वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
एनआईसीडीसी ने बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड की शुरुआत के साथ बिहार में औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाया
आईएमसी गया में लगभग 300 एकड़ ज़मीन के लिए 12 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
बिहार बिज़नेस कनेक्ट 2027 के शुरुआती कार्यक्रम में लगभग 250 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें जापान, थाईलैंड और लाओस के राजदूत तथा दूतावासों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल
प्रविष्टि तिथि:
24 OCT 2026 8:07PM by PIB Delhi
नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआईसीडीसी) ने बिहार में औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बोधगया में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) की औपचारिक शुरुआत की। इस कार्यक्रम में बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के शुरूआती कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया गया, जिसमें राज्य की औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को दर्शाया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आईएमसी गया में लगभग 300 एकड़ औद्योगिक भूमि के लिए संभावित निवेशकों के साथ 12 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करना रहा। इन समझौतों के तहत लगभग 4,200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे 16,095 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रस्तावित निवेश खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल पुर्जे, औषधीय उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य विनिर्माण गतिविधियों जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं।
इससे पहले, बिहार सरकार ने आईएमसी गया में विभिन्न क्षेत्रों के संभावित निवेशकों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें लगभग 2,586 एकड़ भूमि शामिल थी, जिसके लिए कुल 31,750 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया था और इससे 52,050 रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
इस कार्यक्रम में लगभग 250 प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें जापान, थाईलैंड और लाओस के दूतावासों के राजदूत और वरिष्ठ प्रतिनिधि, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआईसीडीसी) के प्रतिनिधि, उद्योग संघों के सदस्य और संभावित निवेशक शामिल थे। इसके अलावा, 55 देशों से बिहार फाउंडेशन चैप्टर के प्रतिनिधियों ने भी वर्चुअल माध्यम से इसमें हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने बीआईएमसीजीएल के लोगो का अनावरण किया और इसकी आधिकारिक वेबसाइट तथा एकीकृत भूमि आवंटन पोर्टल को लॉन्च किया। इसका मकसद निवेशकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना, पारदर्शिता लाना और औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।
सभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने बेहतर बुनियादी ढांचे और निवेशकों के अनुकूल पहलों के माध्यम से औद्योगिक विकास में तेजी लाने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने गया में आईएमसी की योजना और विकास में एनआईसीडीसी की भूमिका का विशेष उल्लेख किया।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने बिहार में औद्योगीकरण को मजबूत करने के लिए सरकार के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खास तौर पर विनिर्माण, एमएसएमई और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग मिलेगा।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम कुमार और उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को समर्थन देने और निवेश को सुविधाजनक बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।
बीआईएमसीजीएल एक स्पेशल पर्पस व्हीकल है, जो गया में आईएमसी को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। इसे नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनआईसीडीपी) के तहत अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (एकेआईसी) के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है। गया जिले के डोभी ब्लॉक में 1,670 एकड़ में फैले इस परियोजना को भारत सरकार ने 28 अगस्त 2024 को मंजूरी दी थी। जमीन की लागत सहित इसकी कुल लागत 1,339 करोड़ रुपये है। इससे लगभग 16,500 करोड़ रुपये का निवेश आने और करीब 1.10 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
6 जनवरी 2025 को गठित, बीआईएमसीजीएल, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बीआईएडीए) और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) के बीच एक संयुक्त उद्यम है, जिसमें दोनों की बराबर हिस्सेदारी है। एक समर्पित कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में, बीआईएमसीजीएल समन्वित योजना, बुनियादी ढांचे के विकास, वैधानिक मंजूरियों, यूटिलिटी कनेक्टिविटी और निवेशकों को सुविधा प्रदान करने के माध्यम से परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाएगा। यह संस्थागत ढांचा त्वरित निर्णय लेने, प्रभावी निगरानी और कार्यान्वयन से जुड़ी समस्याओं के समय पर समाधान में मदद करेगा।
आईएमसी गया में बुनियादी ढांचे के विकास का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार ने परियोजना की पूरी जमीन अपने कब्जे में ले ली है। 415 एकड़ जमीन के हस्तांतरण के बदले, भारत सरकार ने सितंबर 2025 में ₹132 करोड़ की इक्विटी की पहली किस्त जारी की। परियोजना प्रबंधन एवं निर्माण पर्यवेक्षण सलाहकार और मुख्य बुनियादी ढांचा कार्यों के लिए ईपीसी ठेकेदार को पहले ही नियुक्त किया जा चुका है। भौतिक निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
आईएमसी गया में एक विशेष हेलीपैड का निर्माण भी काफी आगे बढ़ चुका है। इससे निवेशकों, व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडलों और वरिष्ठ अधिकारियों की पहुंच आसान होगी, जिससे परियोजना की निगरानी और निवेश को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में सुविधा होगी।
इस औद्योगिक क्लस्टर को एकीकृत बुनियादी ढांचे के साथ विकसित किया जा रहा है, जिसमें आंतरिक सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट जल उपचार सुविधाएं, बिजली वितरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा प्रणालियां शामिल हैं। एनएच-22 और एनएच-19 के पास इसकी रणनीतिक स्थिति और गया हवाई अड्डे से लगभग 39 किलोमीटर की दूरी, इसे प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों से जोड़ती है। लॉन्च के दौरान, इन सब की योजना बनाने में एनआईसीडीसी की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया। इसमें औद्योगिक जल की आवश्यकताओं का आकलन करना और टिकाऊ औद्योगिक कार्यों के लिए पर्याप्त जल भंडारण सुविधाओं के माध्यम से साल भर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है।
आईएमसी गया मुख्य रूप से कृषि-आधारित उद्योगों, कपड़ा और रेडीमेड कपड़ों, फर्नीचर, हस्तशिल्प और हथकरघा, तथा इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यहां तैयार किया जा रहा बुनियादी ढांचा बड़े निर्माताओं और एमएसएमई को सहयोग देगा, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देगा और पूरे क्षेत्र में औद्योगिक मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा।
बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 प्रारंभिक कार्यक्रम ने बिहार की निवेश क्षमता को प्रदर्शित करने और संभावित निवेशकों, उद्योग संघों तथा अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान किया है। बीआईएमसीजीएल की शुरुआत, आधुनिक और निवेश के लिए तैयार औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास में भारत सरकार और बिहार सरकार के बीच की साझेदारी को और मजबूत करती है।
एक समर्पित संस्थागत ढांचे, निरंतर बुनियादी ढांचे के विकास और निवेशकों के साथ लगातार जुड़ाव के ज़रिए, बीआईएमसीजीएल पूर्वी भारत में एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में आईएमसी गया के विकास को गति देने के लिए तैयार है। यह बिहार के औद्योगिक परिवर्तन के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण में भी योगदान देगा।
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पीके/केसी/आरटी/एनएस/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2328091)
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