नीति आयोग

नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के तहत निर्मित एटीएल ड्रोन मॉड्यूल  ऐयरो इंडिया में पहली बार प्रदर्शित  

प्रविष्टि तिथि: 21 FEB 2019 7:09PM by PIB Delhi

नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन और आईआईटी मुम्बई के स्टार्ट-अप द्रोण एविएशन द्वारा मिल कर बनाए गए एटीएल ड्रोन मॉड्यूल को बेंगलुरू में चल रहे ऐयरो इंडिया 2019 में पहली बार प्रदर्शित किया गया। एटीएल ड्रोन माड्यूल का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डाआरडीओ) के अध्यक्ष जी सतिश रेड्डी और रक्षा उत्पादन विभाग के संयुक्त सचिव संजय जाजू ने मिलकर अनावरण किया। इस अवसर पर द्रोण एविएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अपूर्व गोडबोले और अटल नवाचार मिशन के कई प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं के साथ ही बड़ों के लिए भी उड़ान भरना हमेशा से ही काफी रोमांचक रहा है। अटल ड्रोन माड्यूल से देश के युवा छात्र खुद से ड्रोन बनाने की कला सीख सकेंगे और इसके जरिए सामुदायिक स्तर पर कई समस्याओं का हल ढूंढ सकेंगे।

मिशन के निदेशक आर. रमनन ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति के युग में ड्रोन, भौतिकी, गणित, रसायन शास्त्र और संवेदी प्रौद्योगिकी की अवधारणा को एक साथ जोड़ने की सबसे विकसित प्रौद्योगिकी है। इसके इस्तेमाल से समस्याओं के समाधान के कई नए तरीके विकसित किए जा सकते है।

द्रोण एविएशन देश में ड्रोन बनाने वाली पहली कंपनी है। यह ड्रोन बनाने के लिए नवाचार पर केंद्रित है। श्री गोडबोले ने कहा कि एटीएल ड्रोन माड्यूल सामुदायिक स्‍तर पर ऐसे प्रयोगकर्ताओं को तैयार करना चाहता है जो अपने नए विचारों के आधार पर ड्रोन के इस्‍तेमाल के विभिन्‍न तरीके इजाद कर सकेंगे। उन्‍होंने कहा कि एटीएल ड्रोन का यह मॉड्यूल पिछले तीन वर्षों के दौरान सैकड़ों छात्रों और अध्‍यापकों से जुटाए गए फीडबैक के आधार पर विकसित किया गया है। यह देश में ड्रोन क्रांति की चिंगारी पैदा करने वाला तिनका साबित होगा।    

एटीएल मॉड्यूल के माध्‍यम से छात्र अपनी रचनात्‍मक प्रतिभा और नवाचार को असीमित उड़ान दे पाएंगे। छात्र इस मॉड्यूल को अपने पाठ्यक्रम के भौतिकी और गणित जैसे विषयों से जोड़ पाएंगें और इस तरह स्‍थानीय समस्‍याओं को सुलझाने के अपने कौशल को और निखार सकेंगे।  

भारत में नवाचार और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग द्वारा तैयार किया गया अटल नवाचार मिशन, भारत सरकार की प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्‍य युवा पीढ़ी को डिजाइन तैयार करने, समस्‍याओं के समाधान के तरीके इजाद करने, परस्‍पर सहयोग तथा गहन सोच जैसे 21 वीं सदी के नए कौशल से सुसज्जित करना है। 

अटल नवाचार मिशन ने देश भर में 5000 से ज्‍यादा अटल टिंकरिंग लैब की पहचान की है जिनमें युवा नवाचार के लिए, माइक्रो इलेक्‍ट्रानिक्‍स, इंटरनेट, थ्री डी प्रिंटिग, रोबोटिक्‍स, ड्रोनटेक्‍नॉलजी और आर्टिफीशियल इंटे‍लीजेंस जैसी आधुनिकतम प्रौद्योगिकी का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इससे पहले युवाओं को तारों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करने के वास्‍ते ड्रोन का एक एटीएल स्‍पेस मॉड्यूल भी तैयार किया गया था। ड्रोन का नया मॉड्यूल उनकी कल्‍पनाशक्ति को ऊंची उड़ान भरने के लिए नए पंख देगा।

***



आर.के.मीणा/एएम/एमएस/सीएल-503
 


(रिलीज़ आईडी: 1565964) आगंतुक पटल : 174
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu