श्रम और रोजगार मंत्रालय
श्रम संवाद: मध्य प्रदेश के उज्जैन में श्रम संहिताओं पर क्षेत्रीय स्तर का क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
प्रविष्टि तिथि:
06 NOV 2026 12:12PM by PIB Delhi
श्रम संहिताओं, श्रमिक कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा के संबंध में जिला स्तरीय क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम ‘श्रम संवाद’ का आयोजन 4 नवंबर, 2026 को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा में किया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा मध्य प्रदेश सरकार के श्रम विभाग द्वारा मेसर्स ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सहयोग से किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य श्रम संहिताओं एवं उनके अंतर्गत बनाए गए नियमों के संबंध में नियोक्ताओं, मानव संसाधन (एचआर), विधि एवं वित्त क्षेत्र के पेशेवरों के बीच जागरूकता बढ़ाना था। इसके साथ ही श्रम सुधारों, श्रमिक कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता और संस्थागत क्षमता को मजबूत करना तथा केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच समन्वय और संबंधित हितधारकों की भागीदारी को बढ़ावा देना भी इसका उद्देश्य था। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के निदेशक श्री एस.आर. दत्ता ने की। वहीं, मेसर्स ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, नागदा के उपाध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर एस.के. सिंह (सेवानिवृत्त) ने सह-अध्यक्षता की। कार्यक्रम में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार के श्रम विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी), मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) [सीएलसी (सी)] तथा श्रम कल्याण महानिदेशालय (डीजीएलडब्ल्यू) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा नियोक्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों तथा विधि, मानव संसाधन और वित्त क्षेत्र के 150 से अधिक भागीदार भी शामिल हुए।

कार्यक्रम में कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य प्रतिभागियों को श्रम संहिताओं, नियोक्ताओं के दायित्वों तथा भारत सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।
इन सत्रों में वैधानिक दायित्वों और अनुपालन संबंधी जिम्मेदारियों के बारे में व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे प्रतिभागियों को श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और श्रम कल्याण महानिदेशालय (डीजीएलडब्ल्यू) के प्रतिनिधियों ने क्रमशः प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम) पर सत्र आयोजित किए।

श्रम संहिताओं एवं नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में नियोक्ताओं और अनुपालन संबंधी कार्य करने वाले पेशेवरों की सहायता के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा तैयार की गई ‘नियोक्ताओं के लिए अनुपालन पुस्तिका’ तथा ‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का संकलन’ भी प्रतिभागियों के साथ साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए तथा श्रम संहिताओं, अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी हासिल की।
केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर इस कार्यक्रम ने श्रम संहिताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने, उनकी बेहतर समझ विकसित करने और विभिन्न हितधारकों के बीच सहभागिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इससे श्रम संहिताओं को प्रभावी ढंग से अपनाने और लागू करने के प्रयासों को भी बल मिला।
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पीके/केसी/आरटी/एसकेएस/ओपी
(रिलीज़ आईडी: 2333494)
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