आयुष
11वां आयुर्वेद दिवस 2026: आयुष संस्थानों ने देशभर में जागरूकता, स्वास्थ्य और सामुदायिक पहुंच से जुड़ी गतिविधियां आयोजित कीं
प्रविष्टि तिथि:
24 SEP 2026 10:01PM by PIB Delhi
आयुष संस्थानों द्वारा देशभर में 11वां आयुर्वेद दिवस 2026 आयोजित जन-जागरूकता, सामुदायिक पहुंच, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और विद्यार्थियों की भागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मनाया गया।
केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), झांसी
केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), झांसी ने आयुर्वेद शपथ और योग शिविर, शैक्षणिक भ्रमण, स्वच्छता एवं औषधीय पौधारोपण अभियान, “आयुर्वेद के लिए दौड़”, वेबिनार, जन-जागरूकता कार्यक्रम तथा चित्रकला, रंगोली और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, कर्मचारियों और आम जनता को आयुर्वेद, योग और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक किया गया।

आर.आर.ए. पोद्दार केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरआरएपी-सीएआरआई), मुंबई
आर.आर.ए. पोद्दार केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरआरएपी-सीएआरआई), मुंबई ने “आयुर्वेद में अनुसंधान नवाचार, पेटेंट और उद्यमिता” विषय पर वेबिनार आयोजित किया। इसके अलावा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए आयुष स्वास्थ्य कार्यक्रम और खारघर में आयुर्वेद वॉकाथॉन का आयोजन किया गया, जिसमें 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। संस्थान ने आयुर्वेद आहार पाक कला प्रतियोगिता, स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, आयुष खाद्य महोत्सव और स्वच्छता गतिविधियां भी आयोजित कीं। इसके अलावा 100 से अधिक औषधीय पौधों के पौधे वितरित किए गए। समारोह का समापन 23 सितंबर को समापन कार्यक्रम के साथ हुआ

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), गंगटोक
क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), गंगटोक ने ताडोंग स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में आयुर्वेद दिवस मनाया। इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी, सोवा-रिग्पा और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों से जुड़े शोधकर्ताओं, स्वास्थ्य पेशेवरों और विद्वानों ने भाग लिया। तकनीकी सत्रों में स्वास्थ्य एवं कल्याण तथा समकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों में आयुर्वेद की भूमिका पर चर्चा की गई। इससे विभिन्न पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों से जुड़े चिकित्सकों और विद्वानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), कोलकाता
केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), कोलकाता ने औषधीय पौधों और कच्ची औषधियों की प्रदर्शनियां, योग प्रदर्शन, सूचना, शिक्षा और संचार सामग्री का वितरण, चिकित्सा शिविर, आयुष आहार महोत्सव तथा रंगोली, स्लोगन, पोस्टर और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। संस्थान ने आकाशवाणी और दूरदर्शन के माध्यम से भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इसके अलावा आयुर्वेद के माध्यम से बुजुर्गों की स्वास्थ्य देखभाल पर वेबिनार आयोजित किया गया। समारोह का समापन धन्वंतरि पूजा और आयुर्वेद, वैज्ञानिक अनुसंधान, साक्ष्य आधारित स्वास्थ्य देखभाल तथा समग्र कल्याण पर केंद्रित कार्यक्रम के साथ हुआ।

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), अहमदाबाद
क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), अहमदाबाद ने आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली, आहार और रोगों की रोकथाम पर जन-जागरूकता व्याख्यान आयोजित किए। इसके साथ ही पोस्टर निर्माण और रंगोली प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। श्री बालहनुमान आयुर्वेद कॉलेज, लोदरा और सरकारी अखंडानंद आयुर्वेद कॉलेज, अहमदाबाद के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए आयुर्वेद प्रश्नोत्तरी और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। संस्थान ने भारतीय रिजर्व बैंक, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और ओएनजीसी के कर्मचारियों के लिए आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली पर संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए।

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), ईटानगर
क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), ईटानगर ने जागरूकता व्याख्यान और “11वें आयुर्वेद दिवस के साथ सेल्फी” अभियान आयोजित किया। 9 से 23 सितंबर के बीच 134 औषधीय पौधों के पौधे भी वितरित किए गए। संस्थान ने पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर 2, चिम्पू में स्वास्थ्य शिविर, निबंध प्रतियोगिता और हर्बल गार्डन पहल आयोजित की। इसके अलावा वेबिनार, औषधीय पौधों की प्रदर्शनी और स्वच्छता अभियान भी चलाया गया, जिसमें विद्यार्थियों, मरीजों, आगंतुकों और व्यापक समुदाय की भागीदारी रही।
क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), ग्वालियर
क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), ग्वालियर ने 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर व्याख्यान, जन-जागरूकता गतिविधियां, औषधीय पौधों का वितरण और प्रदर्शनियां, “आयुर्वेद के लिए दौड़” तथा स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली अन्य गतिविधियां आयोजित कीं। इन गतिविधियों में स्वस्थ जीवनशैली, रोगों की रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य में आयुर्वेद की भूमिका पर जोर दिया गया। साथ ही आयुर्वेदिक सिद्धांतों को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ जोड़ने और साक्ष्य आधारित ज्ञान को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया गया। समारोह का समापन 23 सितंबर को धन्वंतरि पूजा के साथ हुआ, जिसमें संस्थान के अधिकारी, वैज्ञानिक, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हुए।

पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान (एनईआईएएच), शिलांग
पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान (एनईआईएएच), शिलांग ने 9 से 23 सितंबर के बीच विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं। इनमें निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, औषधीय पौधों और पौधारोपण अभियान, विद्यार्थियों से जुड़ी गतिविधियां, योग सत्र, शैक्षणिक व्याख्यान, प्रतियोगिताएं और जन-जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे। कार्यक्रम में आयुष खाद्य महोत्सव, ओपन डे, रेडियो वार्ता, औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता अभियान और विद्यार्थियों के लिए रील निर्माण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसका समापन धन्वंतरि पूजा, पौधारोपण अभियान और समापन कार्यक्रम के साथ हुआ।

राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान (एनआईएन), पुणे
राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान (एनआईएन), पुणे ने अपने निसर्ग ग्राम परिसर में पौधारोपण अभियान आयोजित किया। एनआईएन की निदेशक प्रो. (डॉ.) गीता शेट्टी ने अभियान का उद्घाटन किया। संकाय सदस्यों और विशेषज्ञों ने बिल्व, शतावरी, अर्जुन, गुडूची और घृतकुमारी (एलोवेरा) सहित औषधीय पौधे लगाए।

आयुर्वेद उपचार केंद्र, सफदरजंग अस्पताल, सीसीआरएएस-सीएआरआई, नई दिल्ली
11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयुर्वेद उपचार केंद्र (एटीसी), सफदरजंग अस्पताल, सीसीआरएएस-सीएआरआई, नई दिल्ली ने 23 सितंबर 2026 को “भारत में चिकित्सा की वैकल्पिक प्रणालियां” विषय पर शैक्षणिक व्याख्यान आयोजित किया। सफदरजंग अस्पताल के एटीसी के प्रभारी डॉ. शिवशंकर राजपूत ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के प्रथम वर्ष के 164 एमबीबीएस विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को व्याख्यान दिया।
सत्र में आयुर्वेद, इसके मूल सिद्धांतों और उपचार पद्धतियों तथा समकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी प्रासंगिकता की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को आयुष मंत्रालय की भूमिका और संगठनात्मक संरचना, उसकी प्रमुख पहलों और योजनाओं, महत्वपूर्ण सुधारों तथा आयुर्वेद के क्षेत्र में चल रही अनुसंधान गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी गई।

देशभर में आयोजित इन गतिविधियों से “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” विषय के तहत जन स्वास्थ्य जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली, पोषण, शैक्षणिक भागीदारी, वैज्ञानिक अनुसंधान और सामुदायिक पहुंच पर आयुष संस्थानों के ध्यान को रेखांकित किया गया।
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पीके / केसी / आरटी/ केजे/
(रिलीज़ आईडी: 2314682)
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