ग्रामीण विकास मंत्रालय
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इस वर्ष 6 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा


ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रशिक्षण मानकों, संस्थागत क्षमता, सेटलमेंट, युवाओं को वित्तीय संस्थानों से जोड़ने (क्रेडिट लिंकेज) और ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थानों की निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय आरयूडीएसईटीआई अकादमी (एनएआर) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

प्रविष्टि तिथि: 12 OCT 2026 10:27PM by PIB Delhi

ग्रामीण उद्यमिता को मजबूत करने और स्थायी आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) ने आज राष्ट्रीय आरयूडीएसईटीआई (एनएआर) अकादमी के साथ एक समान प्रशिक्षण मानक स्थापित करने, गुणवत्तापूर्ण प्रशासन सुनिश्चित करने और देश में ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (आरएसईटीआई) में व्यवस्थित क्षमता निर्माण की सुविधा के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

12 अक्टूबर 2026 को ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री रोहित कंसल की उपस्थिति में एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। यह समझौता ज्ञापन (एमओयू) ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग में संयुक्त सचिव (ग्रामीण कौशल) श्री एस. शशिकुमार और राष्ट्रीय आरयूडीएसईटीआई (एनएआर) अकादमी के महानिदेशक श्री राजू एन. कोरी के बीच आदान-प्रदान किया गया।

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इस साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य कौशल पंजी के माध्यम से उम्मीदवार पंजीकरण में सुधार करना और आधार-सक्षम बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) के माध्यम से आधार-आधारित चेहरे के प्रमाणीकरण को बेहतर बनाना होगा। साथ ही आरएसईटीआई के माध्यम से  दिए जाने वाले प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रासंगिāकता को को भी बेहतर बनाना बढ़ाना होगा।

इसमें राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप नए युग के पाठ्यक्रमों को लागू करना, उद्योग जगत की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण सहायता और उपकरणों को अपनाना और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अधिसूचित कोर उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) पाठ्यक्रमों का वितरण शामिल होगा।

यह साझेदारी एकीकृत पोर्टल (kaushal.rural.gov.in) के माध्यम से प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण (टीओटी) मूल्यांकन और प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों के प्रमाणन और मंत्रालय द्वारा अधिसूचित सामान्य मानदंडों के अनुपालन को भी मजबूती प्रदान करेगी। वर्तमान वर्ष के लिए आरएसईटीआई को 6.35 लाख ग्रामीण युवाओं के प्रशिक्षण का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें महिलाएं, एससी/एसटी, पीडब्ल्यूडी और दूसरे कमज़ोर वर्गों के लोग शामिल हैं, जो पिछले वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित प्रशिक्षण लक्ष्य से अधिक है। 

यह समझौता ज्ञापन प्रशिक्षण की बेहतर गुणवत्ता, संस्थागत क्षमता, डिजिटल शासन और परिणाम-उन्मुख निगरानी के माध्यम से आरएसईटीआई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कौशल विकास उद्यमिता और स्थायी आजीविका के बीच की कड़ी को मजबूत करके यह साझेदारी व्यावहारिक उद्यम स्थापित करने और समावेशी ग्रामीण आर्थिक विकास में योगदान करने के लिए ग्रामीण युवाओं की क्षमता को बढ़ाने का प्रयास करती है।

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यह समझौता ज्ञापन आर. एस. ई. टी. आई. पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और ग्रामीण कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन और आजीविका सृजन में इसकी भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल कौशल विकास, उद्यम सृजन और सतत आजीविका के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के व्यापक उद्देश्यों के साथ संरेखित है, जो विकसित भारत के दृष्टिकोण में योगदान देता है।

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पीके/केसी/आरटी/आरकेजे


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