वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
डीपीआईआईटी स्वच्छता, लंबित मामलों को कम करने और रिकॉर्ड के बेहतर प्रबंधन पर केंद्रित एक विशेष अभियान चलाएगा
विशेष अभियान 6.0 का उद्देश्य सतत् स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालय के स्थान के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना
प्रविष्टि तिथि:
23 SEP 2026 7:17PM by PIB Delhi
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6.0 चलाएगा। इस अभियान का उद्देश्य विभाग और उससे संबद्ध, अधीनस्थ और स्वायत्त संगठनों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना, लंबित मामलों को कम करना, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन, ज़िम्मेदारी से इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) का निपटान करना और कार्यालय के स्थान का सुव्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करना है।
यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। 15 से 30 सितंबर 2026 तक चलने वाले तैयारी चरण में लक्ष्यों की पहचान, रिकॉर्ड और लंबित मामलों की समीक्षा करने और मुख्य अभियान के दौरान स्वच्छता अभियानों तथा निपटान कार्यों की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
विशेष अभियान 6.0 का लक्ष्य डीपीआईआईटी और देश भर में स्थित उनके फील्ड और शाखा कार्यालय सहित उससे संबद्ध, अधीनस्थ तथा स्वायत्त संगठनों के कार्यालय परिसरों में पूरी तरह से स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इस अभियान में डीपीआईआईटी के प्रशासनिक नियंत्रण वाले सभी 19 संबद्ध, अधीनस्थ और स्वायत्त संगठन शामिल होंगे।
डीपीआईआईटी ने विशेष अभियान 5.0 में व्यापक स्तर पर भाग लिया था और स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, लंबित मामलों को कम करने और स्थान के उपयोग में उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए थे। अभियान के दौरान, 1,572 वास्तविक (फिजिकल) फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 1,119 फाइलों को रिकॉर्ड के लिए सुरक्षित रखने की निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार हटा दिया गया। बेकार रिकॉर्ड और कबाड़ के निपटान से कार्यालय में 11,235 वर्ग फुट स्थान खाली हुआ और 17,69,569 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
विभाग ने अपने चिह्नित लंबित मामलों के लक्ष्यों पर भी काम किया, जिसमें जन शिकायतों और जन शिकायत अपीलों का निपटान, के साथ ही नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए पहचाने गए क्षेत्र शामिल थे। इन पहलों ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता, तत्परता और समग्र कार्य अनुभव को बेहतर बनाने में योगदान दिया।
इन परिणामों के आधार पर विशेष अभियान 6.0 में टिकाऊ सफाई के तरीकों, व्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन और सरकारी कार्यालय के स्थान के बेहतर उपयोग पर अधिक ज़ोर दिया जाएगा। मुख्य फोकस वाले क्षेत्रों में कार्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में पूरी तरह से सफाई सुनिश्चित करना, निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित मामलों की पहचान और उनका निपटान करना, रिकॉर्ड रखने के नियमों के अनुसार रिकॉर्ड की समीक्षा और छंटाई, प्राधिकृत चैनलों के माध्यम से ई-वेस्ट का प्रभावी संग्रह, उसे अलग-अलग करना और निपटान, बेकार और अनुपयोगी चीज़ों तथा कबाड़ का निपटान, कार्यालय के स्थान का बेहतर इस्तेमाल और उसे खाली करना, कार्यस्थल की सुंदरता, सफाई और कार्यक्षमता में सुधार और टिकाऊ तथा पर्यावरण के अनुकूल तरीकों को संस्थागत बनाना शामिल होगा।
ई-वेस्ट प्रबंधन पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा, जिसमें प्राधिकृत एजेंसियों के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल कचरे की सही पहचान करना, अलग-अलग करना, संग्रह और निपटान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इससे बेकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का पर्यावरण के अनुकूल निपटान सुगम होने के साथ ही साफ-सुथरे और बेहतर तरीके से व्यवस्थित सरकारी कार्यस्थलों को बढ़ावा मिलेगा।
यह अभियान डीपीआईआईटी के संगठनों को ऐसे नए और अनुकरणीय समाधान अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा जो स्थिरता और सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों को बढ़ावा देते हैं। इस संबंध में एक उदाहरण डीपीआईआईटी के तहत एक स्वायत्त संगठन, भारतीय रबर सामग्री अनुसंधान संस्थान (आईआरएमआरआई) द्वारा शुरू की गई "वेस्ट टू वेल्थ" पहल है। इस पहल के तहत, बेकार रबर के कबाड़ का इस्तेमाल सड़क के एक हिस्से और पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए किया गया, जिसमें वेस्ट रबर टाइल्स और क्रंब रबर सीमेंट कंक्रीट (सीआरसीसी) का उपयोग किया गया और सीमेंट-कंक्रीट मिश्रण में लगभग 10-15 प्रतिशत वेस्ट रबर के कणों को शामिल किया गया। सड़क के निष्पादन की वैज्ञानिक रूप से मजबूती, लचीलेपन और टिकाऊपन जैसे मापदंडों के आधार पर निगरानी की गई।
विशेष अभियान 6.0 के दौरान ऐसे नए तरीकों को व्यापक रूप से अपनाने और जहां भी संभव हो, इनका अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
विशेष अभियान 6.0 के माध्यम से, डीपीआईआईटी और इसके संगठन अपने कार्यालयों में स्वच्छता, कार्यक्षमता, जवाबदेही और सुशासन की संस्कृति सुदृढ़ करने के लिए ठोस प्रयास करेंगे। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी होगा कि प्राप्त परिणाम, अभियान की अवधि के बाद भी कायम रहें और संस्थागत रूप लें, ताकि साफ-सुथरे, अधिक कुशल, टिकाऊ और नागरिक-केंद्रित सरकारी कार्यस्थलों के निर्माण में योगदान मिल सके।
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पीके/केसी/आरटी/एमके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2314154)
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