शिक्षा मंत्रालय
'विशेष अभियान 6' देशव्यापी ई-कचरा जागरूकता और संग्रह अभियान के साथ संपन्न
2.85 लाख स्कूलों के 2 करोड़ से अधिक छात्रों और शिक्षकों ने 58.79 लाख ई-कचरा वस्तुओं को इकट्ठा करने में अहम भूमिका निभाई
41,181 फाइलों की समीक्षा की गई और 31,010 अनावश्यक फाइलों को हटाया गया; 1,84,828 वर्ग फुट कार्यालय स्थान बना
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने स्कूलों में कई तरह की गतिविधियां आयोजित कीं
प्रविष्टि तिथि:
06 NOV 2026 12:43PM by PIB Delhi
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) ने 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक 'विशेष अभियान 6' चलाया। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता, स्वच्छता और ई-कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना था। इस अभियान के तहत स्कूलों, छात्रों, शिक्षकों और समुदाय को 'मिशन एलआईएफई' के अंतर्गत 'इको क्लब' के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल आदतों को बढ़ावा देने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।
सरकारी कामकाज में लंबित कार्यों को कम करना और दक्षता बढ़ाना
शिक्षा विभाग और इसके स्वायत्त निकायों ने सरकारी कामकाज में लंबित कार्यों को कम करने, विभिन्न श्रेणियों की फाइलों की समीक्षा करने, अनावश्यक फाइलों को हटाने और रिकॉर्ड प्रबंधन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। इन प्रयासों के तहत 41,181 फाइलों की समीक्षा की गई और 31,010 अनावश्यक फाइलों को हटा दिया गया। इस अभियान के परिणामस्वरूप 1,84,828 वर्ग फुट कार्यालय स्थान बना और कबाड़ के निपटान से 67.27 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। विभाग के अंतर्गत आने वाले स्कूलों और कार्यालयों में सात लाख से अधिक स्वच्छता अभियान चलाए गए। 'विशेष अभियान 6' के तैयारी और कार्यान्वयन चरण (16 सितंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक) के दौरान, देश भर के 2.85 लाख स्कूलों के 2.02 करोड़ छात्रों और शिक्षकों ने 58.79 लाख ई-कचरा वस्तुएं एकत्र कीं।

28 अक्टूबर, 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम
'विशेष अभियान 6' के हिस्से के रूप में, 28 अक्टूबर, 2026 को विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वायत्त निकायों के स्कूलों ने ई-कचरा प्रबंधन के एक बड़े अभियान में भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य ई-कचरे को कम करना, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का जहां संभव हो वहां पुन: उपयोग एवं नवीनीकरण करना, और यह सुनिश्चित करना था कि बेकार हो चुकी वस्तुओं को अधिकृत रीसाइकलर्स और रिफर्बिशर्स को सौंप दिया जाए। लगभग 1.89 लाख स्कूलों ने सुबह की प्रार्थना सभा में ई-कचरे पर एक क्विज़ का आयोजन किया।

छात्रों ने नई दिल्ली में 'वेस्ट टू वंडर' (कचरे से अद्भुत वस्तुएं) प्रदर्शनी के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन भी किया। इसमें बेकार हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और उनके पुर्जों का उपयोग करके रचनात्मक और उपयोगी वस्तुएं बनाई गई थीं। शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने उसी दिन (28 अक्टूबर, 2026) इस प्रदर्शनी का दौरा किया।


नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में, अभियान के दौरान एकत्र किए गए ई-कचरे को निपटान और प्रसंस्करण के लिए सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) से प्रमाणित रीसाइकलर को सौंप दिया गया। इस कार्य को प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) के सचिव श्री टी. के. अनिल कुमार ने किया।

कर्तव्य भवन 2 में ई-कचरा बिन और म्यूरल (भित्ति चित्र) की स्थापना
14 अक्टूबर, 2026 को 'अंतर्राष्ट्रीय ई-कचरा दिवस' के अवसर पर, डीओएसईएल ने कर्तव्य भवन 2 में ई-कचरे से बना एक म्यूरल और ई-कचरा बिन स्थापित किए। यह म्यूरल स्कूली छात्रों द्वारा एकत्र किए गए 60 किलोग्राम ई-कचरे से तैयार किया गया था।

स्कूली शिक्षा के माध्यम से पर्यावरणीय जिम्मेदारी को मजबूत करना
'विशेष अभियान 6' ने बच्चों और युवाओं के बीच पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने में स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत किया। 'विशेष अभियान 6' के तैयारी चरण के दौरान, देश भर के स्कूलों में ई-कचरे के बारे में जागरूकता लाने के लिए 6.29 लाख से अधिक कार्यशालाएं आयोजित की गईं। ई-कचरा संग्रहण अभियानों, जागरूकता गतिविधियों, रचनात्मक प्रदर्शनियों और स्वच्छता अभियानों के माध्यम से छात्रों को पर्यावरणीय जागरूकता को सार्थक कार्यों में बदलने के अवसर प्रदान किए गए।

विभाग की ओर से 'मिशन लाइफ' के तहत स्कूलों और समुदायों में 'इको क्लब' के माध्यम से देशव्यापी गतिविधियां आयोजित की गईं। इनका उद्देश्य टिकाऊ जीवनशैली, कचरे का जिम्मेदार प्रबंधन, तथा सीखने के लिए अधिक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देना था।
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/एके
(रिलीज़ आईडी: 2333572)
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