खान मंत्रालय
खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन के पहले दिन कई प्रमुख पहल, महत्वपूर्ण विचार-विमर्शों और केंद्र-राज्य समन्वय को मिला नया बढ़ावा
प्रविष्टि तिथि:
05 NOV 2026 9:29PM by PIB Delhi
गोवा में खान मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन के पहले दिन गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे, खान मंत्रालय के सचिव श्री केशव चंद्र, कोयला मंत्रालय के सचिव, विभिन्न राज्यों के खनन मंत्री तथा खान एवं कोयला मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इस दिन तीन महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई, जिनका उद्देश्य खनिज अन्वेषण को सुदृढ़ करना, पारदर्शिता बढ़ाना और प्रौद्योगिकी-आधारित खनिज गवर्नेंस को बढ़ावा देना है। महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की 9वीं किश्त शुरू की गई, जिसके तहत 8 राज्यों में 20 खनिज ब्लॉकों की पेशकश की गई है। इनमें दुर्लभ मृदा तत्व, ग्रेफाइट और वैनेडियम जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। इसके बाद अन्वेषण लाइसेंस नीलामी की तीसरी किश्त शुरू की गई, जिसमें 6 राज्यों के 11 अन्वेषण ब्लॉक शामिल हैं, जिससे देश की अप्रयुक्त खनिज क्षमता का मार्ग प्रशस्त होगा।

उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने डेटा-आधारित शासन और सुविचारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए भारतीय खान ब्यूरो (IBM) द्वारा विकसित दो डिजिटल पोर्टल—ANVESH और EKAM भी लॉन्च किए। 'अन्वेष' (ANVESH - Analytics and Navigation for Valuation, Evaluation and Strategic Headway in Mining) खनन से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़ों तक पहुंच और उनके विश्लेषण को सुगम बनाएगा, जिसमें खनिज उत्पादन, प्रेषण (डिस्पैच), बिक्री मात्रा, औसत बिक्री मूल्य तथा आयात-निर्यात शामिल हैं। ये पहल भारत की खनिज सुरक्षा को मजबूत करने और खनन इकोसिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने केंद्र और राज्यों के बीच प्रभावी समन्वय, अन्वेषण गतिविधियों को सुदृढ़ करने तथा खनन क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के महत्व पर प्रकाश डाला।

गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने गोवा के आर्थिक विकास में खनन क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया और सतत खनन पद्धतियों, जिम्मेदार संसाधन उपयोग तथा केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग पर बल दिया।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने विकसित भारत @2047 के विजन को साकार करने में खनन और कोयला क्षेत्रों के रणनीतिक महत्व पर बल दिया। उन्होंने घरेलू खनिज उत्पादन को मजबूत करने, अन्वेषण में तेजी लाने, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण, शोधन एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने, आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने तथा केंद्र-राज्य सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।
खान मंत्रालय के सचिव श्री केशव चंद्र ने खनन क्षेत्र के प्रभावी विकास के लिए राज्यों की सक्रिय भागीदारी और केंद्र सरकार के साथ घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चुनौतियों से निपटने, खनिज अन्वेषण में तेजी लाने और देश की खनिज क्षमता का दोहन करने की जरूरत बताई।
कोयला मंत्रालय के सचिव ने कोयला क्षेत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं तथा इस क्षेत्र को मजबूत करने और उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डाला।
खान मंत्रालय के अपर सचिव ने खनन क्षेत्र के प्रमुख घटनाक्रमों, पहल और प्राथमिकताओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें खनिज अन्वेषण, खनिज ब्लॉकों की नीलामी, महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज, घरेलू खनिज उत्पादन तथा केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित कार्रवाई से जुड़े मुद्दे शामिल थे। कोयला मंत्रालय के अपर सचिव ने भी प्रमुख मुद्दों, क्षेत्रीय चुनौतियों और कोयला क्षेत्र को सुदृढ़ करने की प्राथमिकता वाली पहल पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।
सम्मेलन में भाग लेने वाले राज्यों के खनन मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों के खनन क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों, मुद्दों और प्राथमिकताओं पर विस्तृत दृष्टिकोण साझा किए। उन्होंने राज्य-विशिष्ट चिंताओं, क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों तथा ऐसे क्षेत्रों पर प्रकाश डाला जिन पर केंद्र सरकार के ध्यान और सहयोग की आवश्यकता है। इन चर्चाओं ने राज्यों को अपने विचार रखने, अनुभव साझा करने, बाधाओं को दूर करने के उपायों पर विचार-विमर्श करने और खनन क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
पहले दिन का समापन सकारात्मक विचार-विमर्श, केंद्र-राज्य समन्वय को सुदृढ़ करने पर नए सिरे से जोर, राज्यों की चिंताओं के समाधान और भारत के खनन और कोयला क्षेत्रों के विकास को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। यह सम्मेलन 6 नवंबर 2026 को प्रमुख प्राथमिकताओं और आगे की राह पर अतिरिक्त चर्चाओं के साथ जारी रहेगा।
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पीके/केसी/आरटी/जेएस/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2333405)
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