सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
व्यावसायिक जोखिमों से गरिमापूर्ण कार्य की ओर
नमस्ते योजना किस तरह स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और संरक्षा को बेहतर बना रहा है
प्रविष्टि तिथि:
30 OCT 2026 7:46PM by PIB Delhi
रमेश कुमार(बदला हुआ नाम) के लिए, नमस्ते योजना के तहत प्रदान की गई सहायता केवल उपकरणों और प्रशिक्षण की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता कर्मियों को पहचान, व्यावसायिक सुरक्षा और सामाजिक गरिमा दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और अधिक सुरक्षित कार्य परिस्थितियों ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया है तथा उन्हें अपने परिवार के लिए अधिक सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ने में मदद की है।
37 वर्षीय रमेश कुमार, जो अनुसूचित जाति समुदाय से हैं और सेप्टिक टैंकों से मल कीचड़ निकालने के कार्य में सहायक के रूप में कार्यरत हैं, ने स्वच्छता संबंधी कार्यों से जुड़ी व्यावसायिक चुनौतियों का सामना किया है।
खतरनाक कामकाजी परिस्थितियों का लगातार सामना करना, सुरक्षा उपकरणों की कमी और कल्याणकारी सुविधाओं तक सीमित पहुंच ने उनके पेशे को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया था। काम से जुड़े इन खतरों के अलावा, उन्हें सामाजिक कलंक, कम वेतन और आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा, जबकि उन पर अपने वृद्ध माता-पिता सहित परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी थी।
इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, उनकी आकांक्षा थी कि वे सम्मानपूर्वक अपना कार्य जारी रखें, अपने और अपने परिवार के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करें तथा उनके जीवन स्तर में सुधार लाएं। हालांकि, उचित सुरक्षा उपकरणों का अभाव, कार्यस्थल पर सुरक्षा संबंधी उपायों के प्रति सीमित जागरूकता और अपर्याप्त स्वास्थ्य सहायता उनके मार्ग में प्रमुख बाधाएं बनी हुई थीं।
वर्ष 2025–26 के दौरान नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम(नमस्ते) योजना के माध्यम से उनके जीवन में एक सार्थक बदलाव आया। यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक पहल है। इस योजना के तहत रमेश को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण(पीपीई) किट, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड तथा कौशल एवं सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त हुआ।

प्रदान किए गए पीपीई किट ने उन्हें स्वच्छता संबंधी कार्यों को अधिक सुरक्षित तरीके से करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए। कौशल एवं सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण से व्यावसायिक खतरों और उचित सुरक्षा उपायों के प्रति उनकी जागरूकता बढ़ी, जिससे उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक आत्मविश्वास के साथ करने में मदद मिली। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड ने स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच को भी मजबूत किया और उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान की।
इन पहलों से उनकी कार्य परिस्थितियों और जीवन के प्रति उनके दृष्टिकोण में एक सकारात्मक बदलाव लाया है। सुरक्षा संबंधी जागरूकता में वृद्धि और सुरक्षा उपकरणों तक पहुंच सुनिश्चित होने से अब वे अपना कार्य अधिक सुरक्षित और कुशलतापूर्वक कर पा रहे हैं। कार्य करने के सुरक्षित और अधिक कुशल तरीकों से उनकी आय में भी कुछ हद तक वृद्धि हुई है।
नमस्ते जैसी पहलों के माध्यम से, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एक अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और गरिमापूर्ण स्वच्छता व्यवस्था के अपने विजन को लगातार आगे बढ़ा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि स्वच्छता कर्मियों को वह सुरक्षा, स्वास्थ्य सहायता और सम्मान मिले जिसके वे हकदार हैं।
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पीके/केसी/आरटी/पीकेपी
(रिलीज़ आईडी: 2330671)
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