सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 'स्वच्छता से सभ्यता' सत्र का आयोजन किया


सत्र का आयोजन स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज़ के सहयोग से किया गया

सत्र में स्वच्छता, आंतरिक मूल्यों एवं जन-भागीदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया

प्रविष्टि तिथि: 25 SEP 2026 7:39PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने आज नई दिल्ली में मंत्रालय के 'मनन' सम्मेलन कक्ष में ब्रह्माकुमारीज़ के सहयोग से 'स्वच्छता से सभ्यता' नामक एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया।

यह सत्र स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसे जन भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करते हुए 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक पूरे देश में चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए, ब्रह्माकुमारीज़ की सिस्टर विद्यार्थी ने आंतरिक मूल्यों और आस-पास की स्वच्छता के बीच संबंध के बारे में बात की।

उन्होंने 'जैसी अवस्था, वैसी व्यवस्था' के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए समझाया कि किसी व्यक्ति की मनःस्थिति ही उसके आस-पास की व्यवस्था का निर्धारण करती है, चाहे वह घर हो, कार्यस्थल हो या व्यापक समाज हो।

सिस्टर विद्यार्थी ने 'सफाई ही ईश्वर-भक्ति है' वाली कहावत का उल्लेख करते हुए प्रतिभागियों को सफ़ाई को अपनी नागरिक ज़िम्मेदारियों के साथ-साथ आत्म-सम्मान एवं आंतरिक पवित्रता से जुड़ी एक आदत के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने प्रकृति के प्रति सम्मान, सामाजिक संवेदनशीलता और सरल जीवन पर बल दिया और कहा कि स्थायी शारीरिक स्वच्छता, विचारों, वाणी एवं आचरण की स्वच्छता से ही संभव होती है।

सिस्टर विद्यार्थी ने पुनर्चक्रण को एक व्यावहारिक आदत के रूप में रेखांकित किया, जो संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देती है और बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन में योगदान करती है।

सत्र के अंत में, विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरे साल अपने कार्यस्थलों एवं समुदायों में सफ़ाई बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

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पीके/केसी/आरटी/एके


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