक्रियाओं और निवारक सतर्कता उपायों के बारे में कार्यशालाओं और संवेदीकरण कार्यक्रमों का संचालन किया जाना शामिल हैं। अन्य गतिविधियों में सतर्कता संबंधी मामलों पर पत्रिकाओं/सूचना पत्रों का प्रकाशन, प्रणालीगत सुधार और व्यापक प्रसार और जागरूकता के लिए अपनाई गई अच्छी पद्धतियों,  भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दों पर कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का जैसे बहस, प्रश्नोत्तरी आदि का आयोजन करना तथा कर्मचारियों / ग्राहकोन्मुख जानकारी के प्रसार के लिए संगठनात्मक वेबसाइटों का उपयोग शामिल है।

जनता/नागरिकों के लिए आउटरीच गतिविधियों में प्रमुख स्‍थानों/ कार्यालयों / फील्ड इकाइयों और पब्लिक इंटरफ़ेस वाले स्थानों पर होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टरों का प्रदर्शन और हैंडआउट्स के वितरण, ग्राहकोन्‍मुख सेवाओं/गतिविधियों वाले संगठनों द्वारा नागरिकों/ग्राहकों के लिए शिकायत निवारण शिविरों का आयोजन तथा आयोग द्वारा विकसित की गई ‘’ईमानदारी शपथ’’ ऑनलाइन ग्रहण करना आदि शामिल है।

उपराष्‍ट्रपति ने भ्रष्‍ट्राचार के दुष्‍प्रभावों के प्रति स्‍कूली और कॉलेज छात्रों को जागरुक बनाने के लिए व्‍याख्‍यान, पैनल चर्चा,वाद विवाद प्रतियोगिता ,क्विज, लेख , नैतिक मूल्‍यों पर स्‍लोगन आदि जैसी गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया। साल 2018 में देशभर के 19333 से ज्‍यादा स्‍कूलों और 5120 कॉलेज में ऐसी गतिविधियां आयोजित की गईं जिसमें 22 लाख से ज्‍यादा छात्रों ने हिस्‍सा लिया। ईमानदारी क्‍लबों का स्‍कूलों में खोला जाना भविष्‍य के कर्णधारों में नैतिक मूल्‍यों का निर्माण करना है। इसी तरह ग्राम जागरुकता सभाओं का आयोजन भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को भ्रष्‍टाचार के कुप्रभावों के प्रति जागरूक बनाने के लिए किया जाता है। साल 2018 में देशभर में सतर्कता सप्‍ताह के दौरान ऐसी 73655 ग्राम सभांए आयोजित की गई थीं। जागरुकता गतिविधियों में निजी क्षेत्र के साथ ही विभिन्नि संगठनों , पेशेवर संस्‍थानों ,ट्रेड यूनियनों तथा नागरि‍क समाज के सभी वर्गों को भी शामिल किया जाता है।

 

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