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पीएम स्मृति चिह्नों के 8वें संस्करण में कर्नाटक की अनेक अभिव्यक्तियां


पीएम स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी में कर्नाटक के 30 स्मृति चिह्न इसकी विविध परंपराओं, शिल्प, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन उपलब्धियों को दर्शाते हैं

प्रविष्टि तिथि: 06 OCT 2026 7:35PM by PIB Delhi

पीएम स्मृति चिह्नों के 8वें संस्करण में कर्नाटक का संग्रह भारत की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत की विविधता का प्रमाण है, जो न केवल पूरे भारत में, बल्कि स्वयं कर्नाटक राज्य के भीतर भी दिखाई देती है।

यह संग्रह कर्नाटक के सांस्कृतिक परिदृश्य की विविध विशिष्ट अभिव्यक्तियों को एक साथ प्रस्तुत करता है।

सरस्वती का अवतार मानी जाने वाली देवी शारदाम्बा का स्मृति चिह्न श्रृंगेरी के ज्ञान और भक्ति के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंध को दर्शाता है, जबकि संत सेवालाल से संबंधित कलाकृतियां बंजारा समुदाय की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रतिबिंबित करती हैं।

 

 

किन्नाल कला और बिदरीवेयर की कलाकृतियां कर्नाटक की समृद्ध शिल्प कौशल परंपरा को उजागर करती हैं, जबकि कंबाला महोत्सव की फोटो प्रिंट एक जीवंत ग्रामीण परंपरा को दर्शाती है। मैसूर पेटा और अन्य पारंपरिक पगड़ियां पहचान, सम्मान और उत्सव की परंपराओं को प्रतिबिंबित करते हुए इसमें एक और आयाम जोड़ती हैं।

यह संग्रह एक ऐसे कर्नाटक की झलक भी प्रस्तुत करता है, जिसकी जड़ें अपनी विरासत में बहुत गहरी हैं, फिर भी वर्तमान से मजबूती से जुड़ा हुआ है। पैरालंपिक पदक विजेता सुहास यतिराज के हस्ताक्षर वाला बैडमिंटन रैकेट, समकालीन कलाकृतियों और श्री मधुसूदन साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च के प्रतिकृति स्केल मॉडल के साथ, वर्तमान की उपलब्धियों को भी इस परिप्रेक्ष्य में शामिल करता है।

एक साथ देखें तो ये 30 स्मृति चिह्न कर्नाटक की वस्तुओं के महज एक संग्रह से कहीं अधिक हैं। वे एक ही राज्य के भीतर मौजूद अनेक सांस्कृतिक संसारों की झलक प्रस्तुत करते हैं और इस प्रकार भारत की विविधता की व्यापक समृद्धि को प्रतिबिंबित करते हैं। पीएम स्मृति चिह्नों की नीलामी एक ऐसा मंच बन जाती है, जहां भारत की इन विविध अभिव्यक्तियों को एक साथ लाया जा सकता है, संरक्षित किया जा सकता है और उस अवसर से परे साझा किया जा सकता है, जिसके लिए उन्हें बनाया या प्रस्तुत किया गया था।

पीएम स्मृति चिह्नों का 8वां संस्करण वर्तमान में जारी है और इसे 31 अक्‍तूबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे परियोजना के लिए उपयोग की जाएगी।

इच्छुक बोलीदाता आधिकारिक पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी पोर्टल: https://pmmementos.gov.in के माध्यम से अपनी बोली ऑनलाइन लगा सकते हैं।

 

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पीके/केसी/आरटी/पीके


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