कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
धर्मशाला में ई-गवर्नेंस सुधारों पर राष्ट्रीय सम्मेलन 16-17 अक्टूबर 2026 को होगा
सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश की सर्वोत्तम प्रथाओं और देश भर से पुरस्कार विजेता ई-गवर्नेंस पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा
प्रविष्टि तिथि:
15 OCT 2026 2:48PM by PIB Delhi
केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय में प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार के सहयोग से धर्मशाला में 16-17 अक्टूबर 2026 को ई-गवर्नेंस सुधारों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस सम्मेलन में देश भर से वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और विशेषज्ञ ई-गवर्नेंस सुधारों, डिजिटल बदलाव, नवाचार और प्रभावी शासन पद्धतियों को अपनाने पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित होंगे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इस दृष्टिकोण से प्रेरित होकर कि शासन सुधार देश के हर कोने तक पहुंचें, डीएआरपीजी ने इन राष्ट्रीय सम्मेलनों को नई दिल्ली से बाहर भी आयोजित किया है। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में, इन सम्मेलनों का आयोजन देश के कोने-कोने में किया गया है, जिसमें विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है और राज्यों एवं नागरिकों को शासन सुधारों से अवगत कराया गया है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खु, डीएआरपीजी सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा और हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव श्री कमलेश कुमार पंत के संबोधन शामिल होंगे।
इस सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों से सम्मानित सफल पहलों पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। चर्चाओं में सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार, प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने और शासन को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने में डिजिटल प्रौद्योगिकियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका पर प्रकाश डाला जाएगा।
सम्मेलन के पहले दिन हिमाचल प्रदेश की सर्वोत्तम प्रथाओं पर एक समर्पित सत्र होगा, जिसमें हिम परिवार, सुख आश्रय, विद्या समीक्षा केंद्र, हरित हिमाचल और राजीव गांधी वन संवर्धन योजना जैसी पहलें शामिल होंगी।
इस सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर की ई-गवर्नेंस पहलों को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिनमें एग्रीस्टैक, ई-जागृति, ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा में एआई-सक्षम नैदानिक निर्णय सहायता प्रणाली, बहु-खतरा प्रारंभिक चेतावनी निर्णय सहायता प्रणाली और आईजीओटी कर्मयोगी शामिल हैं। प्रस्तुतियों में स्वास्थ्य सेवा, न्यायिक प्रशासन, डिजिटल यात्रा सेवाओं और राज्य, जिला तथा जमीनी स्तर पर सार्वजनिक सेवा वितरण से संबंधित पहलों को भी शामिल किया जाएगा।
दूसरे दिन के सत्रों में साइबर सुरक्षा, ई-गवर्नेंस की सर्वोत्तम पद्धतियां, सफल पहलों का अनुकरण, डेटा विश्लेषण और नागरिक-केंद्रित डिजिटल समाधानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रस्तुतियों में साइबर सुरक्षा ढांचे, डिजिटल बैंकिंग, पशु रोग प्रबंधन, रक्त थैली की ट्रेसबिलिटी, शिक्षा, शहरी शासन और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) से संबंधित पहलों को शामिल किया जाएगा।
यह सम्मेलन इसमें भाग लेने वाले राज्यों, जिलों और सरकारी संगठनों को अनुभव साझा करने, विचारों का आदान-प्रदान करने और सफल पहलों को दोहराने के अवसरों का पता लगाने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इससे उत्तरदायी, पारदर्शी, कुशल और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन की दिशा में सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करने में योगदान मिलेगा।
समापन सत्र के साथ यह सम्मेलन संपन्न होगा जिसमें हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और डीएआरपीजी की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा द्वारा भाषण दिए जाएंगे।
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पीके/केसी/आरटी/एके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2323849)
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