कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
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सशस्त्र बल मुख्यालय संघ ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में समय पर पदोन्नति दिए जाने की सराहना की; डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ कर्मचारियों के मुद्दों पर चर्चा की


संघ ने अल्प सूचना अनुरोध के बावजूद अपनी समस्याएं रखने का अवसर देने के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संघ द्वारा उठाए गए मुद्दों को सुना और उचित प्रशासनिक माध्यमों से उनके समाधान का आश्वासन दिया

प्रविष्टि तिथि: 21 OCT 2026 3:38PM by PIB Delhi

सशस्त्र बल मुख्यालय संघ – एएफएचक्‍यू के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा समय पर पदोन्नति दिए जाने की सराहना की है। प्रतिनिधिमंडल ने समय-समय पर कर्मचारी संघों की सेवा संबंधी समस्याएं और चिंताएं प्रस्तुत करने के अवसर देने का भी आभार जताया।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय स्वतंत्र प्रभार और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक में अपना आभार व्यक्त किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने संघ द्वारा उठाए गए मुद्दों को सुना और उचित प्रशासनिक माध्यमों से उनकी जांच और समाधान का आश्‍वासन दिया।

भारतीय मजदूर संघ एवं जीईएनसी से संबद्ध सशस्त्र बल मुख्यालय संघ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) पवन कुमार ने किया। प्रतिनिधिमंडल में सशस्त्र बल मुख्यालय संघ के महासचिव पंकज यादव भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने सशस्त्र बल मुख्यालय में कार्यरत कर्मचारियों से संबंधित मुद्दे उठाए। इनमें विशेष रूप से अनुभाग अधिकारी संवर्ग, पदोन्नति के अवसरों तथा दिवंगत कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दिए जाने से जुड़े विषय शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्ष 2018 से 2024 के दौरान अनुभाग अधिकारी संवर्ग के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा दिखाई गई रिक्तियों की अपेक्षा बहुत कम उम्मीदवारों ने कार्यभार ग्रहण किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उचित विचार-विमर्श के बाद इस समस्या के समाधान का सुझाव दिया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने संबंधित अधिकारियों के परामर्श से मौजूदा भर्ती कोटे को तर्कसंगत बनाने की व्यवहार्यता जांच करने को कहा। उन्होंने इस दौरान भर्ती के वास्तविक रुझानों और बड़ी संख्या में रिक्त पद खाली रह जाने की स्थिति को ध्यान में रखने को कहा। उन्‍होंने उपयुक्त व्यवस्था के कोई निष्कर्ष निकालने से पहले मामले की आगे जांच करने को कहा।

प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दिए जाने संबंधी चिंताएं भी उठाईं। इनमें मामलों पर विचार करने में होने वाली देरी, मौजूदा 5 प्रतिशत कोटा और पात्रता के आकलन के लिए अपनाए जाने वाले मानदंड शामिल रहे। चर्चा में नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को होने वाली कठिनाइयों तथा लागू प्रतिबंधों के प्रभावों पर भी विचार किया गया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने निर्धारित पात्रता शर्तों और मूल्यांकन मानदंडों पर विचार करने की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी प्रस्तावित बदलाव के प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

बैठक में सशस्त्र बल मुख्यालय संघ द्वारा उठाए गए मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के माध्यम से जांच करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इनमें विशेष रूप से पदोन्नति के अवसरों को प्रभावित करने वाली भर्ती व्यवस्था और अनुकंपा नियुक्ति संबंधी प्रावधानों के कार्यान्वयन से जुड़े विषय शामिल रहे। बैठक में भर्ती कोटे में बदलाव या अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में संशोधन संबंधी कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया।

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केपी/केसी/आरटी/एकेवी/एसके


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