अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने भूटान में 108 स्तूपों की स्थापना समारोह में भाग लिया
प्रविष्टि तिथि:
01 NOV 2026 5:45PM by PIB Delhi
केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने 01 नवंबर 2026 को भूटान के 'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी' में 108 स्तूपों की स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया। इस समारोह में भूटान के महामहिम राजा भी उपस्थित थे। 108 स्तूपों के इस कार्यक्रम में श्री रिजिजू की उपस्थिति, भारत और भूटान के लोगों के बीच साझा आध्यात्मिक व सांस्कृतिक संबंधों और गहरी मित्रता को दर्शाती है।

108 स्तूपों की यह परियोजना भूटान के महामहिम राजा की परिकल्पना थी, जिन्होंने इसके क्रियान्वयन का मार्गदर्शन भी किया। असम की सीमा के पास 'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी' में, 'आई (माउ)' नदी के किनारे 11.7 किलोमीटर के दायरे में, हज़ारों स्वयंसेवकों ने एक ही दिन में 108 स्तूप खड़े कर दिए। इनमें से प्रत्येक स्तूप 15 मीटर ऊँचा है और हर एक के बीच 108 मीटर की दूरी है। इस परियोजना का उद्देश्य 'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी' को वज्रयान बौद्ध धर्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करना है और साथ ही इसके माध्यम से भूटानी लोगों के मूल्यों और संस्कृति को भी दर्शाना है।
भूटान के महामहिम राजा, भूटान के प्रधानमंत्री और श्री रिजिजू ने स्तूप संख्या 76 पर प्रार्थना की, जिसे भूटान के राजा द्वारा गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और अटूट समर्थन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया गया है। श्री रिजिजू ने इस परियोजना के हिस्से के रूप में एक स्तूप समर्पित करने की इस पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ओर से भूटान के महामहिम राजा के प्रति आभार व्यक्त किया।
31 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक अपनी भूटान यात्रा के दौरान, श्री रिजिजू ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक से मुलाकात की और भूटान के प्रधानमंत्री दाशो त्शेरिंग तोबगे से भी बातचीत की। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच की विशेष मित्रता और विकास सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, निवेश, कनेक्टिविटी तथा सांस्कृतिक संबंधों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के सकारात्मक रुझान की सराहना की। श्री रिजिजू ने 'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी' जैसी दूरदर्शी परियोजना के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह परियोजना भूटान के साथ-साथ भारत के पड़ोसी क्षेत्रों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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पीके/केसी/आरटी/एसके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2331263)
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