आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय

इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग व्यवस्था के लिए मॉडल बिल्डिंग बायलॉज 2016 तथा शहरी क्षेत्रीय विकास योजना निर्धारण और क्रियान्वयन दिशानिर्देश 2014 में संशोधन

2030 तक सड़कों पर 25 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक वाहन होंगे

आवास और शहरी कार्य मंत्रालय इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए ढांचागत सुविधा उपलब्ध करने में सहायता देगा

इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए ढांचागत सुविधा के दिशा-निर्देश और मानक जारी

प्रविष्टि तिथि: 15 FEB 2019 4:23PM by PIB Delhi

आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढांचागत सुविधा उपलब्धता में मदद देने के उद्देशय से इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए ढांचागत सुविधा की स्थापना के लिए मॉडल बिल्डिंग बायलॉज (एमबीबीएल) 2016 तथा शहरी क्षेत्रीय विकास योजना निर्धारण और क्रियान्वयन (यूआरडीपीएफआई) दिशा-निर्देश 2014 में संशोधन किया है। विद्युत मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग की ढांचागत सुविधा के लिए दिशा-निर्देश और मानक जारी किया है।

दिशा-निर्देश राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को अपने बिल्डिंग बायलॉज में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढांचागत सुविधा के तौर-तरीकों और मानकों को शामिल करने के लिए निर्देश दस्तावेज के रूप में काम करेंगे। इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की ढांचागत सुविधा पर दिशा-निर्देश राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रशासनों को वितरित किये गए हैं और उनसे अपने बिल्डिंग बायलॉज तथा मास्टर प्लान नियमों में संशोधन करने का अनुरोध किया गया है।

देश में नगर और शहर पर्यावरण प्रदूषण की समस्या का सामना कर रहे हैं। इससे शहरी निवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। भारत सतत विकास लक्ष्यों 13:  संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के प्रति संकल्पबद्ध है। सरकार ने जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता करम करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन कदमों में इलेक्ट्रिक वाहनो को प्रोत्साहित करना है। इलेक्ट्रिक वाहन पर्यावरण अनुकूल होते हैं। सरकार चाहती है कि 2030 तक सड़कों पर चलने वाले कुल वाहनों का 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन हों।

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आर.के.मीणा/अर्चना/एजी/सीएस

 


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