मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (डीसीडी) ने दिल्ली में लंपी स्किन डिजीज की स्थिति की समीक्षा की। समन्वित टीकाकरण और रोग नियंत्रण उपायों पर जोर दिया

प्रविष्टि तिथि: 13 SEP 2026 6:22PM by PIB Delhi

भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने आज दिल्ली पशुपालन प्राधिकरण के समन्वय से दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) की स्थिति की समीक्षा की। इस समीक्षा में रोग की वर्तमान स्थिति, टीकाकरण , निगरानी, ​​उपचार और रोकथाम एवं रोग नियंत्रण उपायों को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

13 सितंबर, 2026 को पशुपालन आयुक्त (एएचसी), डॉ. नवीन बी. महेश्वरप्पा ने दिल्ली पशुपालन अधिकारियों के साथ रोग की स्थिति की समीक्षा की और निरंतर टीकाकरण, सक्रिय निगरानी और रोग नियंत्रण उपायों के समय पर कार्यान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने गौशालाओं और आवारा पशुओं के प्रभावी प्रबंधन और टीकाकरण तथा जैव सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) तथा अन्य हितधारकों के साथ  समन्वय पर भी बल दिया।

दिल्ली में एलएसडी छिटपुट रूप से फैल रहा है और फिलहाल नियंत्रण में है। प्रभावित पशुओं में रोग की गंभीरता कम है और वे जल्दी ठीक हो रहे हैं। प्रभावित पशुओं में किसी की मृत्यु नहीं हुई है। 13 सितंबर 2026 तक , लगभग 584 सक्रिय मामले सामने आए हैं जिनमें मुख्य रूप से बिना टीकाकरण वाले और संवेदनशील पशु शामिल हैं जैसे कि सह-रोगग्रस्त, कमजोर पोषण स्थिति वाले या तनावग्रस्त पशु।

2026 के दौरान दिल्ली में 45,950 से अधिक जानवरों को एलएसडी के खिलाफ टीका लगाया गया है। टीकाकरण और अन्य रोग नियंत्रण उपाय जारी हैं जिनमें समय पर टीकाकरण, निगरानी, ​​संक्रमित जानवरों को अलग रखना, वेक्टर नियंत्रण, कीटाणुशोधन और जैव सुरक्षा पर जोर दिया गया है।

समीक्षा के दौरान, डीएएचडी ने दिल्ली अधिकारियों को टीकाकरण, उपचार और पशु प्रबंधन पर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया और आवारा पशुओं के प्रभावी प्रबंधन और टीकाकरण, प्रभावित पशुओं के अलगाव, वेक्टर नियंत्रण, कीटाणुशोधन/स्वच्छता और जैव सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), गौशालाओं और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय को मजबूत करने की सलाह दी जिसमें आवागमन नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों में भौतिक चेक-पोस्ट की स्थापना भी शामिल है।

पशुपालकों, स्थानीय प्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठनों, स्कूलों और अन्य हितधारकों को शामिल करते हुए व्यापक जागरूकता गतिविधियों पर भी जोर दिया गया ताकि टीकाकरण और पशुपालन की अच्छी प्रथाओं को बढ़ावा दिया जा सके।

विभाग राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखता है, स्थिति की नियमित समीक्षा करता है और एलएसडी की प्रभावी रोकथाम, नियंत्रण और रोकथाम के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करता है। देश भर में इस बीमारी की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

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पीके/केसी/एनकेएस


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