सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत प्रश्नोत्तरी में 16,517 से अधिक नागरिकों ने भाग लिया


भागीदारी के लिए प्रश्नोत्तरी 25 नवंबर, 2026 तक खुली रहेगी

अभियान 35.70 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचा, जिसमें 14.26 करोड़ युवा और 11.24 करोड़ महिलाएं शामिल हैं।

शैक्षणिक संस्थानों में 33.28 लाख से अधिक गतिविधियाँ संचालित। 39.91 लाख लोगों का इलाज और पुनर्वास किया गया। देश भर में 755 से अधिक डीओएसजेई-समर्थित नशामुक्ति केंद्र काम कर रहे हैं

46.70 लाख से अधिक नशा मुक्ति प्रतिज्ञाएँ ली गईं। 2 लाख से अधिक नशा मुक्ति मित्र पंजीकृत

प्रविष्टि तिथि: 05 NOV 2026 7:55PM by PIB Delhi

ऑनलाइन 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत प्रश्नोत्तरी को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। इस प्रश्नोत्तरी में 5 नवंबर, 2026 तक 16,517 नागरिकों ने भाग लिया। नशा मुक्त भारत के निर्माण के सामूहिक प्रयास में बढ़ती भागीदारी विशेष रूप से युवाओं के बीच बढ़ती सार्वजनिक भागीदारी को दर्शाती है।

यह प्रश्नोत्तरी 26 अक्टूबर, 2026 को भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के तहत शुरू की गई थी। इस पहल का उद्देश्य मादक पदार्थों के उपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना और नागरिकों, विशेषकर युवाओं को नशा मुक्त भारत बनाने में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना है।

प्रश्नोत्तरी को  26 अक्टूबर से 25 नवंबर, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है और यह सभी नागरिकों के लिए खुला है। प्रतिभागी MY भारत पोर्टल के माध्यम से प्रश्नोत्तरी तक पहुंच सकते हैं।

भागीदारी लिंक:

https://myभारत.gov.in/quizzes/yuva/detail/Url9dlIwCinQVSf8lwPB9w/

15 अगस्त, 2020 को शुरू किए गए नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य निवारक शिक्षा, जागरूकता सृजन, उपचार, पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से मादक पदार्थों की मांग में कमी के प्रयासों को मजबूत करना है। शुरुआत में 272 संवेदनशील जिलों में शुरु किया गया। इस अभियान ने देश भर के सभी जिलों को तक अपनी पहुंच का विस्तार किया है।


 

यह अभियान 13.99 करोड़ युवाओं और 10.91 करोड़ महिलाओं सहित 35.09 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है, जो इसकी जागरूकता और लोगों की पहुंच की पहल के राष्ट्रव्यापी पैमाने को दर्शाता है।

इस अभियान के तहत, शैक्षणिक संस्थानों में 32.43 लाख से अधिक गतिविधियाँ आयोजित की गई हैं, जबकि देश भर में काम कर रहे 755 से अधिक सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग (DoSJE) समर्थित नशा मुक्ति केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से 39.91 लाख व्यक्तियों का इलाज और पुनर्वास किया गया है। नशा मुक्ति प्रतिज्ञाओं की कुल संख्या 45.07 लाख से अधिक हो गई है, जिसमें 2 लाख से अधिक नशा मुक्ति मित्र पंजीकृत हैं।

मेरा भारत प्रश्नोत्तरी QR

 

जैसे ही अभियान अपने सातवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, प्रश्नोत्तरी का उद्देश्य मादक पदार्थों के उपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में लोगों की समझ को गहरा करना, सूचित निर्णय लेने को बढ़ावा देना और युवाओं को जागरूकता और रोकथाम के सक्रिय राजदूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह पहल देश के विकास में स्वस्थ व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों के महत्व को पहचानते हुए नशा मुक्त भारत और विकसित भारत के दृष्टिकोण को पुष्ट करती है।

प्रश्नोत्तरी में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) शामिल हैं, जिनका उत्तर प्रतिभागियों को 10 मिनट के भीतर देना होता है। प्रश्नोत्तरी सफलतापूर्वक प्रस्तुत करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी के लिए एक भागीदारी प्रमाणपत्र तैयार किया जाता है।

नशा मुक्ति मित्र पंजीकरण क्यूआर कोड

प्रतिभागी पूरा होने पर सही उत्तर भी देख सकते हैं, जिससे उन्हें मादक पदार्थों के उपयोग की रोकथाम के बारे में अपनी समझ बढ़ाने में मदद मिलेगी।

एनएमबीए मोबाइल ऐप

इस डिजिटल पहल के माध्यम से, मंत्रालय का लक्ष्य सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना, जिम्मेदार विकल्पों को प्रोत्साहित करना और नागरिकों, विशेषकर युवाओं को मादक द्रव्यों के उपयोग के खिलाफ आंदोलन में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।

एनएमबीए ई-प्रतिज्ञा क्यूआर कोड

मंत्रालय सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं को 25 नवंबर, 2026 से पहले 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत प्रश्नोत्तरी में भाग लेने और नशा मुक्त भारत के सामूहिक दृष्टिकोण में सक्रिय योगदानकर्ता बनने के लिए प्रोत्साहित करता है।

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पीके/केसी/आरटी/एनकेएस /डीए


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