रक्षा मंत्रालय
ऑपरेशन दृष्टि: सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा ने नियंत्रण रेखा के पास तंगधार में आयोजित दो दिवसीय मेगा नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर के दौरान आंखों की रोशनी बहाल करने वाली 220 सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कीं
प्रविष्टि तिथि:
25 SEP 2026 5:46PM by PIB Delhi
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास कुपवाड़ा के तंगधार में 24 और 25 सितंबर, 2026 को ऑपरेशन दृष्टि के तहत अपनी तरह के पहले मेगा नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर के 10वें संस्करण का आयोजन किया गया। गोलाबारी की आशंका वाले इस क्षेत्र में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) के सर्जनों ने दो दिवसीय शिविर के दौरान आंखों की रोशनी बहाल करने वाली 220 सफल सर्जरी पूरी कीं। इनमें अधिकांश शल्य चिकित्साएं मोतियाबिंद से संबंधित थीं। इसके अलावा, रेटिना से जुड़ी कुछ प्रक्रियाएं और कम चीर-फाड़ वाली ग्लूकोमा सर्जरी भी की गईं।


इन दो दिनों के दौरान थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने शिविर का दौरा किया। उन्होंने मरीजों से बातचीत की और उन्हें दवाइयां तथा उपहार वितरित किए। महानिदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा-डीजीएएफएमएस एयर मार्शल संदीप थरेजा ने भी शिविर का दौरा किया और सर्जनों तथा स्थानीय टीम के उत्कृष्ट कौशल एवं प्रयासों की सराहना की।

इस शिविर की अगुवाई दिल्ली कैंटोनमेंट के आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) में ऑप्थल्मोलॉजी (आंखों के इलाज) विभाग के हेड ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा ने की। उनकी टीम एडवांस्ड फैकोइमल्सीफिकेशन, विट्रियोरेटिनल और ग्लूकोमा के उपकरण पहाड़ी इलाकों में ले गई। खावरपोरा, तंगदार, टड, बागबेला, यांगदार और आस-पास के गांवों के रोगी स्क्रीनिंग तथा ‘रेडियो रूह-ए-करनाह’ पर प्रसारण के बाद यहां पहुंचे। भारतीय सेना ने उनके आने से लेकर ठीक होने तक हर कदम पर उनकी मदद की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर एएफएमएस द्वारा आयोजित बड़े पैमाने पर नेत्र शल्य चिकित्सा शिविरों की श्रृंखला के तहत अब तक एक लाख 50 हजार से अधिक मरीजों की जांच की जा चुकी है। इस दौरान 10 शहरों में तीन हजार 500 से अधिक नेत्र शल्य चिकित्सा की गई हैं। इस श्रृंखला का 11वां शिविर 27 से 29 सितंबर, 2026 तक श्रीनगर में आयोजित किया जाएगा। 30 सितंबर, 2026 को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा औपचारिक समापन समारोह में शामिल होंगे।
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पीके/केसी/आरटी/एनके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2315052)
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