रक्षा मंत्रालय
भारतीय नौसेना ने संयुक्त टास्क फोर्स 154 के पहले कमान को पूरा किया
प्रविष्टि तिथि:
14 OCT 2026 8:41PM by PIB Delhi
भारतीय नौसेना ने 14 अक्टूबर 2026 को बहरीन, मनामा में आयोजित एक समारोह में संयुक्त टास्क फोर्स 154 (सीटीएफ 154) के कमान को सौंपने के साथ ही संयुक्त समुद्री बलों (सीएमएफ) के टास्क फोर्स के अपने पहले कमान को सफलतापूर्वक पूरा किया। आठ महीने की यह अवधि भारत के बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सहयोगी समुद्री सुरक्षा में बढ़ते योगदान का एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुई।
समारोह में वाईस एडमिरल कर्ट ए रेनशॉ, कमांडर कॉम्बाइंड मरीटाइम फोर्सेज; महामहिम डॉ. प्रदीप सिंह राजपुरोहित, बहरीन साम्राज्य में भारत के राजदूत; कमोडोर खालिद जसीम अलथावादी, नेवल सेक्टर कमांडर, रॉयल बहरीन नेवल फोर्स; कमोडोर डैन थोमस, डिप्टी कमांडर कॉम्बाइंड मरीटाइम फोर्सेज; और सीएमएफ मुख्यालय व साझेदार राष्ट्रों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। वाईस एडमिरल मनीष चड्ढा, महानिदेशक नौसेना संचालन, भारतीय नौसेना, वीडियो टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। समारोह के दौरान, कमोडोर मिलिंद एम मोकाशी ने औपचारिक रूप से सीटीएफ 154 की कमान सौंप दी और जिम्मेदारियाँ कमांडर मेलिसा डिज़जार्डिन्स, डिप्टी कमांडर सीटीएफ 154 को सौंप दीं, जिन्होंने सीएमएफ मुख्यालय की ओर से कमान ग्रहण की।
सीटीएफ 154 की स्थापना मई 2023 में हुई थी और यह सीएमएफ की समर्पित बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण टास्क फोर्स है, जिसका उद्देश्य साझेदार देशों के बीच पेशेवर क्षमताओं, अंतर्संचालन और क्षमता विकास को बढ़ाना है। भारतीय नौसेना ने 11 फरवरी 2026 को सीटीएफ 154 की कमान संभाली, और यह सीएमएफ टास्क फोर्स का नेतृत्व करने वाली पहली भारतीय नौसेना की टुकड़ी बन गई। (https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2226776)
अपने कार्यकाल के दौरान, भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाली सीटीएफ 154 ने 20 स्टाफ उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम, दो बड़े बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण अभ्यास और समुद्री लूट और सशस्त्र डकैती पर प्रथम विषय विशेषज्ञ आदान-प्रदान (एसपीएआर 2026) आयोजित किए। इन पहलों ने मिलकर 7,800 से अधिक प्रशिक्षण घंटे बनाए, जिसमें 39 देशों के कर्मियों ने सीटीएफ 154 की गतिविधियों में हिस्सा लिया। केवल स्टाफ उन्नयन प्रशिक्षण और एसपीएआर कार्यक्रमों में ही 1,100 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति थी, जो कमान के प्रशिक्षण पहलों के पैमाने और पहुंच को प्रतिबिंबित करता है।
एक खास बात ऑपरेशन कंपास रोज़ 26-1 थी, जिसे 20 से 22 अप्रैल 2026 तक संचालित किया गया। मौजूदा क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल को देखते हुए इसे पूरी तरह से वर्चुअल फ़ॉर्मेट में अनुकूलित किया गया था। इस अभ्यास में 25 साझेदार देशों और 13 संगठनों के 137 प्रतिभागी, 11 पर्यवेक्षक और 21 सुविधा-प्रदाता शामिल हुए। इस अभ्यास ने क्षेत्रीय मुश्किलों के बावजूद सीएमएफ साझेदार के बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण और संचालन समन्वय बनाए रखने की योग्यता दिखाई।
ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2, जो 20 से 23 जुलाई 2026 तक दक्षिण नौसेना कमान, कोच्चि में आयोजित हुआ, भारत की मेजबानी में पहला बड़ा सीएमएफ प्रशिक्षण अभ्यास था। इस अभ्यास में 27 देशों के 276 कर्मियों ने हिस्सा लिया और लगभग 3,800 घंटे का प्रशिक्षण हुआ, जिससे यह सीटीएफ 154 द्वारा अपनी स्थापना के बाद से किया गया सबसे बड़ा समुद्री क्षेत्र उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम बन गया। इस अभ्यास ने हिस्सा लेने वाले देशों को भारतीय नौसेना के विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण लेने और एडवांस्ड सिमुलेटर व ऑपरेशनल प्लेटफॉर्म के बारे में जानने का मौका दिया, जिससे भारत में पहले से मौजूद नौसेना प्रशिक्षण अवसंरचना और बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण ज़रूरतों को समर्थन देने की क्षमता पर रोशनी पड़ी।
(https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2288511)
20 स्टाफ उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम ने आज की समुद्री सुरक्षा चुनौतियों की एक बड़ी श्रृंखला को संबोधित किया, जिसमें समुद्री क्षेत्र जागरूकता, समुद्री कानून और कानून प्रवर्तन, सूचना साझा करना, समुद्री लूट से मुकाबला, समुद्री अपराध जांच, साइबर सहनीयता, नई तकनीकें, बहुराष्ट्रीय संचालन योजना-निर्माण, नेतृत्व और व्यक्तिगत सहनीयता शामिल हैं। भारतीय नौसेना, सीएमएफ टास्क फोर्स, साझेदार राष्ट्रों, क्षेत्रीय समुद्री एजेंसियों और विशेषज्ञ संस्थानों की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए, इस कार्यक्रम ने संचालन अनुभव और विशेष ज्ञान के आदान-प्रदान को आसान बनाया। खास बात यह रही कि इस अवधि में सीएमएफ ट्रेनिंग फ्रेमवर्क में पहली बार समर्पित 'ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स' सत्र आयोजित किया गया और सीएमएफ का अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण के एक न्यायाधीश के साथ पहला पेशेवर संबंध भी स्थापित हुआ।
अंतिम बड़ी प्रशिक्षण गतिविधि एसपीएआर 2026 थी, जो 05 और 06 अक्टूबर 2026 को आयोजित की गई। इस पहले आदान-प्रदान में 25 देशों के 135 प्रतिभागियों के साथ-साथ सुविधा-प्रदाता शामिल थे और इसमें 19 संगठनों और विशेषज्ञ टीमों का योगदान रहा। इस पहल ने संचालन समुद्री-लूट रोधी बलों, समुद्री कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सूचना साझा करने वाली संस्थाओं, कानूनी विशेषज्ञों, तकनीक प्रदाताओं और समुद्री उद्योग के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया, ताकि वे बढ़ते समुद्री डकैती खतरे और आधुनिक समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा कर सकें।
कमान अवधि के दौरान, सीटीएफ 154 ने क्षेत्रीय साझेदारों और विशिष्ट संस्थानों के साथ अपने जुड़ाव का विस्तार भी किया। नैरोबी में पाँचवीं क्षेत्रीय समुद्री कानून प्रवर्तन संवाद में भागीदारी और रॉयल बहरीन नेवल फोर्स के साथ बातचीत ने समुद्री कानून प्रवर्तन, उभरती प्रशिक्षण आवश्यकताओं और भविष्य के सहयोग के रास्तों पर चर्चाओं को सुविधाजनक बनाया।
भारत ने 2022 में सहायक साझेदार के रूप में संयुक्त समुद्री बल में शामिल हुआ और 2023 में पूर्ण सदस्य बन गया। सीटीएफ 154 की अपनी पहली कमान को सफलतापूर्वक पूरा करने से भारत की बहुराष्ट्रीय समुद्री साझेदारी में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस कार्यकाल ने भारतीय नौसेना की क्षमता को दिखाया कि वह बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण पहलों की योजना बना सकती है, समन्वय कर सकती है और उन्हें लागू कर सकती है, साथ ही विभिन्न देशों, संस्थानों और संचालन विशेषज्ञताओं को साझा समुद्री सुरक्षा उद्देश्यों के समर्थन में एक साथ ला सकती है।
सफल कार्यकाल भारत की क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में बढ़ते योगदान को सुदृढ़ करता है और भारतीय नौसेना की एक पसंदीदा सुरक्षा और प्रशिक्षण भागीदार के रूप में भूमिका को रेखांकित करता है, जो समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने और एक सुरक्षित, स्थिर और नियम-आधारित समुद्री वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।




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पीके/केसी/आरटी/जेके
(रिलीज़ आईडी: 2323657)
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