प्रविष्टि तिथि:
21 FEB 2019 4:05PM by PIB Delhi
इस्पात मंत्रालय ने सभी इस्पात निर्माताओं को चाहे वे लघु मध्यम उद्यम हो या बड़े उत्पादक, चाहे उनकी क्षमताएं विभिन्न हों या और इस्पात उत्पादन की विभिन्न विधियां अपनाते हों एक समान दर्जा दिया है। इस्पात मंत्रालय ने एकीकृत इस्पात उत्पादकों, प्राथमिक इस्पात उत्पादकों द्वितीयक इस्पात उत्पादकों के रूप में इस्पात उत्पादकों का वर्गीकरण करना रोक दिया है। इसके बजाय किसी स्टील उत्पाद को भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा एक बार प्रमाणित करने और अपेक्षित विनिर्देशों को पूरा करने के बाद उसके साथ मूल निवेश सामग्री और अपनाई गई प्रक्रिया के आधार पर कोई अंतर नहीं किया जाएगा। इस बारे में 53 गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी किए गए हैं जिनमें अनेक इस्पात उत्पादकों के लिए गुणवत्ता मानक शामिल किए गए हैं।
सरकारी इंजीनियरिंग विभाग विशेष रूप से सीपीडब्ल्यूडी, सैन्य इंजीनियरिंग सेवा और एनबीसीसी से उपरोक्त स्पष्टीकरण का पालन सुनिश्चित करने और अपनी निविदाओं में किसी भी प्रतिबंधात्मक प्रक्रिया से बचने के लिए कहा गया है।
***
आरकेमीणा/एएम/आईपीएस/सीएल-485