सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे : योजना के तहत 30 लाख कारीगर पंजीकृत हुए


पीएम विश्वकर्मा की तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर 2026 को कोलकाता में मनाई जाएगी

केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी समारोह में उपस्थित रहेंगे

प्रविष्टि तिथि: 16 SEP 2026 12:47PM by PIB Delhi

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर, 2026 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोणो धान्यो सभागार में मनाई जाएगी। यह आयोजन इस योजना के कार्यान्वयन के तीन वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को व्यापक और संपूर्ण सहायता प्रदान करना तथा उनकी आजीविका एवं उद्यमशीलता क्षमताओं को मजबूत करना है।

भारत सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं वस्त्र विभाग के केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर भारत सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं वस्त्र राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे भी उपस्थित रहेंगी। पश्चिम बंगाल सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं वस्त्र विभाग के प्रभारी मंत्री श्री दीपक बर्मन और पश्चिम बंगाल सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं वस्त्र राज्य मंत्री श्री अशोक दिंडा भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

भारत सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, विकास आयुक्त कार्यालय (एमएसएमई), खादी और ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी), राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी), राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) और इंडिया पोस्ट के प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

इस कार्यक्रम में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी, ग्राम पंचायतों/शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के प्रतिनिधि, सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी)/ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक शामिल होंगे। स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न स्टालों की एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिससे उन्हें अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए एक मंच मिलेगा।

पीएम विश्वकर्मा के तीन वर्ष

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता प्रदान करना है। इस योजना का लक्ष्य विश्वकर्माओं को संस्थागत सहायता, आधुनिक उपकरण, वित्त तक पहुंच, कौशल उन्नयन और बाजार संपर्क प्रदान करके उनके पारंपरिक कौशल को मजबूत करना है, जिससे वे अपनी उत्पादकता, आय और उद्यमशीलता क्षमता को बढ़ा सकें।

इस योजना में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाणपत्रों और पहचान पत्रों के माध्यम से मान्यता, कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन सहायता सहित व्यापक सहायता पैकेज प्रदान किया गया है।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के शुभारंभ के तीन वर्षों के भीतर ही एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, निर्धारित तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है, जिससे योजना के तहत पंजीकरण का लक्ष्य प्राप्त हो गया है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।

इस योजना के ऋण घटक के तहत, 6.18 लाख विश्वकर्माओं को 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की रियायती ब्याज दर पर एक लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया गया है, जिसकी कुल राशि 5,297 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट इंडिया पोस्ट के माध्यम से विश्वकर्माओं के घर तक पहुंचाए गए हैं, जिससे कारीगरों को बेहतर उपकरण अपनाने और अपने काम की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिली है।

पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा

पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया। तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद पहले ही 3,000 लाभार्थी सफलतापूर्वक पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीकृत लाभार्थियों को वर्तमान में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

कोलकाता में आयोजित होने वाले तीसरे वर्षगांठ समारोह में लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र, बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, ऋण प्रमाण पत्र और टूलकिट वितरित किए जाएंगे। यह आयोजन विश्वकर्माओं की उपलब्धियों को पहचानने और उनका जश्न मनाने का अवसर प्रदान करेगा और जमीनी स्तर पर योजना के प्रभाव को उजागर करेगा।

इन समारोहों में कारीगरों और शिल्पकारों के पारंपरिक कौशल, उत्पादों और उद्यमशीलता की क्षमता का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिससे उन्हें व्यापक बाजारों और अवसरों से जुड़ने के लिए एक मंच मिलेगा।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा की तीसरी जयंती सरकार के उन निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिनका उद्देश्य पारंपरिक कौशल को संरक्षित और बढ़ावा देना, कारीगरों को आधुनिक उपकरणों और कौशल युक्‍त करना, संस्थागत ऋण और बाजारों तक पहुंच को सुगम बनाना और विश्वकर्माओं को स्थायी आजीविका बनाने और सफल उद्यमी के रूप में उभरने में सक्षम बनाना है।

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पीके/केसी/जेके/जीआरएस

 


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