रक्षा मंत्रालय
नई दिल्ली में सेंटर फॉर ज्वाइंट वारफेयर स्टडीज एवं आईडीएस मुख्यालय द्वारा साइबर-सक्षम संज्ञानात्मक युद्ध पर आयोजित संगोष्ठी संपन्न
प्रविष्टि तिथि:
03 NOV 2026 6:10PM by PIB Delhi
एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय के तत्वावधान में सेंटर फॉर ज्वाइंट वारफेयर स्टडीज-सीईएनजेओडब्ल्यूएस द्वारा आयोजित साइबर-सक्षम संज्ञानात्मक युद्ध विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी आज नई दिल्ली में संपन्न हो गई। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने अपने विशेष संबोधन में परिचालन प्रभावशीलता और परिस्थितिजन्य जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी हितधारकों के बीच समन्वित और सामंजस्यपूर्ण कार्यप्रणाली के महत्व पर जोर दिया।
संगोष्ठी के दूसरे दिन साइबर-सक्षम संज्ञानात्मक क्षेत्र में प्रतिरोधक की उभरती रणनीतियों पर चर्चा हुई। इसमें विशेष रूप से जवाबी कार्रवाई के विकल्पों की विश्वसनीयता, प्रशिक्षण, अनुकरण-सिमुलेशन और क्षमता विकास के साथ ही डिजिटल शासन, नैतिक पहलुओं तथा उभरते खतरों से निपटने के लिए वैधानिक ढांचे पर बल दिया गया। विचार-विमर्श में साइबर क्षमताओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना हेरफेर और मनोवैज्ञानिक प्रभाव के परस्पर मेल तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष उनसे उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, संज्ञानात्मक क्षेत्र में शत्रुतापूर्ण गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए उनके स्रोत का पता लगाने, रणनीतिक संकेत देने, समन्वित जवाबी कार्रवाई और संस्थागत क्षमताओं के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
संगोष्ठी में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए समन्वित और बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता रेखांकित की गई। इस बात पर बल दिया गया कि साइबर-सक्षम संज्ञानात्मक खतरे केवल पारंपरिक तकनीकी खामियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनधारणाओं, निर्णय लेने की प्रक्रिया और संस्थागत विश्वास को भी प्रभावित करते हैं। विचार-विमर्श का उद्देश्य संयुक्त एवं विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी समझ मजबूत बनाना, रक्षा, सरकार, वैज्ञानिक और शैक्षणिक समुदायों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना तथा बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच प्रभावी क्षमता और जवाबी कार्रवाई की रूपरेखा विकसित करना था।
संगोष्ठी में पूर्व प्रमुख रक्षा अध्यक्ष और विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के निदेशक जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) ने विशेष संबोधन दिया। संगोष्ठी में सशस्त्र बलों, सरकार, शिक्षा जगत, प्रौद्योगिकी और मीडिया हितधारकों ने भाग लिया। इसमें संज्ञानात्मक क्षेत्र की उभरती चुनौतियों पर विचार-विमर्श तथा प्रतिरोधक क्षमता, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल और क्षमता निर्माण द्वारा राष्ट्रीय तैयारियों को सुदृढ़ बनाने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
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पीके/केसी/आरटी/एकेवी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2332208)
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