रेल मंत्रालय
जेपोर-मलकानगिरी नई लाइन परियोजना
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 130 किलोमीटर लंबी जेपोर-मलकानगिरी नई लाइन परियोजना को 2676.11 करोड़ रुपये की संपूर्ण लागत पर अनुमोदित कर दिया है
इस परियोजना के 2021-22 तक पूरा होने की संभावना है
मलकानगिरी और कोरापुट जिले भी देश के चिन्हित वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिलों में शामिल हैं
इसके परिणामस्वरूप ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कई अन्य स्थानों तक छोटी गमन दूरी सुनिश्चित होगी
यह विशाल सामाजिक-आर्थिक असर वाले क्षेत्र के औद्योगिक विकास सहित समग्र विकास के लिए आधारभूत संरचना प्रदान करती है
ससे विकास के जरिए वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करने में भी सहायता मिलेगी
इससे निर्माण के दौरान लगभग 31.2 लाख कार्य दिवसों का प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा
प्रविष्टि तिथि:
20 FEB 2018 1:09PM by National
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 130 किलोमीटर लंबी जेपोर-मलकानगिरी नई लाइन परियोजना को 2676.11 करोड़ की संपूर्ण लागत पर अनुमोदित कर दिया है और इस परियोजना के वर्ष 2021-22 तक पूरा होने की संभावना है। यह परियोजना ओडिशा राज्य के कोरापुट और मलकानगिरी जिलों को कवर करेगी।
मलकानगिरी और कोरापुट जिले भी देश के चिन्हित वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिलों में शामिल हैं। ये क्षेत्र 115 आकांक्षापूर्ण जिलों में भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 तक ‘न्यू इंडिया’ विजन को साकार करने में इन जिलों का विकास करने का आह्वान किया है।
प्रस्तावित नई लाइन मलकानगिरी, बोईपरिगुडा, तंजिनीगुडा, मैथिली, पौंडरीपनी रोड और अन्य प्रमुख शहरों को मौजूदा कोट्टावलासा-किरंदूललाइन पर जेपोर स्टेशन से जोड़ेगी। इसके अलावा, महत्वपूर्ण शहरों यथा कोरापुट, जेपोर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा तक कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इसके परिणामस्वरूप ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कई अन्य स्थानों तक छोटी गमन दूरी सुनिश्चित होगी।
वर्तमान में मलकानगिरी का रेलवे के साथ कोई संपर्क नहीं है। नई लाइन विशाल सामाजिक-आर्थिक असर वाले क्षेत्र के औद्योगिक विकास सहित समग्र विकास के लिए आधारभूत संरचना प्रदान करेगी। यह परियोजना इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और इससे इन क्षेत्रों के लोगों को आर्थिक अवसर प्रदान करने में सहायता मिलेगी। इससे विकास के जरिए वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करने में भी सहायता मिलेगी।
इसके अलावा, इस परियोजना से निर्माण के दौरान लगभग 31.2 लाख कार्य दिवसों का प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।
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वीके/एएम/एस/एम– 6726
(रिलीज़ आईडी: 1521105)
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