पर्यटन मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

भारतीय पाक कला संस्थान ने बीबीए और एमबीए पाठ्यक्रमों की मान्यता के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये


जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय समझौता के बाद भारतीय पाक कला संस्थान में बीबीए और एमबीए पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करेगा

इस सहयोग से भारत और विदेशों में विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

प्रविष्टि तिथि: 28 OCT 2026 5:43PM by PIB Delhi

पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय पाक कला संस्थान ने आज नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित और भारतीय पाक कला संस्थान के निदेशक ज्ञान भूषण ने अपने-अपने संस्थानों की ओर से हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार उपस्थित थे। पर्यटन मंत्रालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और भारतीय पाक कला संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/oct/image001_20261028174445_8e9e08.jpg

समझौते के अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, भारतीय पाक कला संस्थान के बीबीए (पाक कला और खाद्य व्यवसाय) तथा एमबीए (पाक कला प्रबंधन) पाठ्यक्रमों को मान्यता देगा। इससे इन पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की डिग्री मिल सकेगी।

भारतीय पाक कला संस्थान के इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य होटल, आतिथ्य और उनसे जुड़े उद्योगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए कुशल शेफ और आतिथ्य क्षेत्र के पेशेवर तैयार करना है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आवश्यक कौशल, ज्ञान और व्यावसायिक दक्षता प्रदान की जाती है। साथ ही, ऐसे पाक कला विशेषज्ञ तैयार करने पर भी बल दिया जाता है, जो होटलों और रेस्तरां की विशिष्ट पहचान और सेवाओं को बेहतर बनाने में योगदान दे सकें।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/oct/image002_20261028174503_020889.jpg 

अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होने वाली इस मान्यता से विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इससे उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी और भारत तथा विदेशों में रोजगार और नियुक्ति की संभावनाएं बेहतर होंगी। साथ ही यह सहयोग भारत के आतिथ्य क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी योगदान देगा।

***

पीके/केसी/आरटी/एसके


(रिलीज़ आईडी: 2329707) आगंतुक पटल : 58
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Tamil